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शिकारियों के हाथों छलनी वन्यप्राणियों की खाल के लिए म्यूजियम बनाने की तैयारी, हाथी दांत से बनाएंगे ट्राॅफी

15 वर्षों के भीतर चार सौ से ज्यादा शेर, तेंदुआ, भालू सहित कई वन्यजीवों की खाल तस्करों से जब्त

शिकारियों के हाथों छलनी वन्यप्राणियों की खाल के लिए म्यूजियम बनाने की तैयारी, हाथी दांत से बनाएंगे ट्राॅफी
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रायपुर. वन विभाग के मालखाने में धूल खा रही तस्करों से जब्त वन्यजीवों की खाल का विभाग सदुपयोग करने प्लानिंग कर रहा है। विभाग के अफसर जब्त खालों की प्रदर्शनी के लिए नंदनवन विदेशी पक्षी विहार में म्यूजियम स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।

विभागीय अफसरों के मुताबिक पिछले 15 वर्षों में तस्करों के कब्जे से पुलिस तथा वन विभाग की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए वन्यजीवों की चार सौ से ज्यादा खालें जब्त की हैं। इसी तरह वन विभाग के पास अलग-अलग वनमंडलों में तस्करों के कब्जे से तथा मृत नर हाथियों के 20 जोड़ी से ज्यादा दांत हैं। वन विभाग के पास वर्तमान में जितनी खालें और हाथी दांत हैं, उनमें से ज्यादातर मामलों का कोर्ट से निपटारा हो गया है। ऐसे में इन खालों को वन्यजीव प्रेमी और आम लोगों के लिए म्यूजियम में रखकर प्रदर्शनी की योजना विभाग के अफसर बना रहे हैं। साथ ही म्यूजियम में आने वाले लोगों को वन्यजीवों की विशेषता बताने सहित वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन के संबंध में जानकारी देंगे। साथ ही लोगों के मन से हिंसक वन्यजीवों का खौफ समाप्त करने की कोशिश करेंगे।

इतनी खालें जब्त

एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ अरुण कुमार पाण्डेय के अनुसार अलग-अलग वनमंडलों में शेड्यूल-1 प्रजाति के वन्यजीव तेंदुआ की 40 से ज्यादा खालें, शेर की 7, भालू तथा अन्य प्रजाति के वन्यजीव हिरण, सांभर की चार सौ से ज्यादा खालें वन विभाग के मालखानों में रखी हुई हैं। इसमें शेर, तेंदुआ तथा भालू के नाखून और दांत भी शामिल हैं।

हाथी दांत का करेंगे ये उपयोग

धरमजयगढ़ वनमंडल में सर्वाधिक 16 जोड़ी हाथी दांत हैं। हाथी दांत की ट्राॅफी बनाकर वन अधिकारी अध्ययन करेंगे कि इसकी मारक क्षमता कैसी होती है। साथ ही हाथी दांत के माध्यम से हाथी की लंबाई और गोलाई, हाथी के स्वभाव और उसकी उम्र के बारे में अध्ययन करेंगे। इस तरह से हाथी दांत से कई और तरह के अध्ययन करने की बात वन विभाग के अफसर कह रहे हैं।

म्यूजियम बनाने की योजना

अलग-अलग वनमंडलों में चार सौ से ज्यादा वन्यजीवों की खालें हैं। इनकी प्रदर्शनी के लिए म्यूजियम बनाने की योजना है। साथ ही हाथी दांत की ट्राॅफी बनाकर उसके अध्ययन के साथ प्रदर्शनी की योजना है।

-अरुण कुमार पाण्डेय, एपीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ

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