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पेट्रोल- ड़ीजल की ज्यादा कीमतों के लिए केन्द्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी जिम्मेदार

नरेंद्र मोदी का 7 साल का कार्यकाल उठाकर देखा जाए तो हमेशा से वे सच्चाई से भागते रहे हैं। मनमानी तरीके से लागू की गई नोटबंदी और जीएसटी व अपने चंदपूंजीपति मित्रों के सहयोग करने की भावना के चलते ही देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के लिए केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी जिम्मेदार है।

Today Petrol Diesel Price : आज फिर लगी पेट्रोल-डीजल के दामों में आग, जानें अब कितनी और ढीली करनी पड़ेगी जेब
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पेट्रोल डीजल के दाम (प्रतीकात्मक फोटो)

कांग्रेस संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण के तत्काल बाद से लेकर आज तक नरेंद्र मोदी अपनी विफलताओं के लिए अपनी नाकामियों के लिए और जनता के साथ की हुई वादाखिलाफी से जनता का ध्यान भटकाने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाकर अपनी कमियों और खामियों को छिपाने में लगे हुए हैं। उनका कहना है सच्चाई यह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के लिए केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी जिम्मेदार है।

श्री त्रिवेदी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का 7 साल का कार्यकाल उठाकर देखा जाए तो हमेशा से वे सच्चाई से भागते रहे हैं। मनमानी तरीके से लागू की गई नोटबंदी और जीएसटी व अपने चंदपूंजीपति मित्रों के सहयोग करने की भावना के चलते ही देश की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है।

बैंक डूब रहे हैं। सरकारी कंपनियां बिक रही हैं और बैंक का पैसा लेकर देश छोड़कर भाग रहे हैं। देश महंगाई की मार झेल रही है। ऐसे में स्पष्ट हो गया कि मोदी सरकार के पास देश चलाने की क्षमता नहीं है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का ठीकरा पिछली सरकारों के माथे फोड़कर प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका झूठ से बहुत पुराना नाता अब भी बदस्तूर कायम है।

क्या एक्साइज ड्यूटी कम करने का साहस दिखाएगी केंद्र सरकार

श्री त्रिवेदी ने कहा है कि क्या मोदी सरकार केंद्रीय एक्साइज और कस्टम ड्यूटी में की गई भारी भरकम वृद्धि को वापस लेने का साहस दिखा पाएगी। दरअसल पेट्रोल और डीजल व रसोई गैस के दामों में बेतहाशा वृद्धि के लिए और इसके परिणाम स्वरूप परिवहन लागत में वृद्धि के कारण हो रही दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में बढ़ोतरी के लिए मोदी सरकार की गलत नीति ही जिम्मेदार हैं।

अपनी गलतियों का ठीकरा मोदी पूर्व की केंद्रीय सरकार पर थोपकर सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ सकते। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल क्रूड ऑयल की कीमत लगातार कम हुई है। यूपीए सरकार के समय क्रूड ऑयल की कीमत 107 डॉलर से अधिक हो चुकी थी जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में कच्चे तेल की औसत कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल से भी कम रही है लेकिन इसके बावजूद मोदी सरकार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

राज्यों को नुकसान

श्री त्रिवेदी ने कहा है कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में ढाई रुपए और चार रुपए कम करके इसे कृषि और इंफ्रा सेस के नाम पर वसूला जा रहा है। मोदी सरकार की इस कलाबाजी का सीधा नुकसान राज्यों को होगा। केंद्र सरकार का यह निर्णय राज्यों की अर्थव्यवस्था को खराब करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है।

एक्साइज ड्यूटी और कस्टम ड्यूटी जैसे करो के कुल राजस्व का इसका राज्यों को भी मिलता है। छत्तीसगढ़ को पहले ही जीएसटी की क्षतिपूर्ति राशि लगभग 3700 करोड और कोल की रॉयल्टी लगभग 4540 करोड़ व मनरेगा सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की राशि देना केंद्र सरकार को बाकी है। अब केंद्र सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को 900 से 1000 करोड़ से अधिक का सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में राज्यांश नुकसान होने जा रहा है।

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