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सांसद नेताम ने उठाई मांग: लक्ष्मण मंदिर और सीता बेंगरा राष्ट्रीय स्मारक घोषित हों, केंद्रीय मंत्री ने दिया ये जवाब

500 वर्ष पुराना ताजमहल को वर्ल्ड हेरिटेज साईट के रूप में देखा जाता है तो क्या 1500 पुराने इस मंदिर को सरकार द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साईट घोषित करने का विचार है। पढ़िये पूरी खबर-

सांसद नेताम ने उठाई मांग: लक्ष्मण मंदिर और सीता बेंगरा राष्ट्रीय स्मारक घोषित हों, केंद्रीय मंत्री ने दिया ये जवाब
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य सभा सांसद रामविचार नेताम ने आज राज्य सभा में तारांकित प्रशन के माध्यम से केंद्रीय संस्कृति मंत्री से सवाल किया है। कि छत्तीसगढ़ राज्य हमेशा से ही अपनी जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन राज्य में ऐसे कई क्षेत्र हैं जो आज भी मुख्यधारा से काफी दूर हैं। एक ऐसा ही क्षेत्र है महासमुंद जिले में स्थित सिरपुर, जिसे प्राचीनकाल में श्रीपुर कहा जाता था। पौराणिक भूमि श्रीपुर में कई ऐसे देवस्थानों के अंश मिलते हैं जो कई सदियों पुराने माने जाते हैं। इन्हीं देवस्थानों में से एक है, सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर।

सिरपुर के लक्ष्मण मंदिर का निर्माण सन् 525 से 540 के बीच हुआ और राज्य में पूर्व में रही सरकार द्वारा इसे वर्ल्ड हेरिटेज साईट घोषित करने के लिए केंद्र सरकार से निवेदन किया गया था जब 500 वर्ष पुराना ताजमहल को वर्ल्ड हेरिटेज साईट के रूप में देखा जाता है तो क्या 1500 पुराने इस मंदिर को सरकार द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साईट घोषित करने का विचार है साथ ही सरगुजा के उदयपुर में स्थित सीता बेंगरा एवं जोगीमारा गुफा प्राकृतिक है जहां ऋषि मुनियों ने शिल्पकार के माध्यम से पत्थरों में महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में ऊलेखित प्रसंगों को न सिर्फ उत्कीर्ण किया है अपितु लिपिबद्ध किया है जो कि पौराणिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है इतना ही नही बल्कि यहां प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में इतिहासकार तथा पुरातत्वविदों सहित क्षेत्रीय विद्वतजनों द्वारा महोत्सव का आयोजन भी किया जाता है, यह केंद्रीय संरक्षित स्मारक है जिसका रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जाता है क्या ऐसे प्राकृतिक गुफाओं को विश्वदाय स्मारक में शामिल करने के लिए सरकार ने कोई कदम उठाए हैं

जिसके जवाब में केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने जवान दिया की यह प्राचीन मंदिरों को विकसित करने केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर सकारात्मक कदम उठाये जा रहे है साथ ही प्राचीन स्थलों को अलग पहचान दिलाने हेतु हर संभव प्रयास किये जाते है, आगे मंत्री ने जानकारी दी की भारत यूनेस्को का हिस्सा सन 1972 में बना है, साथ ही देश के अलग अलग राज्यों के स्थलों को यूनेस्को की सूचि में शामिल करने हेतु एक सूचि भेजी गयी है और जहा तक लक्ष्मण मंदिर और सीता बेंगरा एवं जोगीमारा गुफा को इस सूचि में जोड़ने की बात पर उन्होंने नेताम को आश्वस्त किया की राज्य सरकार से इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव प्राप्त होने पर इसपर विचार किया जाएगा

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