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मध्यान्ह भोजन के रसोईए दे रहे रायपुर में धरना, ग्रामीण अंचल के स्कूलों में बच्चों का आना हुआ कम

रसोईयों के हड़ताल के चलते स्कूलों में व्यवस्था चरमरा गई है। स्कूलों में भोजन व्यवस्था चरमराई तो स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति लगातार कम हो रही, वहीं स्कूल के प्रधान पाठकों के द्वारा रसोईयों को फोन करके काम पर लौटने का दबाव बनाए जाने की जानकारी मिल रही है। सूत्रों की मानें तो रसोईयों को धमकाया जा रहा है कि काम पर नहीं लौटने पर उनकी जगह दूसरे को काम पर रख लिया जाएगा। पढ़िए पूरी ख़बर...

मध्यान्ह भोजन के रसोईए दे रहे रायपुर में धरना, ग्रामीण अंचल के स्कूलों में बच्चों का आना हुआ कम
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रायपुर: अपनी मांगों को लेकर रसोईयां संघ रायपुर में अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। वहीं वे लोग मांग पूरी नहीं होने पर रायपुर में डटे रहने का निर्णय लिया है। रसोईया संघ के संभागाध्यक्ष नीलू ओगरे ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर बुधवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा है। साथ ही उन्होंने बताया कि खाने के लिए वे लोग अपने द्वारा और लोगों के सहयोग से संसाधन लेकर गए हैं, लेकिन वह भी अब समाप्त हो रहा है। रसोईए साथियों के स्थान पर अन्य को रखे जाने की बात कही जा रही है।

बच्चों की उपस्थिति पर पड़ रहा प्रभाव

मध्यान्ह भोजन नहीं मिलने के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति पर प्रभाव पड़ रहा है। शहर के शासकीय प्राथमिक शाला कुम्हारपारा में बुधवार को 69 बच्चें उपस्थित रहें जबकि वहां की कुल दर्ज संख्या 136 है। स्कूल के प्रधान पाठक प्रणीत शर्मा ने बताया कि स्कूल में उपस्थिति में गिरावट हो गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि मध्यान्ह भोजन बनने के बंद होने के बाद गिरावट देखी जा रही है। साथ ही जो बच्चें आ रहे हैं वो टिफिन ला रहे हैं या खाना खाने के लिए घर जा रहे हैं।

रसोईयों के हड़ताल के चलते स्कूलों में व्यवस्था चरमरा गई है। वहीं स्कूल के प्रधान पाठकों के द्वारा रसोईयों को फोन करके काम पर लौटने का दबाव बनाए जाने की जानकारी मिल रही है। सूत्रों की मानें तो रसोईयों को धमकाया जा रहा है कि काम पर नहीं लौटने पर उनकी जगह दूसरे को काम पर रख लिया जाएगा। इधर, रसोईयों का कहना है कि इस माह तक मांगे पूरी नहीं होती है तो वे लोग विधानसभा का घेराव करेंगे। शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में मध्यान्ह भोजन नहीं बनने से परेशानियां हो रही है। वहीं कुछ स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था भी सफल नहीं हो पाया। जिसके कारण अब बच्चों को अपना मध्यान्ह भोजन का व्यवस्था स्वयं करना पड़ रहा है। कुछ बच्चें अपना टिफिन ला रहे हैं वहीं कुछ बच्चें खाना खाने घर जा रहे हैं। वहीं मध्यान्ह भोजन नहीं बनने के कारण कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में कमी आई है। वहीं एक माह से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे रसोईए रायपुर में डटे हुए हैं। वहीं रसोईयों ने बताया कि उनकों स्कूल के प्रधानपाठकों का फोन आ रहा है और उनको काम पर वापस आने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि माहभर में मांग पूरी नहीं होने पर उनके द्वारा विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

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