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कोरबा : सतरेंगा की तर्ज पर संवरेगा चैतुरगढ़, पहाड़ के ऊपर बनेंगे कॉटेज और मोटेल

कलेक्टर ने पार्किंग स्थल के पास एक-एक सार्वजनिक शौचालय लगाने, दो बड़े डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश भी जनपद पंचायत पाली के सीईओ को दिए। कलेक्टर ने पार्किंग स्थल के समतलीकरण, तालाबों की सफाई और मंदिर परिसर के आसपास भूमि समतलीकरण के काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। पढ़िए पूरी खबर-

कोरबा : सतरेंगा की तर्ज पर संवरेगा चैतुरगढ़, पहाड़ के ऊपर बनेंगे कॉटेज और मोटेल
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कोरबा। सतरेंगा को पर्यटन की दृष्टि से सुविधा सम्पन्न बनाने के बाद कलेक्टर किरण कौशल ने अब पाली विकासखण्ड के चैतुरगढ़ को संवारने की तैयारी शुरू कर दी है। माँ महिषासुर मर्दिनी के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक मंदिर परिसर तथा चैतुरगढ़ पहाड़ी को धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा भी कलेक्टर ने तय कर ली है। श्रीमती कौशल ने इस संबंध में कलेक्टोरेट में प्रशासनिक अधिकारियों, निर्माण एजेंसी से जुड़े विभागों की बैठक में गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने चैतुरगढ़ को भी सतरेंगा की तर्ज पर स्थानीय लोगों को 'पर्यटन से रोजगार' की थीम पर संवारने पर जोर दिया। श्रीमती कौशल ने बैठक में चैतुरगढ़ में अभी मौजूद आधारभूत संरचनाओं तथा सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से ली और इनमें व्यापक सुधार तथा जीर्णोद्धार की गुंजाइश पर भी चर्चा की। बैठक में डिप्टी कलेक्टर आशीष देवांगन, सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में कलेक्टर ने चैतुरगढ़ पहाड़ पर पानी और बिजली जैसी आधारभूत आवश्यकता पहुंचाने के लिए तत्काल योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्रीमती कौशल ने चैतुरगढ़ में तात्कालिक तौर पर उपलब्ध कराई जा सकने वाली सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में लगी खराब सोलर लाईट को तत्काल ठीक कराने के निर्देश क्रेडा के अधिकारियों को दिए।

सतरेंगा की तर्ज पर विकसित होगा चैतुरगढ़, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार- बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सतरेंगा की तर्ज पर ही चैतुरगढ़ को भी विकसित किये जाने की योजना तैयार की जाए। यहां विकसित होने वाली सुविधाओं से सतरेंगा की तरह ही स्थानीय लोगों को जोड़ा जाए ताकि उन्हें अपने ही क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर आय का साधन मिल सके। श्रीमती कौशल ने पहाड़ के ऊपर पर्यटकों के रूकने के लिए कॉटेज एवं कमरा निर्माण पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिजली व पानी का प्रबंध होने के बाद पर्यटकों को रूकने के लिए स्थान मिलने से क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी बढ़ेगा। विशेष पूजा-अर्चना के लिए भी लोग यहां रूक सकेंगे साथ ही पर्यटकों के लिए भी सुविधा होगी। कलेक्टर ने पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क के चौड़ीकरण की संभावनाओं पर भी बात की। कलेक्टर ने बैठक में मंदिर परिसर में स्थित तालाब के पानी को साफ कर पीने लायक बनाने के लिए आरओ वाटर प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पहाड़ के नीचे से पानी को ऊपर पहुंचाने के लिए हाई प्रेशर पंप की व्यवस्था करने को भी कहा। बैठक में श्रीमती कौशल ने मड हाउस और पार्किंग स्थल के पास एक-एक सार्वजनिक शौचालय लगाने, दो बड़े डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश भी जनपद पंचायत पाली के सीईओ को दिए। कलेक्टर ने पार्किंग स्थल के समतलीकरण, तालाबों की सफाई और मंदिर परिसर के आसपास भूमि समतलीकरण के काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर में सुसज्जित उद्यान विकसित करने के लिए भी उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया।

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