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घनघोर जंगल में आधी रात सड़क किनारे रोती खड़ी थी बच्ची... देखने वाले भयभीत होकर भागते रहे... फिर घर कैसे पहुंची बच्ची!

सुकमा से पूर्व धूररास के घनघोर जंगल के रास्ते में अँधेरी रात में सड़क किनारे रोती बच्ची को देख वहां से गुजर रहे लोगों के होश उड़ गए। ना जाने कितने लोग तो डर के दूर से ही भाग खड़े हुए, और आगे जा कर लोगों को आत्मा से मुलाकात की अपनी कहानी बताने लगे, फिर देर रात जगदलपुर से सुकमा आ रहे अशोक साहू की नजर उस 3 वर्षीया बच्ची पर पड़ी। अंधेरे जंगल के बीच मे मासूम बच्ची देखकर उन्होने अपनी कार रोकी। आगे पढ़िए दिल हिला देने वाली सच्ची घटना...

घनघोर जंगल में आधी रात सड़क किनारे रोती खड़ी थी बच्ची... देखने वाले भयभीत होकर भागते रहे... फिर घर कैसे पहुंची बच्ची!
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जगदलपुर: यह वाक्या शनिवार रात सुकमा से पहले धुररास व पालेम के बीच जंगल रास्ते का है। जगदलपुर से सुकमा आ रहे सुकमा निवासी अशोक साहू की नजर लगभग 3 वर्षीया बच्ची पर पड़ी। पालेंम और धुररास के बीच अंधेरे जंगल मे मासूम बच्ची देखकर उन्होने अपनी कार रोकी। बच्ची शायद रास्ता भटककर अपने घर से जंगल रास्ते में आ गई थी। बच्ची को अशोक साहू द्वारा बच्ची को सुरक्षित कुकानार थाना लाकर थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के सुपुर्द किया गया।

थाना प्रभारी मनीष मिश्रा द्वारा सर्वप्रथम ठंड से ठिठुरती और भूख से बेहाल मासूम बच्ची के लिए तत्काल नए कपड़े और भोजन की व्यवस्था की। इसके उपरांत बच्ची के संबंध में तत्काल एएसपी आंजनेय व डीएसपी पारूल अग्रवाल को सूचना दी। इसके उपरांत एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्ची के परिजनों की पतासाजी शुरू की गई। सुकमा व कुकानार के आसपास के पचांयतों के सभी सरपंचों से सम्पर्क किया गया तथा सोशल मीडिया में भी बच्ची का फोटो शेयर कर पता करने प्रयास किया गया। कुछ ही देर में पुलिस का यह प्रयास कामयाब रहा। पता लगा कि बच्ची पास ही के गांव हमीरगढ़ के माहरा पारा नीवासी हड़मा वेटटी की बेटी कुमारी दीपो वेटटी 3 वर्ष है। पुलिस टीम द्वारा तत्काल बच्ची को उसके घर ले जाकर परिजनों को सौंपा गया और बच्ची के उचित देखभाल करने समझाइश दी गई। पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा व एएसआई देशमुख के अलावा मरकाम, रूस्तम तिर्की व सरियम देवा की भूमिका सराहनीय रही।

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