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20 जुलाई से होगी गोबर की खरीदी, हर 15 दिन में होगा पशुपालकों को गोबर के बदले राशि का भुगतान

छत्तीसगढ़ सरकार गोधन न्याय योजना के माध्यम से देशभर में अनूठी पहल करने जा रही है। प्रदेश में सरकारी चावल से भी महंगी दर पर गोबर की खरीदी की जाएगी। सरकारी चावल एक रुपए की दर से उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन राज्य सरकार डेढ़ रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी करेगी।

20 जुलाई से होगी गोबर की खरीदी, हर 15 दिन में होगा पशुपालकों को गोबर के बदले राशि का भुगतान
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रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार गोधन न्याय योजना के माध्यम से देशभर में अनूठी पहल करने जा रही है। प्रदेश में सरकारी चावल से भी महंगी दर पर गोबर की खरीदी की जाएगी। सरकारी चावल एक रुपए की दर से उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन राज्य सरकार डेढ़ रुपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी करेगी। सीएम भूपेश बघेल को कृषिमंत्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में गठित मंत्रीमंडलीय उपसमिति ने डेढ़ रुपए में गोबर खरीदी की अनुशंसा की है। सीएम की मुहर के बाद 20 जुलाई यानी हरेली के दिन से गोबर खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

गोधन न्याय योजना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बाद गोधन न्याय योजना क्रांतिकारी कदम है। देशभर में गोबर खरीदी की इस योजना की चर्चा की जा रही है। गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी सभी स्थानों में गौठान समितियां या उनके द्वारा चुनी गई समितियां करेंगी। इससे खरीदी में पारदर्शिता तो रहेगी ही, लोगों को रोजगार भी मिलेगा। खरीदी में पारदर्शिता बनी रहे इसलिए गोधन खरीदी कार्ड भी बनाया जाएगा। इसमें हर दिन खरीदे गए गोबर की मात्रा और उसके बदले मिलने वाली राशि का भी उल्लेख होगा। किसानों और पशुपालकों को गोबर खरीदी के बदले हर 15 दिन में राशि का भुगतान किया जा सकेगा।ऐसा है गणितराज्य सरकार ने योजना की शुरूआत से पहले गायों की संख्या और खरीदी की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत अध्ययन किया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदेश में 1.15 करोड़ गाय हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 फीसदी गोबर का उपयोग कंडा बनाने के लिए किया जाता है। एक गाय दिनभर में में 3 से 4 किलो गाेबर देती है। ऐसे में 2 से 4 हजार टन तक हर दिन गोबर की खरीद की जा सकेगी। खरीदी की प्रक्रिया गौठान समितियों के माध्यम से होगी। खरीदी के बाद 45 दिनों में इसे वर्मी खाद में बदला जाएगा। इस खाद की कीमत 8 से 10 रुपए होगी।गोबर हमारी संस्कृति में पवित्रमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर और भाजपा के हमलों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि गोबर हमारी संस्कृति में पवित्र माना जाता है। शुभ कार्यक्रम के पहले गोबर से लीपने की परंपरा है। गोबर को लेकर भाजपा को कुछ कहते नहीं बन रहा है, तो उन्होंने अजय चंद्राकर को आगे कर दिया। उन्होंने राजकीय चिन्ह का अपमान तो किया ही, गोबर को लेकर अपनी सोच भी स्पष्ट कर दी। जबकि हमारी सोच इसके माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की है।

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