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डिमांड कम, उत्पादन आधा, फिर भी सरिया की कीमत पिछले साल से 14 हजार ज्यादा

मानसून में डिमांड कम होने और स्टील प्लांटों में उत्पादन आधा होने के बाद भी सरिया की कीमत में भी आग लगी हुई है। मानसून में पहली बार थोक में 8 एमएम का सरिया सबसे ज्यादा 54 हजार रुपए में बिक रहा है। जहां तक पिछले साल का सवाल है, तो जीएसटी मिलाकर इसकी कीमत 40 हजार रुपए थी।

डिमांड कम, उत्पादन आधा, फिर भी सरिया की कीमत पिछले साल से 14 हजार ज्यादा
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रायपुर. मानसून में डिमांड कम होने और स्टील प्लांटों में उत्पादन आधा होने के बाद भी सरिया की कीमत में भी आग लगी हुई है। मानसून में पहली बार थोक में 8 एमएम का सरिया सबसे ज्यादा 54 हजार रुपए में बिक रहा है। जहां तक पिछले साल का सवाल है, तो जीएसटी मिलाकर इसकी कीमत 40 हजार रुपए थी।

इस साल कीमत 14 हजार रुपए प्रति टन ज्यादा है। इसके पीछे का कारण कच्चा माल है, जिसकी कीमत लगातार बढ़ रही है। स्पंज आयरन इस समय 29 हजार रुपए टन है, जबकि यह पिछले साल साढ़े 16 हजार रुपए टन था। रायपुर में गोविंदगढ़ की तुलना में सरिया की कीमत कम है। वहां ज्यादातर माल छत्तीसगढ़ से ही जाता है। वहां के इंगट के कारण ही सरिया की कीमत तय होती है। इंगट की कीमत भी इस समय आसमान पर है। मानसून में निर्माण कार्य कम हो जाते हैं, डिमांड भी कम होती है। इसके बावजूद हर तरह के बिल्डिंग मटेरियल की कीमत आसमान पर है। एक तरफ सीमेंट जहां प्लांटों से 310 में बिलिंग किया जा रहा है, वहीं पांच हजार रुपए ट्रक वाली रेत 15 हजार तक पहुंच गई है। गिट्टी की कीमत भी बढ़ी हुई है। ऐसे में अब सरिया ने भी लोगों को रूलाने का काम किया है।

कच्चा माल महंगा

सरिया की मानसून में कभी इतनी ज्यादा कीमत नहीं रही है। स्टील प्लांट के उत्पादकों का कहना है, पिछले साल जुलाई में सरिया की बेसिक कीमत 28 हजार 511 रुपए थी। इसमें 8 एमएम के सरिया में चार हजार रुपए ज्यादा लगते हैं। ऐसे में यह कीमत 33511 रुपए हो जाती है। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर इसकी कीमत 39542 रुपए थी। लोडिंग खर्च मिलाकर यह 40 हजार में बिका था। इस साल सरिया की बेसिक कीमत ही 41 हजार 200 रुपए है। इसमें चार हजार 8 एमएम का अंतर मिलाकर 45 हजार दो सौ रुपए और जीएमसटी का 8136 रुपए मिलाकर कीमत 53 हजार 336 रुपए है। अन्य खर्च मिलाकर यह 54 हजार रुपए टन में बिक रहा है।

गोविंदगढ़ के रेट से लगी है आग

गोविंदगढ़ से ही देशभर में इंगट की सप्लाई होती है। इस कच्चे माल के साथ स्पंज आयरन से सरिया बनता है। पिछले साल इंगट 27 हजार 600 रुपए था। इस समय यह 40 हजार चार सौ रुपए हैं। उत्पादकों का कहना है, इंगट को सरिया बनाने में चार हजार प्रति टन पर खर्च होता है। ऐसे में सरिया की कीमत 44 हजार चार सौ होनी चाहिए। लेकिन यहां पर यह 41 हजार चार सौ में बेचना पड़ रहा है।

छग से सरिया जाता है गोविंदगढ़

गोविंदगढ़ में सरिया की कीमत छत्तीसगढ़ से ज्यादा है। वहां के कारोबारी हिमांशु गंभीर ने हरिभूमि से चर्चा करते हुए बताया, वहां पर सरिया की बेसिक कीमत ही इस समय 47 हजार 600 रुपए है। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी अलग है। उन्होंने बताया, उनके यहां कीमत बहुत ज्यादा होने के कारण वहां से ज्यादातार कारोबारी रायपुर, रायगढ़, भिलाई के साथ दुर्गापुर से सरिया मंगाकर कारोबार करते हैं।

इतनी कीमत कभी नहीं

पहली बार मानसून में सरिया की इतनी ज्यादा कीमत हुई है। कच्चे माल की कीमत के कारण यह स्थिति बनी है। इंगट और स्पंज आयरन की कीमत इस साल 13 हजार रुपए ज्यादा है।

-अशोक सुराना, पू‌‌र्व अध्यक्ष, मिनी स्टील प्लांट

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