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शराब दुकानों में लाखों रुपए की 'घटती', हिसाब में आबकारी को पसीना छूटा

जिले में शराब कारोबार के हिसाब में ज्यादातर दुकानों में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं। सेलिंग काउंटर से आबकारी अफसरों को कहीं से भी सटीक जानकारी नहीं मिल रही है और ऑडिट के दौरान सर्किल में पसीना छूटने लगा है।

शराब दुकानों में लाखों रुपए की घटती, हिसाब में आबकारी को पसीना छूटा
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रायपुर. जिले में शराब कारोबार के हिसाब में ज्यादातर दुकानों में गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं। सेलिंग काउंटर से आबकारी अफसरों को कहीं से भी सटीक जानकारी नहीं मिल रही है और ऑडिट के दौरान सर्किल में पसीना छूटने लगा है।

खबर के मुताबिक जिले के एक बड़े शॉप में 20 लाख रुपए से ज्यादा की गड़बड़ी सामने आई है, जिस पर आबकारी अमले ने सेलिंग स्टाफ को घेरे में लिया है। इसमें लाखों रुपए का गबन होने का अनुमान है। एक भरोसेमंद सूत्र के मुताबिक पंडरी की अंग्रेजी शराब दुकान में लाखों रुपए की हेराफेरी करने के बारे में पता चला है। इसकी जानकारी लगने के बाद आबकारी अफसरों ने सेलिंग का हिसाब खंगाला है। सूत्र के मुताबिक इस दुकान में शराब बेचने के हिसाब में 20 लाख रुपए से ज्यादा का हिसाब नहीं मिल रहा है। प्लेसमेंट कर्मियों ने शराब तो बेची है, लेकिन अब सटीक हिसाब नहीं दे पा रहे हैं। कटोरा तालाब स्थित प्रीमियम शॉप में भी करीब छह लाख रुपए का हिसाब नहीं मिला है। सामान्य दिनों में अकेले रायपुर जिले में लगभग ढाई करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

70 दुकानों में से ज्यादातर जगहों से शराब बिक्री के नाम पर अनियमितताओं सामने आने की खबरें हैं। हालांकि आबकारी अफसर आधिकारिक तौर पर किसी तरह की जानकारी नहीं दे रहे। इस संबंध में जिला आबकारी उपायुक्त अरविंद पाटले से फोन पर संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

देर रात तक हिसाब खंगालने की चर्चा

पंडरी अंग्रेजी वाइन शॉप में बड़ी गड़बड़ियां करने की शिकायत मिलने पर आबकारी अफसरों ने रविवार देर रात तक सेलिंग काउंटर में हिसाब खंगाला। चर्चा है, प्लेसमेंट कर्मियों और सुपरवाइजर को आबकारी कार्यालय ले जाकर उनसे पूछताछ भी की। मौके पर पहुंचे कुछ मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान अफसरों ने कहा, ऑडिट रिपोर्ट के चलते पहुंचे हैं।

रकम की भरपाई का जिम्मा कंपनी पर

जिले में कर्मचारियों से होने वाले नुकसान की भरपाई का जिम्मा प्लेसमेंट कंपनी का है। आबकारी अफसरों के मुताबिक स्टाक पहुंचने के बाद स्टॉकिंग के दौरान होने वाले नुकसान से लेकर सेलिंग के हिसाब में आने वाला अंतर कंपनी से लिया जाएगा। प्लेसमेंट वर्क के लिए एजेंसी से किए गए करार में प्रावधान तय किया गया है।

स्कैनिंग के बगैर बेच रहे बोतल-पौवा

शराब दुकानों में बिना स्कैनिंग की बोतलें और पौवा बेचने के पूरे इंतजाम हैं। जिले की लगभग सभी दुकानों में रेट की स्कैनिंग मशीनें हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल नियमित रूप से नहीं हो रहा। कई दुकानों में पड़ताल करने पर मालूम हुआ है कि कर्मचारी बिना पर्ची के ही शराब बेच रहे हैं। शाम 6 बजे के बाद नजारा देखा जा सकता है।

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