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बड़ी खबर : मुंगेली नगर पालिका में चल रहे सियासी भूचाल का असली दोषी है 'लाल डायरी'...!

नगरपालिका में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी व कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर आमने-सामने है. आरोप-प्रत्यारोप के इस खेल में "लाल डायरी" का मामला चिराग से निकले जिन्न के समान सामने आया है. राज्य में बीजेपी सरकार में नान घोटाले के दौरान "लाल डायरी" मामले ने जहाँ तूल पकड़ा था वैसे ही मामला मुंगेली में नगरपालिका में नाली घोटाले के दौरान "लाल डायरी" का मामला फिर सामने आया है.

बड़ी खबर : मुंगेली नगर पालिका में चल रहे सियासी भूचाल का असली दोषी है लाल डायरी...!
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मुंगेली. नगरपालिका में अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर बवाल मचा हुआ है. बीजेपी व कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर आमने-सामने है. आरोप-प्रत्यारोप के इस खेल में "लाल डायरी" का मामला चिराग से निकले जिन्न के समान सामने आया है. राज्य में बीजेपी सरकार में नान घोटाले के दौरान "लाल डायरी" मामले ने जहाँ तूल पकड़ा था वैसे ही मामला मुंगेली में नगरपालिका में नाली घोटाले के दौरान "लाल डायरी" का मामला फिर सामने आया है. नगरपालिका में आए सियासी भूचाल में दोषी "लाल डायरी" को माना जा रहा है. आखिर क्या है लाल डायरी और इस घोटाले में इस डायरी का रहस्य. पढ़िए खास रिपोर्ट...

मुंगेली में इनदिनों नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर सियासी भूचाल मचा हुआ है. जहां राज्य शासन ने मुंगेली में हुए नाली घोटाले में जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर नगर पालिका के बीजेपी पार्टी के अध्यक्ष संतुलाल सोनकर को बर्खास्त करने के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में हेमेंद्र गोस्वामी को मनोनीत किया है. जिसके बाद जहां कांग्रेस में उत्साह है तो वही बीजेपी पार्टी में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. यही वजह है कि स्थानीय विधायक पुन्नूलाल मोहले के नेतृत्व में बीजेपी ने नगर पालिका का घेराव किया और प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. साथ ही नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी के नेम प्लेट पर स्याही फेंकी गई. बीजेपी विधायक पुन्नूलाल मोहले द्वारा बताया गया कि कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया जाना नियम विरुद्ध है. सरकार के फैसले को नकारते हुए अध्यक्ष ना मानने की वजह से स्याही फेंकने की बात स्वीकार कर रही है, तो वही कांग्रेस पार्टी इसे नियमानुसार नगर पालिका अधिनियम 37, 2 के अनुसार कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है. वही बीजेपी के फेंके गए स्याही पर वरिष्ठ कांग्रेस के पार्षद अरविंद वैष्णव ने कहा कि बीजेपी ने नेम प्लेट पर स्याही नहीं बल्कि कांग्रेस सरकार के मुंह पर स्याही फेंका है जिसकी मैं घोर निंदा करता हूँ. वही नेमप्लेट पर स्याही फेंकने की घटना पर कांग्रेस प्रशासन व पुलिस को भी कटघरे में खड़े कर दी. नवनियुक्त कार्यवाहक अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी ने बताया कि पूरा घटनाक्रम पुलिस के सामने हुआ और पुलिस तमाशबीन बनी रही जिसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को जानकारी देकर मार्गदर्शन लेकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही गई.

नगरपालिका में सियासी भूचाल के बीच मे चिराग से निकले जिन्न के समान "लाल डायरी" का मुद्दा ने भी अब तूल पकड़ा है. जिस प्रकार प्रदेश में नान घोटाले के दौरान "लाल डायरी" का मुद्दा सामने आया था ठीक उसी प्रकार मुंगेली में नाली घोटाले पर "लाल डायरी" पर सियासी भूचाल मचा हुआ है. जिसकी वजह से नगरपालिका अध्यक्ष पद की कुर्सी की लड़ाई जुड़ी हुई है. दरअसल मुंगेली में चर्चाओं का विषय यह है कि नाली घोटाले में न्यायिक जांच में जेल में बंद संतु लाल सोनकर के पास एक "लाल डायरी" है जिसमे उनके बीजेपी पार्टी में शामिल होने से लेकर अध्यक्ष पद पर रहते हुए हिसाब-किताब का लेखा-जोखा है. जिस पर नाली घोटाले में फंसे संतुलाल सोनकर ने जेल जाते हुए धमकी दी है कि अगर मेरे साथ गलत हुआ तो मैं सबको बेनकाब कर दूंगा. चर्चाओं का यह बाजार ठंडा नहीं हुआ कि अब बीजेपी के प्रदर्शन से कांग्रेस ने खुलकर इसपर बयान देना शुरू कर दिया है. नगरपालिका के कांग्रेस पार्षद राहुल कुर्रे का साफतौर पर कहना है कि बीजेपी के पार्षद ने ही नाली घोटाले की शिकायत की थी, पर अब अध्यक्ष की कुर्सी बचाने का दोहरा चरित्र जो बीजेपी दिखाकर प्रदर्शन कर रही है. इसकी मुख्य वजह है "लाल डायरी" और "लाल डायरी" के खुलने के डर से बीजेपी यह प्रदर्शन कर रही है. यह लाल डायरी क्या है इसका जवाब पूर्व अध्यक्ष संतुलाल सोनकर व विधायक पुन्नूलाल मोहले जानेंगे. वही इस मामले पर नगरपालिका के बीजेपी उपाध्यक्ष मोहन मल्लाह का कहना है कि "लाल डायरी" है तो खोले जो लेनदेन किए होंगे वो बेनकाब होंगे. जो लाल डायरी की बात कर रहे हैं जब वो निकलेगा तब पता चल ही जाएगा.

नगरपालिका में मचे सियासी भूचाल से दोनों पार्टी आमने-सामने है. अध्यक्ष पद की कुर्सी पर दोनों ही पार्टी वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन इन सबमें क्षेत्र की जनता रुके विकास कार्य न होने से परेशान हैं. वही "लाल डायरी" का मामला चिराग से निकले जिन्न के समान-सामने आने से लोग यह जानने की चाह में है कि आखिर लाल डायरी क्या है और कब इस रहस्य से पर्दा खुलेगा.

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