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पांच हजार की रेत का वसूल रहे 25 हजार, एनजीटी का हवाला, खरीददार का दीवाला

पकड़े जाने पर भारी भरकम जुर्माना देने, चोरी-छिपे रेत लाकर देने की बात कह रहे

पांच हजार की रेत का वसूल रहे 25 हजार, एनजीटी का हवाला, खरीददार का दीवाला
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रायपुर. रेत से तेल निकालने का खेल बंद नहीं हुआ है, जिसके कारण आशियाना बनाना अब और महंगा हो गया है। रेत माफिया और ठेकेदारों की मिलीभगत से रेत वास्तविक कीमत के विपरीत कई गुना ज्यादा दाम पर बिक रही है। वहीं ट्रेडर्स एनजीटी का हवाला देकर 17 सौ रुपए रेत की वास्तविक कीमत, जो घर पहुंचाकर देने में पांच हजार के करीब पड़ती है, उस रेत को 22 से 25 हजार रुपए में घर पहुंचाकर देने की बात कह रहे हैं। रेत की कीमत बढ़ने से सभी तरह के निजी तथा सरकारी निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए हैं।

रेत परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टरों और ट्रेडर्स के मुताबिक रेत ठेकेदार उन्हें कथित तौर पर भंडारण की रेत देने की बजाय रेतघाट से ट्रैक्टर और अन्य संसाधनों के माध्यम से रेत निकालकर दे रहे हैं। इस पर भी ठेकेदार उनसे मनमाने पैसों की मांग करते हैं, जबकि एनजीटी के आदेशानुसार जून से अक्टूबर माह तक रेत घाटों से रेत निकालने पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके रेत माफिया धड़ल्ले से रेत घाटों से उत्खनन कर रहे हैं।

भंडारण की आड़ में मुनाफाखोरी

बारिश शुरू होने से पहले रेत ठेकेदारों ने अपने अलग-अलग गुर्गों के नाम पर रेत भंडारण करने का पिट पास बनवा लिया है। लॉकडाउन खुलने के बाद उसी पिट पास को मनमानी कीमत पर बेच रहे हैं। साथ ही ज्यादातर ठेकेदार कागज में ट्रैक्टर से रेत परिवहन करना दर्शा रहे हैं।

केस-01

संतोषी नगर स्थिति ट्रेडिंग का काम करने वाले एक कारोबारी से जब हरिभूमि की टीम ग्राहक बनकर रेत खरीदने पहुंची तो दुकान संचालक ने रेत की कीमत घर पहुंचाकर देने पर प्रति ट्रक 23 हजार रुपए मांगे। जब हमने दुकान संचालक से महंगा बेचने का कारण पूछा तो उन्होंने बारिश के दिनों में पर्यावरण (एनजीटी) का हवाला देकर देते हुए रेतघाट बंद होने का हवाला देते हुए सारा दोष ठेकेदारों पर मढ़ दिया।

केस-02

एक अन्य रेत सप्लायर से बात करने पर उसने ट्रक की बजाय ट्रैक्टर ट्राली में रेत आपूर्ति करने हामी भरी। साथ ही उसने मीडियम रेत की कीमत 25 रुपए फीट तथा बारीक रेत की कीमत 28 रुपए फीट में घर पहुंचाकर देने का जिक्र किया। रेत सप्लायर ने भी बारिश के दिनों में रेतघाट बंद होने का हवाला देते हुए चोरी-छिपे रेत लाकर देने की बात की।

ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं

रेत के अवैध उत्खनन और परिवहनकर्ताओं के खिलाफ शासन ने सख्त कार्रवाई करने के निर्देश माइनिंग विभाग को दिए हैं। माइनिंग तथा राजस्व विभाग खानापूर्ति के लिए केवल ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसके विपरीत माइनिंग विभाग के अधिकारी रेत घाटों में जानबूझकर निरीक्षण करने तथा रेत के अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने से बचते हैं।

रोजाना 12 करोड़ से ज्यादा का घालमेल

रेत परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों के अनुसार राजधानी के अलावा अन्य शहरों में भी ठेकेदार रेत की मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। पूरे प्रदेश में प्रतिदिन 10 हजार ट्रक से ज्यादा रेत की मांग है। इस लिहाज से ठेकेदारों द्वारा प्रतिदिन रेत की वास्तविक कीमत से अलग 12 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की जा रही है।

रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ राजस्व के साथ माइनिंग विभाग के अफसर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। रेत सरकारी कीमत पर बिके, इसके लिए माइनिंग विभाग को निर्देशित किया गया है। मनमानी कीमत पर रेत बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर

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