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तेजस्वी यादव बोले- हर वर्ष मानसून आता है, लेकिन इससे निपटने की तैयारी क्यों नहीं करती सरकार

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर सीएम नीतीश कुमार पर कोरोना और बाढ़ से निपटने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर घेरा है। उन्होंने कहा कि यदि मानसून हर वर्ष एक ही समय पर आता है तो सरकार तैयारी क्यों नहीं करती है?

तेजस्वी यादव बोले- हर वर्ष मानसून आता है, लेकिन इससे निपटने की तैयारी क्यों नहीं करती सरकार
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राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर सीएम नीतीश कुमार को बाढ़, कोरोना को लेकर घेरा

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं राजद नेता तेजस्वी यादव इन दिनों लगातार कोरोना महामारी और बाढ़ को लेकर बिहार सरकार पर निशाना साध रहे हैं। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के सुशासन पर सवाल उठाते हुये कहा कि बिहार गत 15 वर्षों में तरक़्क़ी की जगह बर्बादी की ओर ही बढ़ता गया। आज भी बिहार में बाढ़ जैसी विभीषिका अगर तबाही मचाती है तो उसके लिये ज़िम्मेदार सिर्फ़ और सिर्फ़ सीएम नीतीश कुमार हैं। उन्होंने कहा कि अगर मानसून हर वर्ष एक ही समय पर आता है तो सरकार तैयारी क्यों नहीं करती है?

तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर नीतीश सरकार पर करोड़ों रुपये डकार जाने का आरोप लगाया

तेजस्वी यादव ने बाढ़ को लेकर विभिन्न सवाल उठाते हुये कहा कि बिहार बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित होता है, पर यहां बाढ़ नियंत्रण व सिंचाई का प्रति व्यक्ति खर्च 104.40 रुपये है। जबकि राष्ट्रीय औसत 199.20 रुपये है। साल दर साल हज़ारों करोड़ रुपये नीतीश सरकार बाढ़ के नाम पर डकार जाती है, लेकिन इसके नियंत्रण व रोकथाम पर अभी तक एक भी प्रभावी काम नहीं कर पायी है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि अपने पंद्रह वर्ष के शासन काल में नीतीश जी ने एक भी नये तटबंध, डैम या बराज़ नहीं बनाये हैं। जिससे की बाढ़ के ख़तरे व उसके कारण होने वाले नुक़सान को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि नीतीश जी का एक अजीबोग़रीब नुस्ख़ा है। सभी समस्याओं का- भगवान भरोसे छोड़ दो। धीरे धीरे स्वयं कोई भी परेशानी चाहे वो बाढ़ हो या कोरोना हो ख़त्म हो जायेगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि आज बिहार के 16 ज़िलों , 130 प्रखंडों के 1331 पंचायतों में 83.62 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, पर नीतीश कुमार को उनकी चिंता नहीं है। ख़ानापूर्ति के लिए मेरे द्वारा बार-बार मांग करने पर सिर्फ़ 2 बार प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया। मैं तो आम जनता को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने अपने स्तर से लोगों तक खाने का सामान पहुंचाया व राहत कार्य में अब भी लगे हुए हैं। लालू रसोई के माध्यम से हमारे पार्टी के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लगे हुए हैं व खाने का प्रबंध कर रहें।

राजद नेता ने कोरोना को लेकर उठाये विभिन्न सवाल

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर कोरोना महामारी के सन्दर्भ में बात करे तो 6 महीने बीतने के बाद भी बिहार सरकार इसको लेकर गंभीर नहीं हुई है। बिहार संक्रमण के मामले में अब भी देश में आगे ही है। उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ़ अगस्त महीने की बात करें तो अभी तक 28 दिनों में 79,861 नए मरीज़ मिले हैं व 376 लोगों की मृत्यु हुई है। वहीं उन्होंने कहा कि ये स्तिथि तब है जब पूरा प्रदेश पिछले 3 महीने से लगातार लॉकडाउन लगा हुआ है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर कोरोना जांच की बात की जाये तो अब भी आरटी-पीसीआर टेस्ट की संख्या 6 हज़ार के आस-पास ही है। इस विधि से जांच करने में 50 प्रतिशत से अधिक लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आ रही। वहीं रैपिड ऐंटिजेन टेस्ट किट से औसतन 3-5 प्रतिशत लोगों की जांच रिपोर्ट ही संक्रमित आ रही। इसी कारण बिहार में जब 10 हज़ार जांच हो रही थी तब भी 2500-3000 कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे थे व अब एक लाख जांच हो रहे तब भी उतने ही कोरोना संक्रमित मरीज़ मिल रहें हैं।

बिहार में कोरोना की वजह से सबसे ज्यादा मजदूरों को हुई है परेशानी

राजद नेता ने कहा कि कोरोना का सबसे बुरा असर सूबे में गरीबों, मजदूरों पर पड़ा है। वहीं सूबे में लगभग 40 लाख प्रवासी मजदूर बाहर से आयें। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देशित भी किया था कि इन लोगों के रोज़गार की व्यवस्था कराई जाये। सरकार ने बड़े ताम-झाम से स्किल मेपिंग करने की बात कही थी। मैं सरकार से पूछना चाहूंगा कि कितने लोगों का पंजीयन किया गया व उनको रोजगार उपलब्ध कराने की अद्धतन स्तिथि क्या है?




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