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भारत सरकार के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में थे शामिल, गया-मुजफ्फरपुर में नये डीजल वाहनों के निबंधन पर लगी रोक : सुशील मोदी

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि वायु प्रदूषण से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जिसके तहत गया व मुजफ्फरपुर में नये डीजल वाहनों के निबंधन पर रोक लगा दी गई है। जानकारी है कि पटना समेत ये दोनों शहर भारत सरकार द्वारा जारी सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में भी शामिल थे।

sushil modi said that air pollution increases the risk of corona infection
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मुजफ्फरपुर व गया शहर के लिए 'कॉम्प्रिहेंसिव क्लीन एयर एक्शन प्लान' रिपोर्ट का विमोचन करते हुए सुशील मोदी समेत अन्य सदस्य।

बिहार के डिप्टी सीएम एवं भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने बताया कि वायु प्रदूषण से कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। सुशील मोदी ने गया व मुजफ्फरपुर के लिए आद्री व अन्य संगठनों द्वारा तैयार 'स्वच्छ वायु कार्ययोजना' रिपोर्ट के विमोचन कार्यक्रम में संबोधन दिया। सुशील मोदी ने कहा कि अमेरिका के हार्वड विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया है। वायु में 2.5 के एक प्रतिशत वृद्धि होने पर कोविड -19 का खतरा कई प्रतिशत बढ़ जाता है। क्योंकि इसकी वजह से फेफड़े प्रभावित होते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।



सुशील मोदी ने कहा कि गया व मुजफ्फरपुर में नये डीजल वाहनों के निबंधन पर रोक लगा दी गई है। वहां केवल अब इलेक्ट्रिक वाहनों का ही नया रजिस्ट्रेशन जारी होगा। वहीं सुशील मोदी ने कहा कि आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर पटना में सर्वाधिक वायु प्रदूषण वाले हॉटस्पॉट की पहचान की जायेगी। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों में 30 करोड़ की लागात से 24 नये वायु मॉनिटरिंग स्टेशन भी स्थापित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल पटना में 6, गया और मुजफ्फरपुर में 2-2 और हाजीपुर में एक मॉनिटरिंग स्टेशन वायु गुणवत्ता मापने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बिहार में 35 स्टेशन वायु गुणवत्ता मापने का कार्य करने लगेंगे। सुशील मोदी ने बताया कि भारत सरकार ने पटना सहित बिहार के दो अन्य शहरों गया और मुजफ्फरपुर को भी सर्वाधिक वायु प्रदूषित शहरों की सूची में रखा गया है।

सुशील मोदी ने बताया कि रिपोर्ट में पाया गया है कि गया व मुजफ्फरपुर में परिवहन की वजह से 21 से 23 प्रतिशत, सड़क व भवन निर्माण एवं निर्माण सामग्रियों के परिवहन से 11 से 13 प्रतिशत तथा फसल अवशेष व कचरा जलाने से 6 प्रतिशत वायु प्रदूषित होता है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष नवम्बर से मार्च तक वायुमंडल का तापमान कम होने पर वायु प्रदूषण बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में आने वाले दिनों में कार्य योजना के आधार पर इन दोनों शहरों में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में प्रयास किए जायेंगे।

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