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कोरोना से अफसर की मौत: बेटा बोला नहीं मिला समय से उपचार, तेजस्वी यादव ने भी घेरी नीतीश सरकार

कोरोना से संक्रमित गृह विभाग के अंडर सेक्रेटरी उमेश प्रसाद रजक की समय से बेहतर इलाज नहीं मिलने के कराण मौत हो गई। रजक की मौत के बाद बिहार की नीतीश सरकार, स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठना लाजमी है। दूसरी ओर राजद नेता तेजस्वी यादव और रजक के बेटे का कहना है कि यदि इन्हें समय पर उपचार मिला होता तो ये आज हमारे बीच होते।

death of officer from Corona Son said treatment not received in time tejashwi Yadav also surrounded nitish government
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कुव्यवस्था की तस्वीर

राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट के माध्यम से बुधवार को बताया कि मैंने जो वीडियो कल डाला था इसमें 24 घंटे तक पटना एम्स के बाहर फुटपाथ पर तड़प रहे शख़्स गृह विभाग के अवर सचिव उमेश रजक थे। तेजस्वी यादव ने बताया कि समय पर जांच और इलाज नहीं होने से कोरोना संक्रमण की वजह से उमेश रजक की मौत हो गई है। इसके बाद तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए सरकार को घेरते हुए कहा कि कोरोना से सूबे के बड़े अधिकारियों का यह हाल है तो आम आदमी का आप स्वयं सोच लीजिए।

तेजस्वी यादव ने अपना हमला जारी रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अभी चुनाव में व्यस्त हैं। नीतीश कुमार जाति का गठजोड़ बनाने में लगे है ताकि जीत सुनिश्चित कर सके। इसके अलावा राजद नेता तेजस्वी कहा कि बिहार में करीब 60 फीसदी आबादी युवाओं की है। युवाओं को ही अब बिहार का भविष्य तय करना है।

उमेश प्रसाद रजक बिहार प्रशासनिक सेवा के पहले बड़े अधिकारी हैं जिनकी मौत करोना की वजह से हुई। उमेश रजक इसी साल जनवरी में रिटायर हुए थे पर उन्हें एक्सटेंशन मिला था। वे अंडर सेक्रेटरी के रूप में काम कर रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद उन्हें आईजीआईएमएस में भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें वहां से रविवार की रात में एम्स रेफर कर दिया गया। एम्स में उन्हें बेड नहीं मिल रहा था। उनकी पत्नी और बेटे उन्हें एम्स लेकर पहुंचे थे।

रजक के बड़े बेटे तपन कुमार भारती का कहना है कि पापा को अगर एम्स में उस दिन सही वक्त पर ऑक्सीजन लग जाता तो उनकी मौत नहीं होती। 10 घंटे से ज्यादा तक वे पटना एम्स में फुटपाथ पर पड़े रहे। उनका ऑक्सीजन लेवल घट गया था। शेखपुरा में इंडियन पोस्ट बैंक में मैनेजर तपन ने बताया कि बीते बुधवार को उन्हें सर्दी, खांसी व बुखार की शिकायत हुई थी। उन्हें आईजीआईएमएस में ले गए।

वहां सैंपल लिया गया। शनिवार को पहले कहा गया कि रिपोर्ट निगेटिव है फिर संक्रमित बताई गई। तपन ने बताया कि पांचों को एक ही एंबुलेंस में एनएमसीएच ले जाया गया पर वहां एडमिट करने से इनकार कर दिया। उसके बाद एम्स में लेकर आए तो उन्हें फूटपाथ पर रहना पड़ा। तपन ने बदहवास होते हुए कहा- पापा कुव्यवस्था के शिकार हो गए। घंटों फुटपाथ पर रहने के बाद उन्हें बेड मिला पर वे कोरोना से जंग हार गए। मंगलवार को उनकी मौत हो गई।

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