Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

खुद 12वीं पास और दूसरों को बना देते थे एमबीए से इंजीनियर, दो गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के नोएडा की फेस—1 कोतवाली पुलिस ने शनिवार को फर्जी मार्केशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्केशीट और डिग्री बरामद की है।

खुद 12वीं पास और दूसरों को बना देते थे एमबीए से इंजीनियर, दो गिरफ्तार
X

उत्तर प्रदेश(Uttar Pardesh) के नोएडा(Noida) की फेस—1 कोतवाली पुलिस ने शनिवार को फर्जी मार्केशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने कई कॉलेज और यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्केशीट और डिग्री बरामद की है। साथ ही इनके कब्जे से पुलिस ने एक प्रिन्टर, एक सीपीयू, एक एलईडी मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस व मार्कशीट बनाने का सफेद कागज बरामद किया है।

एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह (Additional DCP Ranvijay Singh) ने बताया कि फर्जी मार्केशीट और डिग्री बनाने के आरोप में पुलिस लने गाजियाबाद के बजरिया निवासी अब्दुल समद और दादरी के मेवाती मोहल्ला निवासी आदिल को नयाबांस सेक्टर—15 मैट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। ये दोनों शातिर किस्म के अपराधी है। पिछले 20 सालों से फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाने का काम कर रहे थे। दोनों आरोपी खुद 12वीं पास है, लेकिन 3 से 4 हजार रुपये लेकर 10 हजार से ज्यादा लोगों को इंटरमीडिएट और ग्रुजुऐट करा चुके है।

डिग्रिया बनाने के लिये कोरल ड्रा साफ्टवेयर का इस्तेमाल करते थे। साथ ही हर माह 10-15 लोगों को डिग्रियां बना कर देते थे। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि निजी जॉब के लिए इंटरमीडिएट और डिग्री बना देते थे। ये एमबीए से लेकर इंजीनियर तक की डिग्री बनाने में एक्सपर्ट थे। हालांकि अभी पुलिस इनका अपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।

पकड़ा गया आरोपी अब्दुल समद और उसका एक अन्य साथी आकिल मिलकर फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाने का काम करते थे। लेकिन 2 माह पहले अकिल की मौत हो गई। उसके बाद अकिल का पुत्र आदिल साथ मिलकर फर्जी मार्कशीट व डिग्री बनाने का काम करने लगा।

और पढ़ें
Next Story