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बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बोले - किसानों को बिचौलियों से मुक्त कराने के प्रयास में अड़ंगा लगा रही कांगेस

किसान विरोध प्रदर्शन: बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल ने किसानों के हालिया प्रदर्शन के लिये कांग्रेस को जिम्मेवार ठहराया है। उन्होंने कहा कि एमएसपी का बहाना बनाकर ये लोग दिल्ली की घेरेबंदी कर रहे हैं। वह जस का तस है, नए कानून से बस किसानों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त करने की कोशिश हो रही है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल।

Farmer Protests: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जयसवाल ने सोशल मीडिया के जरिये हालिया किसानों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस को घेरा है। डॉ. संजय जयसवाल ने लिखा कि वो अपनी बातों की शुरुआत दो उदाहरणों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब से रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस के एक सांसद हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने हाल ही में एक चैनल से बातचीत के दौरान दावा किया कि नए कृषि कानूनों से किसानों को लाभ नहीं होगा, बल्कि नये कृषि कानूनों से गूगल से लेकर ह्वाट्सएप जैसी दिग्गज आइटी कंपनियों को लाभ होने वाला है।

डॉ. संजय जयसवाल ने कहा कि राहुल गांधी इसी कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष हुआ करते हैं। इन्हीं राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के घोषणापत्र में एपीएमसी एक्ट को हटाने का वादा किया था। भाजपा नेता ने कहा कि इस बात को आप उनके घोषणा पत्र के पृष्ठ संख्या 17 पर देख सकते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि आज कांग्रेस के वही पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व उनके चेले किसान संबंधी कानूनों की आलोचना कर रहे हैं। ये उन्हें निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

इसके अलावा भाजपा नेता डॉ. सजय जयसवाल ने दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को किसान है या भी नहीं का संदेह जाहिर किया है। उन्होंने इन प्रदर्शन कारियों को किसानों की आड़ में कांग्रेस और उसके साथी दलों के लोग होना करार दिया है। उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूरी स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग जिस एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का बहाना बनाकर दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वह एमएसपी जस का तस है। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून से बस किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने का प्रयास हो रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि यह कृषि कानून किन लोगों को व किस वजह से मंजूर नहीं हैं। इस बात की जानकारी पाने के लिये किसी रॉकेट साइंस की आवश्यकता नहीं है।

भाजपा नेता ने बताया कि ये नए कृषि-कानून संसद में बहस के बाद पारित हुए हैं। इनको लेकर संसद में जितनी बहस होनी थी, वह हो चुकी है। अब संसद से पारित एक कानून को इस तरह से बदनाम करने व उसे वापस लेने की मांग अव्यावहारिक है। डॉ संजय जयसवाल ने कहा कि इन के बाद भी सरकार दिल्ली की सीमा पर जमे लोगों से बातचीत करने के लिये तैयार है। सरकार समस्या का हल निकालना चाहती है। उन्होंने कहा कि हुल्लड़पने व हुड़दंग से झुकेगी नहीं।

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