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पीयूसी के लिए बनेगा साफ्टवेयर, पता चल जाएगा कितने वाहन का पीयूसी

शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए अब सख्ती शुरु होने जा रही है। जिसके लिए शहर के करीब 16 लाख दो और चार पहिया वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। ऐसे लोग जिनका पीयूसी नहीं है, उनकी मौके पर ही जांच कराकर सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

पीयूसी के लिए बनेगा साफ्टवेयर, पता चल जाएगा कितने वाहन का पीयूसी
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10 से 15 प्रतिशत वाहनों की पीयूसी, केंद्रों पर दुपहिया वाहन आते हैं न के बराबर

शहर में डेढ़ सौ मोबाइल पीयूसी जांच केंद्र

रोजाना दो सौ से अधिक वाहन मालिक कराते हैं पीयूसी

भोपाल। शहर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए अब सख्ती शुरु होने जा रही है। जिसके लिए शहर के करीब 16 लाख दो और चार पहिया वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। ऐसे लोग जिनका पीयूसी नहीं है, उनकी मौके पर ही जांच कराकर सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। ऐसे वाहन को प्रदूषण के लिए खतरा है, उन्हें सड़कों से हटाने की कार्रवाई भी की जाएगी। दरअसल वर्तमान में कितने वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया गया है, इसका रिकार्ड नहीं रहता, जिसको देखते हुए यह साफ्टवेयर बनाया जा रहा है। इस साफ्टवेयर को भारत सरकार के वाहन साफ्टवेयर में लिंक कर दिया जाएगा।

पीयूसी केंद्र संचालकों के मुताबिक एक मोबाइल पीयूसी वैन से रोजाना 3 से 5 वाहनों की पीयूसी होता है। इस हिसाब से शहर के अलग-अलग स्थानों पर खड़े होने वाले 38 पीयूसी जांच केंद्रों से 114 से 190 तक वाहनों की पीयूसी होती है। इनमें 85 से 90 प्रतिशत कमर्शियल वाहन होते हैं। बाकी 10 से 15 प्रतिशत निजी वाहनों की संख्या रहती है।

- बीमा रिन्युअल से पहले पीयूसी करना जरूरी

देश में बढ़ते प्रदूषण को काबू में करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों पीयूसी सार्टिफिकेट दिखाने पर ही बीमा कंपनियों को हर साल बीमा रिन्युअल का आदेश दिया है। वाहनों का बीमा रिन्युअल कराने से पहले पीयूसी कराना जरूरी रहेगा। संबंधित बीमा कंपनी बिना पीयूसी सार्टिफिकेट देखें वाहनों का बीमा नहीं करेगी।

- क्या होता है पीयूसी

गाड़ियों से जो धुआं निकलता है, वह पर्यावरण के लिए खतरनाक हो सकता है। इस तरह के प्रदूषण के लिए पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए जो मानक तय किए गए हैं, उनके मुताबिक ही आपकी गाड़ी का धुआं प्रदूषण फैला रहा है, इस बात की पुष्टि करने के लिए एक जांच के बाद जो सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, उसे पीयूसी कहते हैं। भारत में मोटर या इंजन वाली सभी गाड़ियों के लिए यह अनिवार्य है।

- ये हैं छह महीने के पीयूसी सार्टिफिकेट की कीमत रुपए में

-दुपहिया वाहन-100

-त् ाीन पहिया-150

- चार पहिया-250

- मध्यम मोटर वाहन-250

- भारी मोटर वाहन-500

- यह है जुमार्ने का प्रावधान

- कमर्शियल वाहनों पर जुमार्ने की राशि-3000

-निजी दुपहिया व चार पहिया वाहनों पर-2000

-वाहन मालिकों का जागरूक होना जरूरी

वाहनों की पीयूसी कराने के लिए वाहन मालिक जागरूक नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों की निर्देश पर वाहनों के चैकिंग अभियान में पीयूसी सार्टिफिकेट देखे जाते हैं। कमर्शियल वाहनों की पीयूसी तो होती है, लेकिन अधिकांश निजी वाहनों की पीयूसी नहीं मिलती। ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाया जाता है।

संजय तिवारी, आरटीओ

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