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मंत्रिमंडल विस्तार पर फिर ग्रहण, दिल्ली से बैरंग लौटे सीएम शिवराज, सूची पर नए सिरे से मंथन

वरिष्ठों-उप मुख्यमंत्री पर फंसा पेंच

मंत्रिमंडल विस्तार पर फिर ग्रहण, दिल्ली से बैरंग लौटे सीएम शिवराज, सूची पर नए सिरे से मंथन

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रियों की सूची फाइनल कराए बगैर दिल्ली से बैरंग भोपाल लौट आए। खबर है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवराज द्वारा तैयार सूची को रिजेक्ट कर दिया है। नेतृत्व को आधा दर्जन से ज्यादा उन वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनाने पर ऐतराज है जो 15 साल तक लगातार मंत्री रहे हैं।

शिवराज इन विश्वस्तों को फिर मंत्री बनाना चाहते थे जबकि संगठन नए चेहरों को आगे लाने के पक्ष में है। इस तरह शिवराज सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर फिर ग्रहण लग गया। मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार नहीं हो रहा है। यह कब होगा, इसकी कोई तारीख उन्होंने नहीं बताई। खबर है कि वरिष्ठों के अलावा, उप मुख्यमंत्री पद एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों की मंत्रियों की संख्या को लेकर भी पेंच फंसा है। हालांकि प्रभारी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को भोपाल आ रही हैं। इसलिए 2 जुलाई को मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना व्यक्त की जा रही है।

इन वरिष्ठ विधायकों पर सहमति नहीं

भाजपा संगठन को जिन वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनाए जाने पर एतराज है, उनमें गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, विजय शाह, पारस जैन, गौरीशंकर बिसेन, करण सिंह वर्मा, सुरेंद्र पटवा तथा अजय विश्नोई के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। संगठन की राय से पार्टी नेतृत्व सहमत है, इसीलिए नए चेहरों को ध्यान में रखकर फिर सूची बनाने को कहा गया है।

उप मुख्यमंत्री के लिए सिलावट, नरोत्तम के नाम

सूत्रों के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बातचीत में तुलसी सिलावट को उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात हुई थी। इसके अलावा जितने मंत्री बनाने की बात हुई थी, सिंधिया वादे पर पूरा अमल चाहते हैं। इधर संगठन में एक वर्ग सिलावट के साथ नरोत्तम मिश्रा को भी उप मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में है। शिवराज ऐसा नहीं चाहते। उनका मानना है कि इससे सरकार में कई पॉवर सेंटर बन जाएंगे और काम करने में परेशानी आएगी। भाजपा सिंधिया के मंत्रियों का कोटा कम करने के पक्ष में भी है लेकिन सिंधिया अपने स्टेंड से डिगने को तैयार नहीं हैं।

शिवराज की संगठन से दो दौर की चर्चा

संगठन का मानना है कि जो वरिष्ठ विधायक 15 साल तक मंत्री रहे, उनकी वजह से ही पार्टी को सत्ता से बाहर होना पड़ा। इस आधार पर संगठन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान चाहता है। नेतृत्व के सख्त रुख के बाद शिवराज ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ मंत्रियों की सूची को लेकर नए सिरे से कसरत शुरू कर दी है। मंगलवार को उन्होंने इनके साथ दो दौर की चर्चा की। नए चेहरों में ऐसे नामों पर बात हो रही है, जिनके भविष्य में आगे बढ़ने की संभावना है और शिवराज तथा संगठन दोनों उन पर सहमत हैं।

नरोत्तम दिल्ली में ही, सिंधिया का दौरा रद्द

शिवराज सिंह चौहान के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत स्टेट प्लेन से भोपाल वापस आ गए लेकिन प्रदेश के गृह मंत्री दिल्ली में ही डटे हैं। नरोत्तम दिल्ली में पार्टी नेताओं से मंत्रियों की सूची पर चर्चा कर रहे हैं और अपने लिए लाबिंग भी। इधर ज्योतिरादित्य सिंधिया 1 जुलाई को विषेष विमान से भोपाल आने वाले थे लेकिन उनका दौरा भी रद्द हो गया।

आनंदीबेन आज आएंगी, लेंगी शपथ

उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को अपरान्ह 3 बजे भोपाल आ रही हैं। शाम साढ़े 4 बजे मप्र हाईकोई के मुख्य न्यायाधीश उन्हें प्रदेश के प्रभारी राज्यपाल की शपथ दिलाएंगे। आनंदीबेन पहले भी मप्र की राज्यपाल रह चुकी हैं।

कांग्रेस जैसी गलती कर रही भाजपा: भार्गव

वरिष्ठों को दरकिनार कर नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने कहा है कि भाजपा भी वही गलती कर रही है जो कांग्रेस ने की थी। पार्टी को वरिष्ठ नेताओं का सहयोग लेना चाहिए।

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