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ग्रामीणों का पशु प्रेम : नंदी की मौत के बाद की गई रस्म क्रिया

गांव खरखड़ा के ग्रामीणों ने पशु प्रेम की मिसाल पेश की है।यह सांड काफी वर्षो से गांव में ही रहकर लोगों का प्रिय बना हुआ था व बच्चे प्यार से इसे नंदी कहकर बुलाते थे।

ग्रामीणों का पशु प्रेम : नंदी की मौत के बाद की गई रस्म क्रिया
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विधि विधान के साथ सांड का अंतिम संस्कार करते ग्रामीण।

हरिभूमि न्यूज. रेवाड़ी

शहर में लावारिश पशुओं से लोग परेशान हैैं। वहीं दूसरी ओर गांव खरखड़ा के ग्रामीणों ने पशु प्रेम की मिसाल पेश की है। बीमारी की वजह से एक सांड की मौत होने पर पूरे विधि-विधान के साथ ग्रामीणों द्वारा उसका अंतिम संस्कार किया गया। सांड के शव को पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार करने के बाद शोक की रस्म अदायगी भी की गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर सांड को अंतिम विदाई दी।

गांव खरखड़ा निवास सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश यादव ने बताया कि शिवरात्रि के दिन सुबह ही वर्षो से गांव में रहने वाले एक सांड की बीमारी के चलते मौत हो गई, यह सांड काफी वर्षो से गांव में ही रहकर लोगों का प्रिय बना हुआ था व बच्चे प्यार से इसे नंदी कहकर बुलाते थे। ग्रामीणों का इस नंदी के प्रति विशेष लगाव होने के चलते ही स्थानीय निवासी डॉ. सरजीत सिंह, हरिसिंह, रामौतार, महाबीर सिंह दलीप सिंह आदि द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर सांड का अंतिम संस्कार किया गया। साथ ही भोले बाबा की पूजा का आयोजन कर भजन-कीर्तन के बाद सांड की आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना की गई। जिसमें गांव की पुरुषों व महिलाओं सहित सामाजिक लोगो ने भी भाग लिया।




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