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खरखौदा थाने का एसआई 10 हजार की रिश्वत लेता गिरफ्तार

आरोप है कि जमीनी विवाद में एक पक्ष को परेशान कर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। आरोपित को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

खरखौदा थाने का एसआई 10 हजार की रिश्वत लेता गिरफ्तार
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गिरफ्तार किए गए एसआई नरेश कुमार को ले जाते सतर्कता विभाग के कर्मचारी।

हरिभूमि न्यूज. खरखौदा

विजिलेंस की टीम ने खरखौदा थाने से एसआई को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीनी विवाद में एक पक्ष को परेशान कर रिश्वत की मांग की गई थी। विजिलेंस की टीम ने मुकदमा दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को काबू कर लिया।

गांव बरोणा निवासी सुनीता ने शिकायत दी थी कि उसके जेठ की मौत के बाद उसके ससुर ने पूरी संपत्ति उसके पति हवा सिंह के नाम कर दी थी। उसकी जेठानी दयावंती के पास छह बेटियां है। हालांकि बाद में उसके पति ने कुछ जमीन भाभी दयावंती के नाम करवा दी। जिससे उसका गुजर-बसर हो जाए। सुनीता का कहना है कि एक दशक पहले आईएमटी, खरखौदा के लिए हुए भूमि अधिग्रहण में उनकी जमीन का भी अधिग्रहण हुआ था। जिसके बाद उन्हें व उसकी जेठानी को 56-56 लाख रुपये मुआवजा मिला था। वर्ष 2016 में उसके पति हवासिंह का भी देहांत हो गया। अब कुछ समय पहले उसकी जेठानी दयावंती ने उसके नाम की गई जमीन को सुनीता के नाम कर दिया। साथ ही मुआवजा के रूप में मिले 56 लाख रुपये में से बचे हुए 21 लाख रुपये सुनीता के बेटे त्रिलोक के नाम कर दिए। इस बात का पता जब उसकी जेठानी की बेटियों को लगा तो उनमें से एक बेटी ललिता उसकी जेठानी दयावंती को अपने साथ ले गई।

डेढ़ लाख रुपये मांगे थे

उसके बाद उन पर आरोप लगा दिया कि उन्होंने उसकी मां को बहकाकर जमीन व पैसे अपने नाम करवा लिए हैं। ऐसे में जब मामला थाने में पहुंच गया था। इसी बीच दयावंती की सबसे छोटी बेटी सीमा ने न्यायालय में याचिका देकर अपनी मां को बड़ी बहन के घर से अपने घर लाने की मांग कर दी। जिस पर न्यायालय की तरफ से पुलिस की मौजूदगी में दयावंती को उसकी बेटी ललिता के घर से लाने के आदेश दिए थे। सुनीता का आरोप है कि इस दौरान खरखौदा थाने से एसआई नरेश दयावंती को लेने के लिए गया था और उसने दयावंती की बेटी से मिलकर उन्हें तंग करना शुरू कर दिया। इसके बाद मामले को सुलझाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग करने लगा था। जिसकी एवज में 30 हजार रुपये वह पहले ही दे चुके हैं, वहीं दस हजार रुपये बुधवार को देने की बात हुई थी। इस पर उन्होंने विजिलेंस सोनीपत को शिकायत दे दी। टीम के कहने पर उसने थाने में एसआई को दस हजार रुपये की नकदी दी, जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।


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