Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आर्ट एंड क्रॉफ्ट प्रदर्शनी में अपने उत्पादों से वाहवाही लूट रहे शिवरतन, आगे पढ़ें

शिवरतन प्रजापति ने एक रुपये के सिक्के पर 33 सूक्ष्म बर्तनों का सेट बनाकर देखने वालों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इतना ही नहीं माचिस की एक तिल्ली पर उन्होंने 15 सूक्ष्म बर्तनों को क्रमबद्ध रखकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया।

आर्ट एंड क्रॉफ्ट प्रदर्शनी में अपने उत्पादों से वाहवाही लूट रहे शिवरतन, आगे पढ़ें
X

अपने द्वारा तैयार किए सूक्ष्म बर्तन दिखाते शिवरतन प्रजापति व एक रुपए के सिक्के पर रखे 40 सूक्ष्म बर्तन।

रवींद्र राठी : बहादुरगढ़

मिट्टी के बर्तन बनाने में महारत रखने वाला यूपी के आजमगढ़ का प्रजापति परिवार अपने सूक्ष्म बर्तनों के लिए दुनिया में एक अलग पहचान रखता है। गुजरात से करीब 385 साल पहले आजमगढ़ के निजामाबाद में आकर बसे प्रजापति परिवार के राजेंद्र प्रसाद व उनकी पत्नी कल्पा देवी को वर्ष 1987 में राष्ट्रपति अवार्ड मिल चुका है। उनके पुत्र रामजतन को 2004 में नेशनल मेरिट तथा शिवरतन को 2001 में स्टेट अवार्ड मिल चुका है।

बहादुरगढ़ की देवकरण धर्मशाला में चल रही प्राचीन कारीगर एसोसिएशन की आर्ट एंड क्रॉफ्ट प्रदर्शनी में अपने उत्पाद से वाहवाही लूट रहे शिवरतन के पिता राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1988 में लंदन के म्यूजियम समेत दुनिया के 17 देशों में अपनी कला से सम्मान प्राप्त किया। शिवरतन प्रजापति ने एक रुपये के सिक्के पर 33 सूक्ष्म बर्तनों का सेट बनाकर देखने वालों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इतना ही नहीं माचिस की एक तिल्ली पर उन्होंने 15 सूक्ष्म बर्तनों को क्रमबद्ध रखकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया। मुगल काल से लेकर अंग्रेजी राज और अब आजाद भारत में भी अपने हाथ के हुनर से प्रजापति परिवार ने मिट्टी को नई पहचान दी है। इस परिवार के सदस्यों ने कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार प्राप्त किए।

शिवरतन के पिता राजेंद्र प्रसाद प्रजापति को 1978 में राज्य दक्षता अवार्ड मिला जबकि 1987 में तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमण द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। उनकी मां कल्पा देवी को भी 1981 में स्टेट अवार्ड तथा 1987 में ही राष्ट्रपति पुरस्कार मिला। उनके भाई रामजतन प्रजापति को 1987 में राज्य दक्षता पुरस्कार, 1993-94 में राज्य पुरस्कार तथा 2004 में नेशनल मेरिट अवार्ड मिला। शिव रतन प्रजापति को 2001 में राज्य पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रजापति परिवार की विश्व विख्यात ब्लैक पॉटरी कला हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। उनके द्वारा बनाए गई मिट्टी की केटली, लालटेन, पॉट समेत अन्य बर्तन देश ही नहीं विदेशों के संग्रहालयों की भी शोभा बढ़ा रहे हैं।

शिवरतन बताते हैं कि मिट्टी को पकाकर लगभग काला कर देते हैं। चित्रों से पूरी कहानी उकेरकर उसमें सिल्वर भरते हैं। इस काम में समय भी पूरा लगता है और मेहनत भी खूब लगती है, हालांकि उसके सापेक्ष कीमत नहीं मिल पाती। फिर भी लोगों की सराहना के बूते उनका परिवार इस कला को आगे बढ़ाने में जुटा है।

Next Story