Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

रोहतक की बेटी नीरजा वायुसेना में बनेंगी मौसम विज्ञानी

भारतीय वायु सेना ने मौसम वैज्ञानिक भर्ती करने के लिए परिणाम जारी कर दिया है। इसमें इसमें गांव कन्हेली की नीरजा का चयन हुआ है। बेटी नीरजा के वायुसेना में भर्ती होने पर कन्हेली गांव में खुशियाें का माहौल है। नीरजा के चाचा-ताऊओं के यहां लोग बधाई दे रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि नीरजा ने गांव का नाम रोशन कर दिया है।

रोहतक की बेटी नीरजा वायुसेना में बनेंगी मौसम विज्ञानी
X
नीरजा

हरिभूमि न्यूज: रोहतक

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने मौसम वैज्ञानिक भर्ती करने के लिए परिणाम जारी कर दिया है। इसमें इसमें गांव कन्हेली की नीरजा का चयन (Selection of Neerja) हुआ है। नीरजा अपनी मां के साथ इस समय रामगोपाल कॉलोनी में रहती हैं। इनका चयन वायुसेना की मौसम विज्ञान (Meteorology) ब्रांच में बतौर कमीशंड ऑफिसर के पद पर हुआ है। नीरजा का प्रशिक्षण 17 अगस्त से हैदराबाद (Hyderabad) स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी में होगा। गत वर्ष अक्टूबर में देहरादून में कई चरणों में सम्पन्न हुए एसएसबी क्लीयर करने के पश्चात मेडिकल फिटनेस टेस्ट में पास होने के उपरांत नीरजा ने यह मुकाम हासिल किया है।

बेटी नीरजा के वायुसेना में भर्ती होने पर कन्हेली गांव में खुशियाें का माहौल है। नीरजा के चाचा-ताऊओं के यहां लोग बधाई दे रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि नीरजा ने गांव का नाम रोशन कर दिया है। सबसे ज्यादा खुशी नीरजा की मां सुनीता देवी को हो रही है। वर्ष 2009 में हुई सड़क दुर्घटना में सुनीता ने पति विजेंद्र को खो दिया था। सुनीता सोचती थी कि कब उनकी बेटी नीरजा उनके पति विजेंद्र के सपने को पूरा करे। सुनीता बताती हैं कि विजेंद्र का चाहते थे कि उनकी बेटी भारतीय वायुसेना में पायलट बनकर देश की सेवा करे। नीरजा पायलेट तो नहीं बनी। लेकिन पायलट से कम भी नहीं रही। सुनीता इस समय पीजीआईएमएम में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी ठेके पर कर रही हैं। सुनीता की जिंदगी बेशक कठिन हालातों में बीती हो। लेकिन बेटी को पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। बेटी ने भी मां की उम्मीदों को पंख लगाए और आज इस मुकाम तक पहुंच गई। सुनीता बताती हैं कि बेटी नीरजा ने आज उनके मन की मुराद पूरी कर दी है। भगवान ऐसी बेटी सभी के घर में दे।

मेधावी नीरजा ने बिना कोचिंग के हासिल किया मुकाम

नीरजा के मामा कर्मवीर हुड्डा ने बताया कि वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। इनके पिता विजेंद्र सिंह का एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। उस समय नीरजा छठी कक्षा में पढ़ती थी। नीरजा ने 10+2 तक की शिक्षा महेंद्रा मॉडल स्कूल, सेक्टर-3 से हासिल की है। 10+2 में सीबीएसई बोर्ड से 95% अंक प्राप्त किए। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से बी.एससी. कैमिस्ट्री (ऑनर्स) और एम.एससी. कैमिस्ट्री की डिग्री हासिल की। इन्होंने नेट (जेआरएफ) और गेट की पात्रता परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। अभी तक नीरजा ने बिना कोचिंग लिए ही सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। इस उपलब्धि का श्रेय इन्होंने अपने अध्यापकों और परिजनों को दिया। जिसके कारण वह इस मुकाम पर पहुंची है।

Next Story