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42 हजार में बेच रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन, चढ़ा हत्थे

सिविल लाइन थाना पुलिस ने औषधी नियंत्रक कार्यालय कर्मी की शिकायत पर पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।

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रेमडेसिविर इंजेक्शन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हरिभूमि न्यूज. जींद

आक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए गठित टीम ने बस अड्डा के निकट एक युवक को 42 हजार रुपये में रेमडेसिविर इंजेक्शन (Remdesivir Injection) बेचते काबू किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने औषधी नियंत्रक कार्यालय कर्मी की शिकायत पर पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।

आक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए गठित टीम को सूचना मिली थी कि गांव लोहचब निवासी रामकेश रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहा है। जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने गांव अलेवा निवासी सुनील को फर्जी ग्राहक तैयार कर रामकेश से संपर्क साधने के लिए कहा। जिस पर रामकेश ने सुनील से 45 हजार रुपये प्रति इंजेक्शन के मांगे। आखिरकार 42 हजार रुपये में सौदेबाजी तय हो गई। साथ ही रामकेश ने सुनील को बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिलीवरी जींद बस अड्डा के निकट देगा। जिसके आधार पर रोडवेज जीएम एवं आक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन कालाबाजारी रोकने के नोडल अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। जिन्होंने 40 नोट 500-500 के हस्ताक्षर कर सुनील को दे दिए। बीती देर शाम को रामकेश बाइक पर सवार होकर बस अड्डा के निकट पहुंचा। जैसे ही सुनील ने रामकेश को राशि थमाई तो उसने उसे रेमडेसिविर इंजैक्शन का डिब्बा दे दिया। इशारा मिलते ही टीम ने रामकेश को काबू कर लिया और उससे 20 हजार रुपये की राशि तथा रेमडेसिविर इंजैक्शन को कब्जे में ले लिया।

रोहतक के निजी अस्पताल की ओटीए में कार्य करता है

टीम द्वारा पूछताछ में सामने आया कि वह रोहतक के निजी अस्पताल की ओटीए में कार्य करता है। मुनाफा कमाने के फेर में वह रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहा था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने औषद्यी कार्यालय के कर्मचारी राजकुमार की शिकायत पर रामकेश के खिलाफ नशीले पदार्थ निरोधक अधिनियम, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। नोडल ऑफिसर बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि गांव लोहचब निवासी रामकेश रोहतक के निजी अस्पताल में कार्य करता है। वीरवार रात को वह ब्लैक में रेमडेसिविर इंजेक्शन की डिलीवरी देने पहुंचा था। जिसकी एवज में 42 हजार रुपये की डिमांड रखी गई थी। आरोपित को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है।

अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया

सिविल लाइन थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि आरोपित को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपित से यह जानकारी जुटाई जाएगी कि वह इंजेक्शन कहां से लेकर आता था, कालाबाजारी के गोरखधंधे में कौन-कौन लोग शामिल है समेत अन्य तथ्यों को जुटाया जाएगा।

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