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हरियाणा : आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में दिए जाएंगे Oximeter

एक्सपर्ट ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई है। ऐसे में सरकार ने बच्चों कोरोना की तीसरी से बचाने के लिए आठवीं तक के स्कूलों को ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।

हरियाणा : आठवीं कक्षा तक के स्कूलों में दिए जाएंगे Oximeter
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हरिभूमि न्यूज : नारनौल

कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने प्राइमरी व मिडिल को विद्यार्थियों की सुरक्षा की दृष्टि से ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाने की योजना बनाई है। बता दें कि एक्सपर्ट ने कोरोना महामारी की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना जताई है। ऐसे में सरकार ने बच्चों कोरोना की तीसरी से बचाने के लिए आठवीं तक के स्कूलों को ऑक्सीमीटर उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। ताकि समय-समय पर बच्चों का ऑक्सीजन लेवल मापा जा सकें।

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। जिसके तहत शिक्षा विभाग अब सभी प्राइमरी व मिडिल स्कूलों को ऑक्सीमीटर प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार ऑक्सीमीटर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध करवा दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार ने पहली से आठवीं तक के स्कूलों में ऑक्सीमीटर देने का निर्णय लिया है।

सराहनीय कदम

सरकार का बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए यह सराहनीय कदम है। स्कूल आने वाले बच्चों की रोजाना ऑक्सीजन लेवल की जांच की जाएगी। इस दौरान अगर किसी बच्चे में ऑक्सीजन लेवल कम पाया जाएगा, तो उसे चिकित्सक की सलाह अनुसार उपचार दिलाया जाएगा। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र सिंह श्योराण ने बताया कि जिले के पहली से आठवीं तक के 579 स्कूल है। इनमें करीब 43 हजार विद्यार्थी है। सभी बीईओ को ऑक्सीमीटर भेज दिए गए है। प्रत्येक एक कक्षा में एक ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे।

रोजाना होगी जांच

शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों को ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे। जिनसे स्कूल स्टाफ रोजाना स्कूल पहुंचने वाले बच्चों के ऑक्सीजन लेवल जांच करेंगे। यदि किसी बच्चे में ऑक्सीजन लेवल कम पाया जाता है तो उसे चिकित्सक की सलाह अनुसार उपचार मुहैया करवाया जाएगा।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका

बता दें कि विशेषज्ञों ने अगस्त या सितंबर माह तक कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में सरकार का आठवीं तक के स्कूलों में ऑक्सीमीटर देने का यह निर्णय बच्चों के लिए लाभ दायक साबित हो सकता है।

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