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कोविशील्ड की एक भी डोज नहीं होगी बर्बाद, मास्टर प्लान तैयार

अधिकारियों ने निर्णय लिया कि जब तक सेंटर पर 10 वैनिफिशरी एकत्रित नहीं हो जाते तब तक वायल को नहीं खोला जाएगा। इससे बेशक समय पर पहुंचे वेनिफिशरों को इंतजार करना पड़े लेकिन कोविशील्ड की एक एक डोज बेहद कीमती है तथा इसे व्यर्थ नहीं किया जा सकता।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

कुलदीप शर्मा : भिवानी

जिले में 10 महीने में कोरोना से 143 जिंदगियां खोने और दिन-रात हजारों वैज्ञानिकों की मेहनत एवं रिसर्च पर सरकार के करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद कोरोना का टीका हमें मिला है, लेकिन जिंदगी बचाने में कारगर इस टीके का मोल बेहद अनमोल है तथा इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक भी डोज व्यर्थ न हो इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया है।

अभी से पहले एक दो सेंटरों पर जब डोज बेनिफिशरी के नहीं पहुंचने से काम नहीं आई तो अधिकारियों ने तुरंत इस तरफ ध्यान दिया तथा व्यर्थ होने वाली एक एक डोज को कैसे बेनिफिशरी को लगाया जाए इस पर मंथन शुरू किया तो रास्ते अपने आप बनते चले गए। अधिकारी इस बारे में विचार विमर्श कर ही रहे थे कि उच्च अधिकारियों की तरफ से ऑन द स्पोट बेनिफिशरी को एड करने का ऑप्शन मिल गया जिससे अब विभाग को राहत मिलने के साथ साथ कोविशील्ड की एक भी डोज खराब नहीं होगी।

कोविशील्ड एक वायल में 10 वेनिफिशरों को डोज लगाई जाती है। शुरुआत में जब पांच से छह बेनिफिशरी टीका करण सेंटर पर पहुंच रहे थे तो वायल को खोलकर टीका लगाने का कार्य शुरू किया जा रहा था लेकिन जैसे जैसे समय बीतता तथा अन्य बेनिफिशरी नहीं पहुंचते तो अधिकारियों व सेंटर पर उपस्थित चिकित्सकों की चिंता बढ़ने लग जाती थी। इसका मुख्य कारण यह था कि वायल खुलने के चार घंटे तक ही उसका प्रयोग किया जा सकता है। ऐसे में डोज व्यर्थ होने की संभावना अधिक बढ़ रही थी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने निर्णय लिया कि जब तक सेंटर पर 10 वेनिफिशरी एकत्रित नहीं हो जाते तब तक वायल को नहीं खोला जाएगा। इससे बेशक समय पर पहुंचे वेनिफिशरों को इंतजार करना पड़े लेकिन कोविशील्ड की एक एक डोज बेहद कीमती है तथा इसे व्यर्थ नहीं किया जा सकता।

16 जनवरी से शुरू हुआ था टीकाकरण

फ्रंट लाइन के कोराना योद्धाओं को जिले में कोविशील्ड की सुरक्षा देने का कार्य 16 जनवरी को शुरू किया गया था। शनिवार को शुरू हुए अभियान के दौरान पहले दिन 300 में से 190 अधिकारी व कर्मचारी आगे आए थे तो वहीं सोमवार को चार स्थानों पर यह आंकड़ा 233 पहुंचा था। मंगलवार को अभियान को रफ्तार देने के लिए विभाग ने आठ स्थानों पर टीका करण अभियान चलाया लेकिन 800 अधिकारियों व कर्मचारियों में से सिर्फ 402 ही उपस्थित हुए। इस हिसाब से यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक ही पहुंचा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए शुक्रवार को आठ की बजाए 20 स्थानों पर टीका करण अभियान चलाया तथा इस अभियान में 1536 कर्मचारियों व अधिकारियों ने भाग लेकर सुरक्षा का संदेश दिया।

अब ऑन द स्पोट एड होंगे वैनिफिशरी

16 जनवरी से शुरू हुआ टीका करण अभियान के दौरान अधिकारियों के पास जितने वेनिफिशरी की लिस्ट आती थी उन्हीं को टीका लगाया जा रहा था तथा जो वेनिफिशरी टीका करण के लिए निर्धारित किए गए दिन पर नहीं पहुंचते थे उन्हें आगे होने वाली टीकाकरण लिस्ट में शामिल किया जा रहा था जिससे अभियान को गति नहीं मिल पा रही थी। अब विभाग के पास ऑन द स्पोट एड करने के ऑप्शन भी मिल गया है। इसका फायदा यह होगा कि जिस भी टीका करण सेंटर पर कम वेनिफिशरी पहुंचते हैं वहां पर नए वेनिफिशरी को एड कर लिया जाएगा तथा वायल को वेस्ट होने से बचाया जा सकेगा।

एक एक डोज कीमती नहीं होने देंगे व्यर्थ

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डाक्टर आशीष सांगवान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कोविशील्ड की एक एक डोज कीमती है तथा हर संभव प्रयास किया जा रहा है किसी भी सेंटर पर एक भी डोज व्यर्थ जाए। अब ऑन द स्पोट वेनिफिशरी को एड करने का ऑप्शन भी आ गया है जिससे कोविशील्ड की एक भी डोट खराब नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि जिसका नाम लिस्ट में आ रहा है वो समय पर निर्धारित टीकाकरण सेंटर पर पहुंच कर लाभ उठाए।

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