Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

किसान आंदोलन : आज केएमपी पर शक्ति दिखाएंगे किसान, वाहन चालक इस रूट पर न आएं

सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक जाम लगाने के साथ ही किसान एक सप्ताह पहले शुरू किए गए केएमपी टोल को एक बार फिर फ्री करवाएंगे।

किसान आंदोलन : आज केएमपी पर शक्ति दिखाएंगे किसान, वाहन चालक इस रूट पर न आएं
X

धरनास्थल पर मुख्य मंच से किसान नेताओं को सुनते किसान।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

कुंडली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के 100 पूरे होने के साथ ही किसान शनिवार केएमपी पर अपना दम दिखाते हुए जाम लगाएंगे। सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक जाम लगाने के साथ ही किसान एक सप्ताह पहले शुरू किए गए केएमपी टोल को एक बार फिर फ्री करवाएंगे। यह टोल किसानों ने करीब दो माह पहले फ्री करवाया था, हालांकि गणतंत्र दिवस के बाद फिर से टोल वसूलना शुरू हुआ तो सप्ताहभर के भीतर ही उसे फ्री करवाया गया। अब एक बार फिर करीब एक सप्ताह से केएमपी टोल प्लाजा पर टोल टैक्स वसूलना शुरू हो गया है। किसानों ने जाम को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने का आह्वान करते हुए युवाओं को रणनीतियों से अवगत कराया है। साथ ही कहा कि सरकार आंदोलन को विफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, इसलिए आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाकर ही सफल बनाया जा सकता है।

दिल्ली की दहलीज पर 100 दिनों से धरने पर डटे किसानों में उत्साह की कोई कमी नहीं है। किसान अलग-अलग तरीके के आंदोलन चलाकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट कर रहे हैं। इसी कड़ी में किसानों ने एक बार फिर से हुंकार भरी है कि वे अपना हक लेकर ही यहां से जाएंगे और इसके लिए वे यहां कितने भी समय तक बैठे रहने को तैयार हैं। सिंघु बार्डर धरने पर शुक्रवार को मेवात से कुछ किसान प्रतिनिधि पहुंचे और सरकार को खुले तौर पर चेतावनी दी कि सरकार उन्हें खालीस्तानी कहे या पाकिस्तानी, वे 3 कानूनों को रद्द करवाए बिना यहां नहीं जाएंगे। मेवात से यहां पहुंचे मोहम्मद अजहर, नसीम अहमद ने कहा कि पंजाब के भाइयों और माताओं ने भारत को फिर से असली भारत बना दिया है। यहां की कौम का 70 प्रतिशत हिस्सा किसान है, जो अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पूरे देश के किसानों की अगुवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जमीन हड़प कर पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है, लेकिन किसान ऐसा किसी भी सूरत में नहीं करने देंगे।

काले झंडे लगाकर दर्ज करवाएंगे विरोध

संयुक्त किसान मोर्चा ने आंदोलन के तीसरे चरण में ऐलान किया है कि 6 मार्च शनिवार को आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर 5 घंटे के लिए केएमपी तो बंद करेंगे ही, साथ ही देशभर में घरों व प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। यही नहीं आंदोलन को मजबूत करने के लिए किसानों ने चुनाव वाले पांचों राज्यों में भी किसान पंचायत करके लोगों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया है। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़, धर्मेंद्र मलिक, रमजान चौधरी, जोगेंद्र नैन और डा. दर्शनपाल ने बताया कि केएमपी को जाम करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। यह अभियान भी पिछले अभियानों के तरह बेहद शांतिपूर्ण रहने वाला है। किसानों को शरारती तत्वों से दूर रहने के लिए आगाह किया गया है।

केएमपी जाम के बाद महिला दिवस व 15 मार्च की तैयारियों पर देंगे ध्यान

किसान नेताओं ने कहा है कि केएमपी जाम को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाएंगे। इसके तुरंत बाद 8 मार्च के महिला दिवस व 15 मार्च के धरने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। देश की बड़ी दस ट्रेन यूनियनों के साथ किसान मोर्चा की बैठक हो चुकी है। इसमें तय हुआ है कि 15 मार्च को देशभर में ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर किसान निजीकरण, कृषि कानूनों और कारपोरेट जगत के खिलाफ रेलवे स्टेशन के बाहर धरना देंगे। इस कार्यक्रम में किसानों ने यूनियनों का साथ देने का आहवान कर दिया है। इसी दिन मेवात में महापंचायत का आयोजन भी होगा। ये महापंचायत संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में की जाएगी।

पुलिस ने रूट किए डायवर्ट

किसानों के केएमपी जाम करने की चेतावनी के बाद पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए शुक्रवार को मंथन किया, साथ ही नया रूट प्लान भी बनाया है। किसानों के केएमपी जाम को लेकर वाहन चालकों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए पुलिस ने कई रूटों को डायवर्ट किया है। साथ ही वाहन चालकों से भी अपील की है कि वे शनिवार को केएमपी की तरफ ना जाकर दूसरे रूटों का इस्तेमाल करें। पुलिस अधीक्षक ने इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह पुलिस टीमों की ड्यूटियां भी लगाई हैं।


Next Story