Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

टीबी के रोगियों की पहचान के लिए लगाए जाएंगे कैंप

टीबी की जांच के लिए एक्स-रे व बलगम की जांच आवश्यक है। जिले की अधिकतर संस्थाओं में एक्स-रे की सुविधाएं नहीं है, जिस कारण टीबी की जांच व इलाज में देरी होती है तथा मरीज गंभीर अवस्था में टीबी के इलाज के लिए पहुंचता है। इन कैंपों में संभावित टीबी मरीजों की जांच व एक्स-रे मुफ्त किए जाएंगे।

टीबी के रोगियों की पहचान के लिए लगाए जाएंगे कैंप
X

नारनौल : मोबाइल एक्स-रे वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते डा. अशोक कुमार। फोटो: हरिभूमि

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

जिला क्षय रोग केंद्र सेे मेदांता अस्पताल की मोबाइल एक्स-रे वाहन व बिगड़ी हुई टीबी जांच की मशीन (सीबीएनएएटी) को सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर जिला में मिशन टीबी मुक्त हरियाणा की शुरुआत की। उप सिविल सर्जन (टीबी) डा. हर्ष चौहान ने बताया कि टीबी मुक्त हरियाणा मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग एवं मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के सहयोग से जिला मेें जिन संस्थाओं में एक्स-रे जांच की सुविधाएं नहीं हैं उन संस्थाओं पर टीबी के रोगियों के पहचान के लिए कैंप लगाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि टीबी के बहुत से मरीज जिला क्षयरोग केंद्र नारनौल या नागरिक अस्पताल नारनौल नहीं पहुंच पाते हैं। टीबी की जांच के लिए एक्स-रे व बलगम की जांच आवश्यक है। जिले की अधिकतर संस्थाओं में एक्स-रे की सुविधाएं नहीं है, जिस कारण टीबी की जांच व इलाज में देरी होती है तथा मरीज गंभीर अवस्था में टीबी के इलाज के लिए पहुंचता है। इन कैंपों में संभावित टीबी मरीजों की जांच व एक्स-रे मुफ्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जो मरीज टीबी से ग्रस्त पाया जाएगा, उनका डॉटस प्रणाली के तहत मुफ्त इलाज किया जाएगा। बिगड़ी हुई टीबी के संभावित मरीजों की सीबीनेट मशीन से जांच की जाएगी।

इन केंद्रों पर लगेंगे कैंप

उप सिविल सर्जन (टीबी) डा. हर्ष चौहान ने बताया कि 24 मार्च को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में, 25 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंडियाखेड़ा में व 26 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कनीना में कैंप लगाया जाएगा।

Next Story