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रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ में तीसरी लहर के संकेत, प्रदेश में 190 केस

अगस्त के पहले सप्ताह की स्थिति में छत्तीसगढ़, एक्टिव केस 769, विदेश से लौटे तीन और पॉजिटिव को ओमिक्रॉन नहीं, दो की रिपोर्ट का इंतजार, विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत जनवरी में होने की आशंका जताई थी। दिसंबर के अंतिम दिनों में ही कोरोना के वायरस ने अपनी मजबूत मौजूदगी का अहसास कराना शुुरु कर दिया है। पढ़िए पूरी ख़बर..

रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ में तीसरी लहर के संकेत, प्रदेश में 190 केस
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रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर जिले में मिलने वाले ताबड़तोड़ कोरोना केस की वजह से प्रदेश में तीसरी लहर की शुरुआत हो चुकी है। 25 हजार लोगों की जांच में यहां 190 संक्रमित मिले हैं, जो अगस्त के पहले सप्ताह में कोरोना जैसी स्थिति है। एक ही झटके में एक्टिव केस अब 769 तक पहुंच गया है।

रायपुर: विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत जनवरी में होने की आशंका जताई थी। दिसंबर के अंतिम दिनों में ही कोरोना के वायरस ने अपनी मजबूत मौजूदगी का अहसास कराना शुुरु कर दिया है। कोरोना की संक्रमण दर तेजी से आगे बढ़ते हुए दशमलव 75 तक पहुंच गया है, जो चिंता का विषय बनने लगा है। शुक्रवार को प्रदेश में 190 लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया। इससे ठीक होने वालों की संख्या बेहद कम होने के कारण सक्रिय मामले आगे बढ़ते हुए आठ सौ के करीब पहुंच गए। आज सबसे ज्यादा कोरोना के 51 मामले रायपुर जिले में रहे। इनमें सात लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री रही। बाजार, स्कूल, कालेज, आफिस और पुराने संक्रमितों के संपर्क में आने के कारण भी बढ़ी संख्या में लोग पॉजिटिव हुए। इसी तरह बिलासपुर में 43 लोगों को संक्रमित पाया गया। रायगढ़ में 32 तथा कोरबा में 14 लोग कोरोना के शिकार हुए। दुर्ग में संक्रमण 11 लोगों तक पहुंचा। 9 जिलों में कोरोना के मामले नहीं आए। शेष जिलों में दस से कम केस मिले। अभी भी बेमेतरा और नारायणपुर जिले कोरोना से मुक्त हैं। वहां एक भी एक्टिव केस नहीं है। सबसे ज्यादा सक्रिय मामले रायगढ़ जिले में 186, रायपुर में 149, बिलासपुर 132, दुर्ग 61, कोरबा 49, जांजगीर 48, सूरजपुर 29 तथा जशपुर में 20 एक्टिव केस हैं।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राहत की खबर भुवनेश्वर लैब से जीनोम सिक्वैंसिंग रिपोर्ट के रुप में आई है। विदेश से बिलासपुर और दुर्ग लौटे कुल तीन लोगों के भीतर कोरोना का वायरस ओमिक्रॉन नहीं मिला है। अब विदेश यात्रियों में केवल दो की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। 27 नवंबर से ओमीक्रॉन की दहशत के बाद प्रदेश में विदेश यात्रियों की वापसी का दौर शुरु हुआ था। अब तक तीन हजार लोगों की वापसी हुई है। इनमें केवल आठ लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया था, जिसके बाद उनके सैंपल जीनोम सिक्वैसिंग के लिए भुवनेश्वर लैब भेजा गया था। तीन की रिपोर्ट कुछ समय पहले आई थी, जिसमें उन्हें ओमिक्रॉन निगेटिव पाया गया था। शुक्रवार को तीन और लोगों की रिपोर्ट आई, जिसमें दो बिलासपुर और एक दुर्ग जिले से संबंधित थे। दस दिन इंतजार के बाद उनकी रिपोर्ट मिली जिसमें उन्हें कोरोना निगेटिव पाया गया है। अब केवल रायपुर जिले से भेजे गए दो लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। इसमें एक दुबई और एक न्यूयार्क से लौटा था। प्रदेश में अब तक तीन हजार के करीब विदेश यात्री छत्तीसगढ़ आ चुके हैं। इनमें दो सौ के करीब अभी भी लापता है। विदेश से लौटने वाले यात्रियों को 14 दिन क्वारेंटाइन में रखा जा रहा है। आठवें दिन उनका कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। निगेटिव आने पर ही उन्हें बाहर निकलने की इजाजत दी जा रही है।

देरी से रिपोर्ट दिल्ली में चर्चा

जीनोम सिक्वैसिंग के लिए भुवनेश्वर लैब भेजे जाने वाले सैंपल की रिपोर्ट काफी विलंब से मिलती है, जिस पर दिल्ली में भी चर्चा हुई है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उच्च स्तर पर होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली गए थे। जहां बताया गया कि रिपोर्ट जब तक उन्हें मिलती है तब तक संक्रमित निगेटिव हो जाता है। प्रदेश में अभी जीनोम सिक्वैसिंग की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना के नए म्यूटेंट की पहचान के लिए भुवनेश्वर लैब के भरोसे है।

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