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राजनांदगांव : 2 साल बाद भी हत्यारे को पकड़ने में पुलिस नाकाम, ढिलाई से नाराज गृह मंत्री

10 सितंबर 2018 को 23 वर्षीय शुभम नामदेव की हत्या गला रेतकर की गई थी हत्या। पढ़िए पूरी खबर-

राजनांदगांव : 2 साल बाद भी हत्यारे को पकड़ने में पुलिस नाकाम, ढिलाई से नाराज गृह मंत्री
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रायपुर। गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू राजनांदगांव जिले में 2 साल पहले हुए निर्मम हत्याकांड की जांच में राजनांदगांव पुलिस की ढिलाई से खासे नाराज़ हैं। ज्ञात हो कि 10 सितंबर 2018 को राजनांदगांव निवास रावेन्द्र कुमार नामदेव के 23 वर्षीय पुत्र शुभम नामदेव की हत्या गला रेतकर किया गया था, जिसमें राजनांदगांव पुलिस आज तक हत्यारे को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मृतक के पिता के अनुसार पुलिस विभाग से जब भी इसके बारे में पूछा गया पुलिस द्वारा "जांच चल रही है" कहकर बात टाली गई।

इससे परेशान होकर मृतक के पिता ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मिलकर उन्हें अपनी समस्या बताई। मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस मामले में अभी तक किए गए जांच का पूरा ब्यौरा मांगा है तथा अपर मुख्य सचिव गृह को नई टीम गठित कर प्रकरण के यथाशीघ्र निकाल हेतु निर्देशित किया है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि राजनांदगांव के लालबाग थाना क्षेत्र के रेवाडीह पेंड्री चौक के पास नेशनल हाईवे 53 में 10 सितंबर 2018 को शुभम नामदेव की हत्या अज्ञात आरोपियों द्वारा कर दी गई थी। बताया जाता है कि शुभम अपनी कार से पेंड्री घूमने गया था। उसी दौरान अज्ञात आरोपियों द्वारा शुभम की धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। गले में चोट के बावजूद शुभम कार चलाते हुए रेवाडीह चौक पहुंचा. घटना की सूचना आस-पास के लोगों ने पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शुभम को अस्पताल भेजा, जहां अस्पताल में डॉक्टर ने शुभम को मृत घोषित कर दिया था।

इस वारदात के बाद पुलिस 30 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ भी की, लेकिन पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा था। इसी मामले में लालबाग पुलिस शहर के दिनेश माहेश्वरी उर्फ गोलू मारवाड़ी से भी पूछताछ कर रही थी। पर पुलिस पर ही दबाव बनाने का आरोप लगाकर दिनेश ने खुदकशी करने की कोशिश की। इसके बाद से पुलिस की जांच अटक गयी थी।

हत्या के 11 महीने बाद शुभम के पिता डॉ. आरके नामदेव की शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच फिर तेज करने का दावा किया था। दुष्कर्म के आरोप में जेल से जमानत पर रिहा हुए शुभम के पिता ने शहर के मुंकु नेपाली और दिनेश उर्फ गोलू मारवाड़ी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था कि पांच लाख रूपये की ठगी के बाद उनके बेटे शुभम की हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में शुभम के पिता डॉ. आरके नामदेव का आरोप है कि जेल प्रहरी संदीप चंदेल के कहने पर दुष्कर्म के मामले में समझौता कराने उन्होंने मुंकु नेपाली और दिनेश माहेश्वरी से मुलाकात की थी। समझौते के नाम पर दो किस्त में पांच लाख रुपये भी लिए लेकिन समझौता नहीं हो पाया। रिपोर्ट में डॉ. नामदेव ने यह भी कहा है कि जेल से छूटने के बाद शुभम दोनों के पास रुपये मांगने पहुंचा था, लेकिन रुपये नहीं लौटाए गये। उल्टा शुभम व मुझे जान से मारने की धमकी दी गई थी।

इस मामले में समय-समय पर पुलिस जांच करने और कार्यवाही करने जैसी बात कहकर मामले को टालते रही इस वजह से 2 साल बाद भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। अब प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने नई टीम गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

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