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सीएम भूपेश बोले- बंगाल में लोग मर रहे थे तब भी नहीं टाला, अब चुनाव टालने की साजिश तो नहीं कर रही भाजपा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोरोना से लोगों की मौत हो रही थी, तब भी चुनाव नहीं टाले गए थे। अभी ओमिक्रॉन के मामले कम हैं, फिर भी चुनाव टालने की बात कही जा रही है। भाजपा चुनाव टालने की साजिश तो नहीं कर रही? सीएम ने कहा कि सबकी निगाहें निर्वाचन आयोग पर है। पढ़िए पूरी ख़बर..

सीएम भूपेश बोले- बंगाल में लोग मर रहे थे तब भी नहीं टाला, अब चुनाव टालने की साजिश तो नहीं कर रही भाजपा
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रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा उत्तरप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होना है, लेकिन चुनाव पर कोरोना का संकट मंडरा रहा है। इसके बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को टाला जा सकता है। इन अटकलों पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कोरोना से लोगों की मौत हो रही थी, तब भी चुनाव नहीं टाले गए थे। अभी ओमिक्रॉन के मामले कम हैं, फिर भी चुनाव टालने की बात कही जा रही है। भाजपा चुनाव टालने की साजिश तो नहीं कर रही?

निर्वाचन आयोग स्वतंत्र संस्था

सीएम ने कहा कि सबकी निगाहें निर्वाचन आयोग पर है। वैसे भी निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता अब संदिग्ध हो गई है। ये स्वतंत्र संस्थाएं हैं, उसे प्रधानमंत्री कार्यालय से बुलाया जाए और वो मीटिंग अटेंड करे तो उसकी स्वतंत्रता पर प्रश्नवाचक चिन्ह तो लगता ही है। फिर वही होगा जो पीएमओ कहेगा। चुनाव नहीं होने पर तो बहुत सारी बातें होंगी। यूपी की सरकार मई तक है, कब तक टालेंगे या नहीं टालेंगे। यह तो संभावनाओं पर आधारित सवाल है। आगे देखा जाएगा कि क्या निर्णय आता है।

रबी फसल के लिए पानी नहीं दिया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और जल संसाधन विभाग ने एक बैठक कर तय किया है कि नहरों में इस साल कई सारे मरम्मत के कार्य कराए जाने हैं। अत: इस बार रबी फसल के लिए बांधों से पानी नहीं दिया जाएगा।

कांग्रेस ने किया श्रम का सम्मान

कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस को लेकर उन्होंने कहा कि सन 1885 में इसकी स्थापना देश के नागरिकों के हित में आवाज उठाने के लिए हुई। कांग्रेस ने उनके लिए आवाज उठाई और लड़ाई भी लड़ी। महाराष्ट्र से लेकर बंगाल तक इसका विस्तार हुआ। बाद में गांधीजी के नेतृत्व में कांग्रेस देश के कोने-कोने में पहुंची। राजनीतिक और सामाजिक रूप से पार्टी ने आवाज उठानी शुरू की। इस दिशा में काम भी किए गए। उन्होंने कहा, पार्टी मेहनत करने वालों का सम्मान करती है। पार्टी ने श्रम करने वालों का सम्मान किया। कृषक, बुनकरों सहित अन्य वर्ग के लोगों के लिए कांग्रेस ने काम किया।

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