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बड़ी खबर: हिमाचल के निजी स्कूल अब लॉकडाउन की फीस वसूलने की तैयारी में

कोरोना संकट के चलते सरकार ने निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली का फैसला लिया था। प्रदेश के निजी स्कूलों के दबाव में आकर अक्तूबर के पहले सप्ताह में उच्च शिक्षा निदेशालय ने फीस को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का सरकार को प्रस्ताव भेजा था।

सीएम सिटी में प्रदेश भर के स्कूल संचालकों ने हल्ला बोला
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निजी विद्यालय (प्रतीकात्मक फोटो)

कोरोना संकट के चलते सरकार ने निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली का फैसला लिया था। प्रदेश के निजी स्कूलों के दबाव में आकर अक्तूबर के पहले सप्ताह में उच्च शिक्षा निदेशालय ने फीस को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का सरकार को प्रस्ताव भेजा था। सरकार से पूछा था कि सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली का फैसला जारी रखना है या इसे वापस ले लिया जाए। कैबिनेट बैठक में शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। सरकार ने निजी स्कूलों के दबाव के आगे झुकते हुए सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली का फैसला वापस लेने का निर्णय लिया।

कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान नहीं ली गई फीस भी अब निजी स्कूल वसूल सकेंगे। हिमाचल सरकार ने प्रदेश के निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली के निर्देश वापस ले लिए हैं। 27 अक्तूबर को कैबिनेट बैठक में हुए फैसले के बाद शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को पत्र जारी कर दिया है। हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकार ने निजी स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान बीते महीनों में छोड़ी गई फीस वसूलने की छूट भी दे दी है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के फैसले में स्पष्ट है कि अगर कोई अभिभावक फीस चुकाने में सक्षम नहीं है तो उसे स्कूलों को लिखित में इसकी जानकारी देनी होगी। स्कूल प्रबंधन को एक कमेटी बनाकर इस तरह के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना होगा। कोर्ट ने कहा है कि निजी स्कूलों को सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं दी जाती है। फीस ही स्कूल की आय का मुख्य साधन है। ऐसे में फीस को कम नहीं किया जा सकता। स्कूल प्रबंधन ने भी शिक्षकों, गैर शिक्षकों को वेतन देने हैं।

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