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मजदूरी कर गुजारा चला रही रोहतक की पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सुनीता की मदद को आगे आए खेलमंत्री

खेल मंत्री संदीप सिंह ने सुनीता कश्यप को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और साथ ही फोन पर जिला खेल अधिकारी रोहतक को निर्देश दिए कि सुनीता और इस तरह के अन्य खिलाडिय़ों को खेल सुविधाओं का अभाव नहीं होना चाहिए।

मजदूरी कर गुजारा चला रही रोहतक की पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सुनीता की मदद को आगे आए खेलमंत्री
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खेल मंत्री संदीप सिंह के साथ खिलाड़ी सुनीता कश्यप।

हरियाणा के खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री सरदार संदीप सिंह ने रोहतक की पावर लिफ्टिंग खिलाड़ी सुनीता कश्यप को आज 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी । साथ ही ,उन्होंने कहा है कि सुविधाओं के अभाव में किसी भी खिलाड़ी का करियर खराब नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे खिलाडिय़ों को लेकर वे खुद गंभीर हैं, क्योंकि वे खुद इस दौर से गुजर चुके हैं। खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह आज उनके कार्यालय में मिलने पहुंची अंतर्राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग व स्ट्रांग लिफ्टिंग खिलाड़ी सुनीता कश्यप से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सुनीता ने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए खुद को साबित किया है। ऐसे खिलाडिय़ों की वे बहुत कदर करते हैं। उन्होंने सुनीता कश्यप को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और साथ ही फोन पर जिला खेल अधिकारी रोहतक को निर्देश दिए कि सुनीता और इस तरह के अन्य खिलाडिय़ों को खेल सुविधाओं का अभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल विभाग तुरंत सुनीता के प्रशिक्षण का प्रबंध करें और उसे जिस चीज की आवश्यकता है वह उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने सुनीता को करियर संबंधी टिप्स भी दिए और डाइट प्लान को लेकर भी चर्चा हुई।

इस अवसर पर वेटलिफ्टिंग व स्ट्रांग लिफ्टिंग खिलाड़ी सुनीता कश्यप और उसके परिवार ने खेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक खिलाड़ी ही खिलाड़ी के दर्द को जान सकता है। उन्होंने कहा कि खेल मंत्री संदीप सिंह ने उन्हें फोन पर हर संभव मदद का आश्वासन दिया था और आज उन्हें अपने पास बुलाकर अच्छी तरह से खेलों में करियर बनाने के प्रति मोटिवेट किया।

गौरतलब है कि सुनीता कश्यप रोहतक के सीसर खास गांव की पावर व स्ट्रेंथ लिफ्टिंग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है। आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते वह मेहनत मजदूरी करके अपने प्रशिक्षण एवं खेल का खर्च उठा रही थी। इतना ही नहीं उसे बैंकॉक में हुई प्रतियोगिता में भेजने के लिए पिता को दो लाख का कर्ज भी लेना पड़ा। अब जैसे ही मामला खेल मंत्री सरदार संदीप सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने इस खिलाड़ी की आर्थिक रूप से और अन्य माध्यमों से मदद की है।

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