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बेशकीमती जमीनों का ब्योरा जुटाने में अफसर लापरवाह, मंत्री अनिल विज ने दी कार्रवाई की चेतावनी

शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने शहरी क्षेत्र में प्राइम लोकेशन व इसके अलावा पड़ी सारी संपत्ति का सर्वे कराकर ब्योरा देने का आदेश दिया था।

Anil Vij
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 मंत्री अनिल विज

योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़

प्रदेश के विभिन्न शहरों में अहम स्थानों पर बेशकीमती जमीनों का सर्वे कर उसका पूरा ब्योरा जुटाने और इसके बेहतर इस्तेमाल कर आय बढ़ाने के शहरी निकाय मंत्री विज के आदेश के बावजूद अफसरशाही उदासीन नजर आ रही है। कईं माह बीत जाने के बाद भी विभाग की बेशकीमती जमीनों का ब्योरा, इनके इस्तेमाल से आय बढ़ाने संबंधी अहम सुझाव नहीं भेजे गए हैं। सूत्रों का कहना है कि हरियाणा शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने विभाग के अफसरों की उदासीनता को लेकर नाराजगी भी जाहिर कर दी है। इसके साथ ही मंत्री ने साफ कर दिया है कि लापरवाही करने व निर्देश दिए जाने के बाद भी इस दिशा में काम नहीं करने वालों के विरुद्ध वे कार्रवाई करेंगे, इसीलिए इस दिशा में जल्द ही काम करें।

उल्लेखनीय है कि गत चार पांच माह पहले हरियाणा प्रदेश के शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने विभागीय अफसरों के साथ में बैठक के दौरान सभी शहरों में अङम स्थानों और इनके अलावा पड़ी जमीनों का पूरा ब्योरा तैयार करने के लिए कहा था। बेशकीमती संपत्ति का सर्वे करने के बाद में इसे खाली नहीं छोड़ने व इसका बेहतर इस्तेमाल के लिए सुझाव भी मांगे थे। इतना ही नहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने राज्यभर के निगम आयुक्तों और मेयरों के साथ में बैठक की थी। इस दौरान सीएम ने सभी को वत्तिीय मजबूती प्राप्त करने, आय के साधन बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करने, सुझाव देने के लिए कहा था। इस दौरान केवल नगर निगम ही नहीं बल्कि नगर परिषदों और पालिकाओं की संपत्ति का ब्योरा मांगा गया था।

आर्थिक चुनौतियां कम करने की कवायद

वित्तीय चुनौतियों से जूझ रहे नगर निकायों को आर्थिक तौर पर मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से खाली पड़ी बेशकीमती जमीनों का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने के लिए एक्शन प्लान (कार्य-योजना) पर जल्द से जल्द अमली जामा पहनाने का आदेश दे दिया था। वैसे मंत्री ने सभी नगर निगमों और निकायों को एक से डेढ़ माह में शहर, कस्बों में अहम स्थानों पर संपत्ति का ब्योरा मुख्यालय को भेजने के लिए कहा था।

जमीन के उपयोग को लेकर दें सुझाव

निकायों से उस जमीन के इस्तेमाल को लेकर सुझाव भी मांगे गए थे। विभागीय अफसरों का सुझाव था कि इन स्थानों का इस्तेमाल भवन, दुकानें, शोरुम, बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस आदि क्या क्या इस्तेमाल हो सकता है? इनके बनाए जाने के बाद में परिणाम कैसे रहेंगे? जिससे परिषदों, पालिकाओं को वत्तिीय तौर पर मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही शहरों,कस्बों में प्राइम लोकेशन पर पड़ी जमीनों पर अवैध कब्जे आदि की संभावनाएं भी गौण हो जाएंगी।

कमर्शियल साइटों पर पेट्रोल पंप व बूथ

बेशकीमती जमीनों का सर्वे हो जाने के बाद में इनमें पेट्रोल पंप और बूथ आदि स्थापित करने की तैयारी कर ली गई है। निकायों में खर्चे और वेतन आदि निकालने की दृष्टि से उन्हें आत्मिनर्भर करने की दिशा में यह अहम कदम था लेकिन अफसरों और कर्मियों की एक खास लाबी इस काम को लटकाने के पक्ष में हैं।

बकाया राशि की वसूली को लेकर भी मंत्री संख्त

निकायों और निगमों में बकाया राशि की वसूली को लेकर मंत्री लगातार समीक्षा कर रहे हैं। लेकिन एक बार फिर से वसूली का काम ढ़ीला दिखाई दे रहा है। पूर्व में मंत्री ने रिकवरी के मामले में सबसे ज्यादा पिछड़ जाने पर पानीपत नगर निगम कमश्निर सुशील कुमार को निलंबित कर दिया था। गृहकर और कर्मिशयल टैक्स की वसूली ठीक तरह से नहीं करने के कारण निलंबन की गाज गिरी थी। जिसके बाद में बाकी सभी निकायों को भी चेतावनी दी गई थी कि रिकवरी ढ़ीली रही, तो अधिकारियों और कर्मियों पर शिकंजा कसा जाएगा।

ठीक तरह से काम नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई : विज

शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने साफ कर दिया है कि निकायों की बेशकीमती संपत्ति को बचाने व इसके बेहतर से बेहतर इस्तेमाल किए जाने को लेकर हमने आदेश दिए थे। सभी शहरों और कसबों से इसका ब्योरा मांगा गया था। रिकवरी भी तेज करने को कहा था लेकिन इस काम में कुछ अफसरों द्वारा लगातार ढ़ील बरती जा रही है, आने वाले दिनों में इस संबंध में समीक्षा बैठक होगी और लापरवाही करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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