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Haryana Budget 2021 : वृद्धावस्था पेंशन 2500 रुपये हुई, आगे पढ़ें

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट में कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में किसानों और कृषि के विकास का विजन साफ तौर पर दिखाई दिया। उन्होंने 'हर खेत-स्वस्थ खेत' के नाम से एक विशेष अभियान चलाने के साथ-साथ क्षारीय और लवणीय मृदा के उपचार हेतु योजना में किसानों की भागीदारी के लिए एक नया पोर्टल भी स्थापित करने की घोषणा की है।

Haryana Budget 2021 : वृद्धावस्था पेंशन 2500 रुपये हुई, आगे पढ़ें
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बजट में की नई योजनाओं का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने वृद्धाें को सौगात देते हुए प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू होगी। अभी यह पेंशन 2250 रुपये मिल रही है।

बता दें कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए155645 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। यह संशोधित अनुमान 2020 और 21 के 137768 करोड़ रुपए से 13% अधिक है। बजट परिवार में 25 फीसदी 36700 करोड़ों रुपए के पूंजीगत खर्च और 75 फीसदी 116927 करोड़ रुपए राजस्व खर्च के रूप में शामिल है।

वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 की बजट घोषणा के अनुसार, 'मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना' के अंतर्गत लाभपात्रों को शादी से पहले या शादी के दिन ही इस योजना का लाभ देने के लिए योजना का सरलीकरण किया गया है। अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ॰ अंबेडकर मेधावी छात्र योजना के तहत कक्षा 11वीं, स्नातक के प्रथम वर्ष और स्नाकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में 8000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये प्रति वर्ष तक की छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं। पिछड़े वर्गों के विद्यार्थियों को दसवीं कक्षा के उनके अंकों के आधार पर छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं।

हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय अखिल भारतीय औसत से ज्यादा

हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय अखिल भारतीय औसत से कहीं ज्यादा रही है। सही अर्थों में, वर्ष 2014-2020 तक की अवधि में हरियाणा के सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वार्षिक औसत वृद्धि दर 6.24 प्रतिशत रही, जो 2014-15 में 370534.51 करोड़ रुपये से बढक़र 2020-21 में 528069.75 करोड़ रुपये हो गई। दूसरी ओर, इसी अवधि के दौरान अखिल भारतीय वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वार्षिक औसत वृद्धि दर 4.28 प्रतिशत रही। परिणामस्वरूप, अखिल भारतीय सकल घरेलू उत्पाद में हरियाणा के सकल राज्य घरेलू उत्पाद की हिस्सेदारी निरन्तर बढ़ी है।मुख्यमंत्री विधान सभा में 2021-22 का बजट पेश करते हुए कहा कि हालांकि कोविड-19 महामारी के कारण अखिल भारतीय सकल घरेलू उत्पाद में 2020-21 में 7.96 प्रतिशत का संकुचन हुआ है जिसकी तुलना में हरियाणा में 2020-21 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में केवल 5.65 प्रतिशत संकुचन दर्ज किया गया है।

'हर खेत-स्वस्थ खेत' के नाम से विशेष अभियान

मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में किसानों और कृषि के विकास का विजन साफ तौर पर दिखाई दिया। उन्होंने 'हर खेत-स्वस्थ खेत' के नाम से एक विशेष अभियान चलाने के साथ-साथ क्षारीय और लवणीय मृदा के उपचार हेतु योजना में किसानों की भागीदारी के लिए एक नया पोर्टल भी स्थापित करने की घोषणा की है। साथ ही, वर्ष 2021-22 में कम से कम एक लाख एकड़ भूमि का सुधार करने की बात भी कही है।बतौर वित्त मंत्री वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि हम किसानों के ऋणी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और परिश्रम से हरियाणा को देश का खाद्यान्न भण्डार बनाया है। उन्होंने कहा कि कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हम किसानों की आय दोगुनी करने और उनका कल्याण व उत्थान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

राज्य स्तरीय पुनर्वास केंद्र पंचकूला में स्थापित किया जाएगा

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी और निजी स्कूलों में कुल 297 खेल नर्सरियां चल रही हैं। वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल के दौरान लगने वाली चोट के उपचार और शीघ्र स्वस्थ लाभ के उद्देश्य से, हरियाणा में चार पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई है। एक राज्य स्तरीय पुनर्वास केंद्र पंचकूला में स्थापित किया जाएगा, जबकि मंडल स्तर के चार केंद्र रोहतक, गुरुग्राम, करनाल और हिसार में प्रस्तावित हैं। ये केंद्र नवीनतम विश्व स्तरीय खेल-चिकित्सा उपकरणों से लैस होंगे और योग्य कर्मचारियों, मनोवैज्ञानिक और फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा संचालित होंगे।

नए खेल मैदान बनाने का प्रस्ताव

इसके अलावा, अम्बाला कैंट स्थित वार हीरोज मैमोरियल स्टेडियम में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल और फुटबॉल ग्राउंड निर्माणाधीन है। आगामी 'खेलो इण्डिया यूथ गेम्स-2021' के दृष्टिगत ताऊ देवी लाल स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स, पंचकूला में हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल के नए मैदान बनाने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओलंपिक खेलों में चयनित खिलाडिय़ों को नकद पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये की अग्रिम राशि देने की घोषणा की है, ताकि वे बेहतर आहार, नवीनतम प्रशिक्षण सुविधाएं और खेल उपकरण हासिल कर सकें। सरकार द्वारा खिलाडिय़ों के लिए आहार राशि 150 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिदिन की गई है।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का इरादा जाहिर किया

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के मकसद से 2021-2022 के बजट में हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का इरादा जाहिर किया है। साथ ही, सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के लाभ आठ अतिरिक्त श्रेणियों को प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए धनराशि पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। इन श्रेणियों में व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभार्थी, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत पंजीकृत परिवार, निर्माण श्रमिक बोर्ड, हरियाणा के मान्यता-प्राप्त मीडियाकर्मी, नम्बरदार, चौकीदार, विमुक्त घुमंतू जाति, और आजाद हिंद फौज में रहे सैनिक, हिंदी आंदोलन से जुड़े परिवार, द्वितीय विश्व युद्ध और आपातकाल के दौरान जेल गए परिवार शामिल हैं। सरकार इस योजना का लाभ 5 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले परिवारों को अनुपातिक आधार पर भी देगी।

एक 'स्पेशल पर्पज़ व्हीकल' बनाया जाएगा

प्रदेश में सेबी आरईआईटी विनियम, 2014 के तहत आरईआईटी के रूप में इसकी किराए पर दी जाने वाली चिह्नित परिसंपत्तियों और हस्तांतरणीय विकास अधिकारों (टीडीआर) के साथ पूल करने के लिए एक 'स्पेशल पर्पज़ व्हीकल' बनाया जाएगा। इससे जनता पर बोझ डाले बिना अतिरिक्त ससंाधन जुटाने में सरकार को मदद मिलेगी। आरईआईटी के लिए परिसपंत्तियों की एक सांकेतिक सूची तैयार की जाएगी, जिसमें नगर पालिकाओं के अनुरोध पर उनकी संपत्तियां, बस-अड्डे और गेस्ट हाउस एवं हरियाणा पर्यटन निगम लिमिटेड सहित सार्वजनिक उपक्रमों की संपत्तियां शामिल होंगी। वर्ष 2021-22 के दौरान आरईआईटी से 500 करोड़ रुपये की राशि जुटाए जाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि एक अन्य एसपीवी-इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इनविट) का चयन चयनित अवसंरचना परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए किया जाएगा।

अनुसूचित जाति के लोगों को कानूनी सहायता योजना की राशि को दोगुना किया

मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति के लोगों को कानूनी सहायता योजना के तहत दी जाने वाली राशि को दोगुना करने की घोषणा की।उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के लोगों को अदालतों में संपत्ति, कृषि भूमि, किराया और आरक्षण आदि से संबंधित मामलों की पैरवी का खर्च पूरा करने हेतु 11,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने इसे बढ़ाकर 22,000 रुपये करने का प्रस्ताव किया। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के लिए 524 करोड़ रुपये, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए 7,828 करोड़ रुपये, महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 1,621 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के लिए 824 करोड़ रुपये का परिव्यय बजट प्रस्तुत किया।

4,000 प्ले-वे स्कूल खोलने के प्रस्ताव

लक्षित 4,000 प्ले-वे स्कूल खोलने के प्रस्ताव से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। पहले चरण में, स्कूल परिसरों या विभागीय भवनों में संचालित 1135 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले-स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा और मार्च, 2021 से परिचालित किये जाएंगे। दूसरे चरण में, 2021-22 में 2865 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले-स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा, दो चरणों में 500 क्रेेचों को भी संचालित किया जाएगा। पहले चरण में, 2020-21 में 182 क्रेच पहले से ही स्वीकृत हैं और आधुनिक सुविधाओं के साथ संचालित किए जा रहे हैं। वर्ष 2021-22 में विभिन्न जिलों में कामकाजी महिलाओं की संख्या का आकलन करने के बाद मौजूदा आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन करके शेष 318 के्रच शुरू किए जाएंगे।

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