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Corona Virus : हरियाणा में 13 माह पर भारी पड़े 25 दिन, सवा लाख पॉजिटिव

प्रदेश में कोरोना काल के 13 महीनों यानि 31 मार्च 2021 तक कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 2,90,800 थी, जिनमें से 2,77,919 लोग ठीक हो चुके थे और 9726 सक्रिय मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा था, जिनमें से 129 गंभीर मरीज ऑक्सीजन और 29 वेल्टीनेटर पर थे। जबकि 3,155 संक्रमित लोग कोरोना का काल बनकर अपनी जीवनलीला खत्म कर चुके थे।

देश के कई राज्यों में लॉकडाउन और कर्फ्यू के बाद भी सामने आए 3 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज, पीएम करेंगे बैठक
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)

ओ.पी. पाल : रोहतक

हरियाणा पर अप्रैल के महीने में कोरोना वायरस ऐसा कहर बनकर टूट रहा है कि पिछले साल मार्च में शुरू हुए कोरोना वायरस के प्रसार के 13 महीनों पर चालू माह अप्रैल के 25 दिन भारी पड़े हैं। मसलन अप्रैल माह के 25 दिन में रविवार तक करीब 1.34 लाख लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और 612 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। वैश्विक कोराना महामारी की दूसरी नई लहर का कहर देश में जिन 18 प्रदेशों में ज्यादा है उनमें हरियाणा का नाम भी 13वें पायदान पर शुमार है।

प्रदेश में कोरोना काल के 13 महीनों यानि 31 मार्च 2021 तक कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या 2,90,800 थी, जिनमें से 2,77,919 लोग ठीक हो चुके थे और 9726 सक्रिय मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा था, जिनमें से 129 गंभीर मरीज ऑक्सीजन और 29 वेल्टीनेटर पर थे। जबकि 3,155 संक्रमित लोग कोरोना का काल बनकर अपनी जीवनलीला खत्म कर चुके थे। इस कोरोना काल में इन पिछले तेरह महीनों पर अप्रैल किस कदर भारी पड़ रहा है यह पिछले 25 दिन के आंकड़े गवाही दे रहे हैं। मसलन रविवार 25 अप्रैल तक प्रदेश में 1,61,889 महिलाओं व 16 थर्डजेंडर समेत कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,24,319 हो गई, जिनमें ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 3,46,304 हो गई है। लेकिन अस्पतालों में संक्रमितों की संख्या जबरदस्त उछाल के साथ 74,248 हो गई, जिनमें 1,412 मरीज ऑक्सीजन पर जा पहुंचे, तो 187 वेल्टीनेटर पर अपनी सांसे गिन रहे हैं। जबकि मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा बढ़कर 3,767 तक जा पहुंचा, जिनमें 1,276 महिलाएं और एक थर्डजेंडर भी शामिल है।

मिल रहे रिकॉर्ड केस

हरियाणा में कोरोना वायरस की नई लहर के कारण अप्रैल माह में हा हाकार मचा रखा है। प्रदेश में इस माह के पिछले 25 दिन के दौरान हर दिन रिकार्ड कोरोना संक्रमण के मामले सामने आते रहे और उसी तरह कोरोना संक्रमण से मौतों की संख्या भी पिछले रिकार्ड ध्वस्त करती नजर आई। इन अकेले 25 दिन में पिछले 13 महीनों के मुकाबले नए संक्रमितों के करीब डेढ़ गुना मामले सामने आए हैं, जबकि मौतों में करीब सवा गुणा इजाफा हुआ है। इसी प्रकार से सक्रीय मरीजों की संख्या साढ़े सात गुणा से अधिक संख्या बढ़ती दिखी। जबकि इसके विपरीत कोरोना को मात देने वालों की संख्या भी सवा गुणा बढ़ी है। इस कहर में अपने प्राणों के लिए इस माह सबसे ज्यादा ऑक्सीजन पर आए मरीजों में करीब 11 गुणा तथा वेल्टीनेटर पर करीब साढ़े छह गुणा मरीजों का इजाफा देखा गया है। आंकड़ों पर गौर करें तो इन 25 दिनों में प्रदेश में 1,33,519 नए कोरोना मामलों में 64,522 सक्रीय मरीज सामने आए, इन सक्रीय मरीजों में 1412 ऑक्सीजन पर हैं तो 187 वेल्टीनेटर के सहारे हैं। अप्रैल में 68,385 लोग ठीक हुए हैं, तो 612 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा दी है

प्रदेश में कोरोना जांच के लिए सरकारी टेस्ट लैबोरेटरी यानि प्रयोगशालाओं के अलावा निजी प्रयोगशालाओं में व्यवस्था को बढ़ाया गया है। राज्य में 11 सरकारी टेस्ट लैबोरेटरियों में पीजीआईएमएस रोहतक, बीपीएस जीएमसी सोनीपत, ईएसआईसी फरीदाबाद, टीएचएसटीआई फरीदाबाद, केसीएमसी करनाल, आईसीएआर इक्वीन सेंटर हिसार, एसएचकेएम जीएमसी नल्हार नूहं, सिविल अस्पताल पंचकूला, सिविल अस्पताल अंबाला, सिविल अस्पताल गुरुग्राम तथा महाराजा अग्रसेन एमसी, अग्ररोहा में स्थापित हैं। जबकि कोरोना जांच में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने अतिरिक्त जांच कराने की सुविधा के आईआरएल पब्लिक हेल्थ लैब करनाल, सिविल अस्पताल फरीदाबाद और सिविल अस्पताल करनाल में व्यवस्था की है। जबकि निजी लैबोरेटरियों में कोर डाइजनोस्टिक्स गुरुग्राम, पथकिंड डाइजनोस्टिक्स गुरुग्राम, डा. लाल पैथ लैब रोहिणी दिल्ली, एमओआईक्यू लैबोरेटरी गुरुग्राम, माडर्न डाइजनोस्टिक्स एंड रिसर्च सेंटर लैब गुरुग्राम, स्ट्रैंड लाइफ साइंसेज गुरुग्राम, एसआरएल लि. गुरुग्राम और मेदांता-दि मेडिसिटी गुरुग्राम में भी कोरोना जांच कराने की व्यवस्था को अंजाम दिया है।

प्रदेश में सरप्लस बेड की व्यवस्था

हरियाणा सरकार ने कोरोना महामारी के बढ़ते कहर के मद्देनजर प्रदेश के मेडिकल कालेजों में क्रिटिकल कोरोना केयर सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि राज्य में सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी अलग से कोविड ब्लॉक के रूप में बेडों की संख्या को बढ़ाया गया है। प्रदेश में कोरोना संक्रमितों को इलाज के लिए सरप्लस बेडों की व्यवस्था की दिशा में शिक्षण संस्थानों, होटलों, रेस्टोरेंटों, रिसोर्ट्स, धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के भवनों व धर्मशालाओं, अकादमियों, छोटे सरकारी और निजी अस्पतालों, पंचायत घरों, पार्को जैसे स्थानों में बेडों की व्यवस्था 377 डेडिकेटिड कोरोना देखभाल केंद्र स्थापित किये गये हैं। इनमें 82 सरकारी और निजी अस्पताल भी शामिल हैं।

राज्य सरकार के इंतजाम

राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पिछले सप्ताह स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में कोरोना के खिलाफ जंग के लिए पुख्ता इंतजाम का दावा किया था। सरकार की इस व्यवस्था के अनुसार प्रदेश में 45 हजार 86 क्वारंटाइन बेड और 11 हजार 549 आइसोलेशन बेड हैं, जिनमें 89 प्रतिशत खाली बताए गये थे। वहीं प्रदेश में मौजूद 2131 आइसीयू बेड में से 58 प्रतिशत और 1079 वेंटीलेटर में से 63 प्रतिशत खाली बताए गये हैं। राज्य सरकार के अनुसार प्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमित मामलों में 77 फीसदी को होम आइसोलेट किया गया है। आजकल ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर मचे हाहाकार के बीच सरकार के मुताबिक प्रदेश में 60 मीट्रिक टनआक्सीजन की खपत है जबकि सरकार के पास 270 मीट्रिक टन आक्सीजन का भंडार है।

10 लाख वैक्सीन का स्टॉक

सरकार का दावा है कि प्रदेश में अभी तक 36,17,194 लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। 30 अप्रैल तक 45 लाख तथा 31 मई तक 45 साल से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकरण पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य के पास स्टाक में अभी 10 लाख वैक्सीन रखी हैं, जबकि 15 लाख वैक्सीन के आर्डर पाइप लाइन में हैं।

वैक्सीन खराब हुई तो नपेंगे अधिकारी: विज

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि एक मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को टीके लगेंगे। इसलिए अब टीकों की बर्बादी का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व डाक्टरों से कहा गया है कि वैक्सीन बेहद कीमती है और इसे किसी सूरत में वेस्ट नहीं होने दिया जाना चाहिए। यदि ऐसे केस भविष्य में उनके सामने आए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध हमें एक्शन लेना पड़ेगा। दरअसल सात प्रतिशत से ज्यादा वैक्सीन बर्बाद करने वाले पहले पांच राज्यों में हरियाणा के दूसरे स्थान पर आने की खबर से लापरवाही सामने आई है। मसलन हरियाणा में तमिलनाडु के बाद सबसे अधिक 9.74 प्रतिशत वैक्सीन की बर्बादी की रिपोर्ट है, जबकि तमिलनाडु में सबसे अधिक 12 फीसदी डोज बर्बाद हो रही हैं।

दिन मामले मौत





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