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देशद्रोह मामले में शरजील इमाम की अंतरिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, शुक्रवार को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली की एक अदालत ने देशद्रोह मामले (Sedition Cases) में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्र शरजील इमाम ( Sharjeel Imam) की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत अगली से सुनवाई 10 जून को करेगी. इसी दिन वह अपना फैसला सुनाएगी।

देशद्रोह मामले में शरजील इमाम की अंतरिम जमानत पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, शुक्रवार को होगी अगली सुनवाई
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दिल्ली की एक अदालत ने देशद्रोह मामले (Sedition Cases) में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के छात्र शरजील इमाम ( Sharjeel Imam) की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत अगली से सुनवाई 10 जून को करेगी. इसी दिन वह अपना फैसला सुनाएगी। शरजील ने अपने खिलाफ प्राथमिकी में अंतरिम जमानत मांगी है।

प्राथमिकी नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ दिल्ली के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (Aligarh Muslim University) और जामिया इलाके में उनके द्वारा दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। याचिका में कहा गया है कि इमाम को लगभग 28 महीने की कैद हुई है, जबकि 124-ए आईपीसी के तहत नहीं आने वाले अपराधों के लिए अधिकतम सजा अधिकतम 7 साल है।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद देशद्रोह के मुद्दे पर विचार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल वह किसी गवाह को प्रभावित करने या किसी सबूत से छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं है। अदालत ने इमाम पर धारा 124ए (देशद्रोह), 153ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 153बी (आरोप, राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक दावे), 505 (बयानबाजी की ओर ले जाने वाले बयान) के तहत मामला दर्ज किया था।

निचली अदालत के आदेश को दी थी चुनौती

इमाम ने इससे पहले निचली अदालत के 24 जनवरी के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) का रुख किया था, जिसमे उन्हें मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था।

बताया जा रहा है कि शरजील इमाम (Sharjeel Imam) का यह मामला अनिवार्य रूप से भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए (देशद्रोह) से जुड़ा है, जिसमें कानून के मुताबिक आरोपी को पहले जमानत के लिए निचली अदालत और मामले में हाईकोर्ट (Delhi High Court) का रुख करने की जरूरत है।

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