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संसद चला नहीं सकती तो उसे बंद कर दे सरकार: युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, राहुल गांधी एकमात्र विजनरी नेता

श्रीनिवास ने कहा, सरकार पार्लियामेंट की अनदेखी कर रही है। टीवी पर आकर कानून लाए और एक साल बाद टीवी के जरिये ही इसको वापस लेने की घोषणा कर दी गई। यह टेलिविजन सरकार है। इनको टेलिविजन के अलावा कुछ दिखता ही नहीं। उनका अपना कोई विजन नहीं है। श्रीनिवास ने कहा, राहुल गांधी ही इस देश में एकमात्र विजनरी नेता हैं। पढ़िए पूरी खबर....

संसद चला नहीं सकती तो उसे बंद कर दे सरकार: युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्रीनिवास का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, राहुल गांधी एकमात्र विजनरी नेता
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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी. श्रीनिवास ने पत्रकारों से चर्चा की। चर्चा के दौरान श्रीनिवास ने केंद्र सरकार पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया। श्रीनिवास ने कहा, अगर पार्लियामेंट में चर्चा नहीं हो सकती तो सरकार उसे बंद कर दे। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को टेलिविजन सरकार बताया।

श्रीनिवास ने कहा, सरकार पार्लियामेंट की अनदेखी कर रही है। टीवी पर आकर कानून लाए और एक साल बाद टीवी के जरिये ही इसको वापस लेने की घोषणा कर दी गई। यह टेलिविजन सरकार है। इनको टेलिविजन के अलावा कुछ दिखता ही नहीं। उनका अपना कोई विजन नहीं है। श्रीनिवास ने कहा, राहुल गांधी ही इस देश में एकमात्र विजनरी नेता हैं। उन्होंने किसान कानून के बारे में, कोरोना के खतरे के बारे, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में जो कुछ कहा, जो ट्वीट किये वही हुआ। केंद्र सरकार को अंतत: वह बातें माननी पड़ीं। राहुल गांधी किसानों, युवाओं, बेरोजगारों और दूसरे मुद्दों पर पार्लियामेंट में चर्चा चाहते हैं, लेकिन सरकार भाग रही है। वह उनका सामना करना नहीं चाहती। युवा कांग्रेस अध्यक्ष बी.वी. श्रीनिवास ने कृषि कानून विरोधी आंदोलन को आजादी के बाद का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण आंदोलन बताया। उन्होंने कहा, यह पहली बार हुआ जब देश के किसान को सत्ताधारी दल की ओर से बहुत बुरा सुनना पड़ा। खालिस्तानी, पाकिस्तानी, टेररिस्ट तक कहा गया। 700 किसान मर गये लेकिन केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि उनके परिवार का हाल जानने भी नहीं पहुंचा। श्रीनिवास ने मृतक किसानों के परिजनों को मुआवजा, सरकारी नौकरी और दिल्ली में आंदोलन का मेमोरियल बनाने की मांग की।

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