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सेंट्रल पूल में चावल का कोटा बढ़ा, खरीदी भी होगी ज्यादा, लगेंगे 20 हजार करोड़

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल खरीदी लक्ष्य को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुरूप जिलेवार खरीदी के लिए बारदाने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सहकारिता विभाग ने नोडल एजेंसी मार्कफेड को खरीदी के लिए वित्तीय व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करने कहा है। बताया जाता है कि खरीदी का टारगेट बढ़ने के साथ ही इस बार करीब 20 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था करनी होगी। राज्य स्तर पर इसका प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। कैबिनेट की बैठक में खरीदी की तिथि और इसका लक्ष्य तय होगा।

सेंट्रल पूल में चावल का कोटा बढ़ा, खरीदी भी होगी ज्यादा, लगेंगे 20 हजार करोड़
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रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल के मुकाबले इस साल खरीदी लक्ष्य को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुरूप जिलेवार खरीदी के लिए बारदाने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सहकारिता विभाग ने नोडल एजेंसी मार्कफेड को खरीदी के लिए वित्तीय व्यवस्था के लिए प्रस्ताव तैयार करने कहा है। बताया जाता है कि खरीदी का टारगेट बढ़ने के साथ ही इस बार करीब 20 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था करनी होगी। राज्य स्तर पर इसका प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। कैबिनेट की बैठक में खरीदी की तिथि और इसका लक्ष्य तय होगा।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे एवं सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने जिला सहकारी बैंक अध्यक्षों की बैठक लेकर धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा की। बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा इस बार राज्य से सेंट्रल पूल में चावल का कोटा पिछले साल के मुकाबले बढ़ाए जाने के बाद इस पर विचार किया। केंद्र सरकार ने इस बार राज्य से 61.65 लाख मीट्रिक टन चावल लेने के कोटा तय किया है। तय कोटा के हिसाब से लगभग 92 लाख मीट्रिक टन धान की खपत इसमें होगी। चूंकि राज्य से केंद्रीय पूल में केवल अरवा चावल ही जमा करने का आदेश जारी किया गया है। राज्य में मोटा और पतला दोनों किस्म के धान की खरीदी होती है, उसमें अरवा के अलावा उसना चावल भी तैयार होता है। ऐसे में राज्य सरकार से लिए जाने वाले कोटा में अरवा चावल की आपूर्ति में दिक्कत होती है। अत: उसकी पूर्ति के लिए अधिक धान खरीदी कर समय पर मिलिंग कराने की बाध्यता होती है।

सेंट्रल पूल में बढ़ा चावल का कोटा

केंद्र सरकार खरीफ वर्ष 2021-22 में छत्तीसगढ़ से कुल 61.65 लाख टन चावल की खरीदी करेगी। राज्य से करीब 37.65 लाख टन चावल और 24 लाख टन चावल पीडीएस के लिए लिया जाएगा। धान की मिलिंग और खरीदी की अवधि और मिलिंग डिलीवरी की अवधि सितंबर माह तक होती है। इस दौरान एफसीआई द्वारा उसना चावल अधिशेष के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता।

सवा करोड़ टन से अधिक की खरीदी

प्रदेश सरकार इस बार किसानों से 1 करोड़ 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने किसानों के पंजीयन के आधार पर उनसे खरीदी की व्यवस्था बनाई है। गिरदावरी के आधार पर जिलों में धान खरीदी का लक्ष्य तय किया जाता है। सभी जिलों में इसका कार्य शुरू हो गया है।

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