Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

CORONA LIVE CG: संक्रमण में मामूली कमी के बाद कृषि मंत्री ने कहा- संक्रमण सामान्य, दहशत में आने की जरूरत नहीं

प्रदेश में एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को 6 हजार 15 लोग संक्रमित मिले थे। शुक्रवार को डिस्चार्ज होने वालों की संख्या भी तीसरी लहर में सबसे अधिक थी। चार हजार 83 लोगों को डिस्चार्ज किया गया, जिसमें से केवल 197 अस्पताल में थे। इस वज़ह से शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कुछ थमती दिखी।स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटों में 60 हजार 257 सैंपल कलेक्ट किए गए। इस बीच छह हजार 153 लोग संक्रमित पाए गए। इस मान से प्रदेश की संक्रमण दर 10.21% हो गई है। पढ़िए पूरी ख़बर...

CORONA LIVE CG: संक्रमण में मामूली कमी के बाद कृषि मंत्री ने कहा- संक्रमण सामान्य, दहशत में आने की जरूरत नहीं
X

रायपुर: शुक्रवार को पिछले दिनों की तुलना में यहां कम मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को कोरोना से पांच मरीजों की मौत हो गई। इनमें से चार को कोरोना के अलावा दूसरी गंभीर बीमारियां भी थीं। एक मरीज की मौत की वजह कोरोना ही बताई गई है। यह मौतें दुर्ग, रायपुर, धमतरी, कोरबा और जांजगीर-चांपा में हुई हैं। 13 जनवरी को 7 मरीजों की मौत रिपोर्ट हुई थी। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक चार-चार मरीजों की जान गई थी। कोरोना संक्रमण से अब तक प्रदेश के 13 हजार 639 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को यहां एक हजार 859 नए मरीज मिले। 13 जनवरी को 2 हजार 20 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। 12 जनवरी को यहां से 1700 से अधिक मरीज मिले थे। इसी दौरान रायगढ़ में कोरोना विस्फोट हुआ है। यहां 949 नए मरीज मिले हैं। 13 जनवरी को यहां केवल 454 मरीज मिले थे। दुर्ग में 854, कोरबा में 444, बिलासपुर 391, जांजगीर-चांपा में 243 और राजनांदगांव में 209 नए मरीज मिले।

कृषि मंत्री रविंद्र चौबे

इन आंकड़ों के बीच कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा- अभी यह संक्रमण सामान्य सर्दी-खांसी जैसा ही दिख रहा है। लोगों को पैनिक होने अथवा दहशत में आने की जरूरत नहीं है। व्यापक संक्रमण होने के बावजूद भी अभी लोग हॉस्पिटल नहीं जा रहे हैं। इसका मतलब है कि इसमें पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है। दहशत में आने की जरूरत नहीं है। चौबे ने कहा, बेहद साधारण सर्दी-खांसी जैसा यह संक्रमण दिख रहा है। मैं समझता हूं कि जितनी जल्दी आया है उतनी ही जल्दी चला भी जाएगा। मंत्री ने कहा, पिछले दिनों रायपुर जिले के हालात की समीक्षा की थी। लोगों को हॉस्पिटलाइज्ड कम हो रहे हैं। ऑक्सीजन बेड की जरूरत ही नहीं पड़ रही है। वेंटिलेटर का तो सवाल ही पैदा नहीं हो रहा।

Next Story