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''इश्कबाज'' 3 भाइयों के आपसी प्यार और बॉन्डिंग की अनोखी कहानी

इस सीरियल में तीन भाइयों के आपसी प्यार की अनोखी कहानी दिखाई जा रही है।

इश्कबाज 3 भाइयों के आपसी प्यार और बॉन्डिंग की अनोखी कहानी
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मुंबई. स्टार प्लस पर हाल में ही शुरू हुआ है सीरियल-‘इश्कबाज’। इन दिनों टीवी पर आ रहे दूसरे सीरियल्स से इतर इसमें तीन भाइयों के आपसी प्यार और बॉन्डिंग की अनोखी कहानी दिखाई जा रही है। इन तीन भाइयों का किरदार निभा रहे हैं नकुल मेहता, कुणाल जयसिंह और लीनेश मट्टू। इस सीरियल के डिफरेंट कॉन्सेप्ट और भाइयों के बीच रिलेशंस के बारे में तीनों एक्टर्स ने हरिभूमि (रंगारंग) से शेयर किए अपने-अपने व्यूज...
हर हाल में करे जो प्यार का इजहार
वही होता है सच्चा इश्कबाज
नकुल मेहता
करीब दो साल के गैप के बाद नकुल मेहता फिर से फिक्शन शो में लौटे हैं। सीरियल ‘इश्कबाज’ में वह मुंबई के बहुत बड़े बिजनेस घराने ओबेरॉय फैमिली के सबसे बड़े बेटे शिवॉय सिंह ओबेरॉय की भूमिका निभा रहे हैं। शिवॉय बहुत ही बिजनेस माइंडेड, ईगोइश और रफ नेचर का बंदा है। लेकिन अपने दोनों छोटे भाइयों से वह बहुत प्यार करता है। क्या रियल लाइफ में भी नकुल शिवॉय जैसे ही रफ नेचर के हैं? ‘बिल्कुल नहीं’ नकुल जवाब देते हैं, ‘मुझमें शिवॉय का कोई भी नेचर सेम नहीं है। सच कहूं तो मैंने यह सीरियल इसीलिए किया क्योंकि सोचा कुछ नया करने का एक्सपीरियंस मिलेगा। क्योंकि मेरा मानना है कि एक्टर, आर्टिस्ट और राइटर के तौर पर हम स्वयं को ही खोजते रहते हैं।’
हालांकि सीरियल में तीनों भाई एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं लेकिन आमतौर पर रिच फैमिलीज में आपस के रिलेशन बहुत क्लोज नहीं होते हैं। सब अपनी-अपनी लाइफ में ही बिजी रहते हैं। इसके पीछे की वजह क्या होती है? इस सवाल पर नकुल कहते हैं, ‘एक्चुअली पैसा और पावर आने पर लोगों में ईगो बढ़ने लगता है, वे सेल्फिश हो जाते हैं। रिच फैमिलीज में सबको अपना रुतबा सबसे प्यारा होता है। दूसरे के बारे में सोचने का उनके पास वक्त भी नहीं होता है। जब भी किसी रिलेशन के बीच में ईगो और सेल्फिशनेस आ जाती है तो वो रिलेशन ब्रेक होने लगता है। मिडिल क्लास फैमिलीज में भले ही बेशुमार दौलत न हो लेकिन सभी फैमिली मेंबर्स एक-दूसरे का खयाल रखते हैं, प्यार करते हैं। क्योंकि वहां ईगो और रुतबे की बात नहीं आती है।’
सीरियल का नाम इश्कबाज है। नकुल रियल लाइफ में किसे इश्कबाज मानते हैं? इसके जवाब में वह कहते हैं, ‘मेरा मानना है कि हम सबमें प्यार यानी इश्क करने की क्षमता होती है। लेकिन कई बार पास्ट एक्सपीरियंस या किसी कंडीशन की वजह से हम प्यार का इजहार नहीं कर पाते हैं। जो इन सब बातों को पिछाड़कर अपने प्यार का इजहार करता है, वही सच्चा इश्कबाज होता है।’
सिर्फ लड़के-लड़की में नहीं होती इश्कबाजी
कुणाल जयसिंह
मुंबई में ही पले-बढ़े, थिएटर और मॉडलिंग करने के बाद अब एक्टिंग भी करने लगे हैं कुणाल जयसिंह। इन दिनों सीरियल ‘इश्कबाज’ में वह ओबेरॉय फैमिली के बीच वाले बेटे ओमकारा सिंह ओबेरॉय के रोल में दिख रहे हैं। हालांकि वह अपने आप में ही खोया रहता है लेकिन दोनों भाइयों से बहुत अटैच्ड है। यह पूछे जाने पर कि आजकल ज्यादातर फैमिलीज में रिलेशंस बहुत क्लोज न होने की क्या वजहें मानते हैं? कुणाल कहते हैं, ‘दरअसल, आजकल हम लोगों की लाइफस्टाइल बहुत फास्ट हो गई है। ज्वाइंट फैमिलीज अब शहरों में ही नहीं गांवों में भी टूटने लगी हैं। टेक्नोलॉजी के स्तर पर हम एडवांस हो रहे हैं लेकिन अपने इमोशंस से दूर होते जा रहे हैं। पैसा हमारे लिए सबसे इंपॉर्टेंट हो गया है। रैट रेस में इतने खोए रहते हैं कि अपने रिलेशंस की तरफ ध्यान ही नहीं दे पाते हैं।’
ओमकारा बहुत इमोशनल है, अपने दिल से ज्यादा सोचता है। बेसिकली वह आर्टिस्ट है। क्या कुणाल भी इमोशंस को ज्यादा इंपॉर्टेंस देते हैं? वह जवाब देते हैं, ‘जी हां, मैं भी बहुत इमोशनल हूं। सिर्फ फैमिली मेंबर्स से ही नहीं, घर में काम करने वाले स्टाफ से, फ्रेंड्स से सभी से बहुत प्यार से पेश आता हूं। दरअसल, हम सब सबसे पहले इंसान हैं, मैं यह कभी नहीं भूलता।’ आमतौर पर इश्कबाजी शब्द लड़के और लड़की के बीच होने वाले रोमांस के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन सीरियल में भाइयों के बीच प्यार और बॉन्डिंग की कहानी है। ऐसा क्यों? कुणाल क्लीयर करते हैं, ‘पहली बात इश्कबाजी, सिर्फ लड़के और लड़की के बीच नहीं होती है। मेरी नजर में वही इश्कबाज है, जो अपने भाई ही नहीं, घर-परिवार, दोस्तों के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता है। मैं अपनी फैमिली के लिए बहुत बड़ा इश्कबाज हूं। जहां तक रोमांटिक इश्कबाजी की बात है तो अभी मुझे उसका कोई एक्सपीरियंस नहीं है।’
इश्कबाज में है भाइयों की इश्कबाजी
लीनेश मट्टू
कश्मीर के रहने वाले लीनेश मट्टू ने बीटेक करने के दौरान ही मॉडलिंग शुरू कर दी थी और फिर पढ़ाई कंप्लीट कर एक्टिंग में हाथ आजमाने के लिए मुंबई आ गए। स्टार प्लस के ही सीरियल ‘सुहानी सी एक लड़की’ के बाद इन दिनों ‘इश्कबाज’ में ओबेरॉय फैमिली के सबसे छोटे बेटे रुद्र सिंह के किरदार में दिख रहे हैं। वह अमीर घराने का बिगड़ैल लड़का है, फिटनेस कॉन्शस, फनी नेचर का हमेशा लड़कियों से घिरा रहता है। लेकिन अपने सगे भाई ओमकारा और चाचा के बेटे शिवॉय के लिए कुछ भी कर सकता है। क्या रियल लाइफ में भी रुद्र ऐसे ही बिगड़ैल हैं? ‘अरे नहीं’ लीनेश हंसकर बताते हैं, ‘मैं तो रुद्र से बिल्कुल अपोजिट शाइ नेचर का हूं। किसी के सामने जल्दी खुलता नहीं हूं। मेरे लिए फैमिली ही सब कुछ है। इसीलिए इस कैरेक्टर को निभाने में शुरू में मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। एक बात जो हम दोनों में कॉमन है, वो है फिटनेस कॉन्शस। मैं भी अपनी फिटनेस और डाइट को लेकर बहुत कॉन्शस रहता हूं। मेरा मानना है कि सिर्फ एक्टर्स के लिए ही नहीं, हर किसी को हेल्दी-हैप्पी लाइफ के लिए अपनी फिटनेस पर पूरा ध्यान देना चाहिए।’ लीनेश इस सीरियल के नाम और इसके कॉन्सेप्ट को बहुत अनोखा मानते हैं। वह कहते हैं, ‘ज्यादातर सीरियल्स में सास-बहू के बीच रंगबाजी, धोखेबाजी या दूसरे रिलेशंस में दगाबाजी दिखाते हैं लेकिन इस सीरियल में पहली बार भाइयों के बीच इश्कबाजी दिखाई जा रही है। इसलिए इस सीरियल का नाम पूरी तरह जस्टीफाई करता है।’
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