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घर और ऑफिस में देना है बेस्ट वर्क आउटपुट, तो अपनाएं ये खास टिप्स

कुछ महिलाएं हर काम को बहुत ही अच्छे ढंग से करती हैं, जबकि उनके पास भी सबकी तरह सीमित समय ही होता है। आप भी अगर घर या ऑफिस के कामों में बेस्ट आउटपुट चाहती हैं तो कुछ बातों को अपने रूटीन में शामिल करें।

घर और ऑफिस में देना है बेस्ट वर्क आउटपुट, तो अपनाएं ये खास टिप्स

कुछ महिलाएं हर काम को बहुत ही अच्छे ढंग से करती हैं, जबकि उनके पास भी सबकी तरह सीमित समय ही होता है। आप भी अगर घर या ऑफिस के कामों में बेस्ट आउटपुट चाहती हैं तो कुछ बातों को अपने रूटीन में शामिल करें।

सविता वर्किंग वूमेन है। वह पूरा दिन ऑफिस में मन लगाकर काम करती है, हमेशा काम को लेकर कॉन्शस रहती है। इसके बावजूद आखिर में जब अपने काम की प्रोडक्टिविटी काउंट करती है तो निराश हो जाती है।

उसे लगता है कि जितनी उसने मेहनत की है, उस हिसाब से उसका आउटपुट नहीं मिला। इस वजह से वह कई-कई बार अपनी प्लानिंग में फेरबदल करती है। फिर भी उसे मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता।

दूसरी तरफ निशा है, वह हाउसवाइफ है। घर के कामों में हमेशा उलझी रहती है लेकिन कभी भी समय पर उसका कोई काम पूरा नहीं होता है। सविता और निशा ही नहीं कई महिलाओं के साथ ऐसा ही होता है।

ऐसे में अपने काम को सही तरीके से करने के लिए, अच्छा आउटपुट पाने के लिए, कुछ बेसिक बातों को अमल में लाना जरूरी है।

बेस्ट वर्क आउटपुट के लिए टिप्स :

1.जानें डिस्ट्रैक्शन

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि ऐसी कौन-सी बातें हैं, जो आपको डिस्ट्रैक्ट यानी आपको अपने काम से भटकाती हैं। आज की तारीख में सबसे बड़ा डिस्ट्रैक्शन है मोबाइल।

हमारी आदत हो चुकी है कि दो-दो मिनट में मोबाइल चेक करना, चाहे किसी कंपनी का मैसेज ही क्यों न आया हो, उसे खोलकर देखना हम जरूरी समझते हैं। ऐसा हम काम के बीच में भी करते हैं।

जिससे हमारी काम करने की एकाग्रता खत्म हो जाती है, इसलिए जब भी ऑफिस में कोई काम करें तो अपने मोबाइल से दूरी बनाकर रखें, इसे साइलेंट पर रख दें, नोटिफिकेशन भी बंद कर दें। इसके अलावा भी जो डिस्ट्रैक्शंस हों, जो आपको जरा भी परेशान करते हों, उनसे दूर रहें। तभी आपकी वर्क प्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है।

2.टाइम टेबल सेट करें

वर्क आउटपुट, प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में टाइम टेबल का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। जैसे आपने किसी एक काम को अगर एक घंटे का समय दिया है, तो सुनिश्चित करें कि हर हाल में अपने उस काम को एक घंटे में पूरा कर लें। ऐसा होने पर बचे हुए समय में आप दूसरे काम कर सकती हैं। इससे आपकी वर्क प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।

3.पहचानें प्रोडक्टिव टाइम

जिस तरह हर शख्स की काम करने की क्षमता अलग-अलग होती है, उसी तरह सबका प्रोडक्टिव टाइम भी अलग-अलग होता है। कुछ लोग सुबह-सुबह क्वालिटी वर्क कर पाते हैं, तो कुछ लोग दोपहर के समय ज्यादा एक्टिव होते हैं।

इसी तरह कुछ लोग शाम को काम करने में सहज रहते हैं। आप भी यह देखें कि किस समय सबसे ज्यादा काम कर सकती हैं। अगर सुबह के टाइम में सबसे ज्यादा काम कर सकती हैं तो उस समय अपने सभी मुश्किल कामों को पूरा करें। इसके बाद दूसरे कामों को पूरा करें।

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