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सिर्द दर्द को ना लें हल्के में, हो सकते हैं गंभीर परिणाम

अगर सिरदर्द के साथ उल्टी भी आये तो यह ब्रेन फीवर या बेन ट्यूमर के कारण भी हो सकता है।

सिर्द दर्द को ना लें हल्के में, हो सकते हैं गंभीर परिणाम
नई दिल्ली. मौजूदा दौर में लोग इतने अधिक भागदौड़ वाले जीवन में व्यस्त हो गए हैं कि वे अपनी सेहत की ओर सही ढंग से ध्यान नहीं देते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें भुतगना पड़ता है।
देखा जाए तो सिर दर्द की समस्या आम है, पर इसे हल्के में लेना घातक हो सकता है। इसके कई कारण हो सकते हैं। तेज धूप में रहना, भूख अधिक लगने से, थकान आदि कारणों से सिर दर्द की समस्या होती है।
आए दिन जीवन में जूझने वाली इन स्वास्थ्य समस्याओं को हम कभी दर्द की दवा खाकर तो कभी दर्दनिवारक मलहम लगाकर और कुछ देर आराम करके फिर से काम में जुट जाते हैं, लेकिन कुछ समस्याएं लगातार तंग करती हैं और पेनकिलर खाने से भी ठीक नहीं होतीं।
अगर ऐसा हो रहा हो, तो सतर्क हो रहें, क्योंकि ये संकेत किसी गंभीर बीमारी के भी हो सकते हैं। आमतौर सिर में दर्द होने को बहुत हल्के में लिया जाता है, लेकिन इस दर्द की कई ऐसी वजहें हो सकती हैं। जिनमें जरा सी लापरवाही भी खतरनाक हो सकती है।
अपने कामकाज में कितने भी व्यस्त रहें पर सेहत के प्रति लापरवाही न करें। सिरदर्द को हल्के में नहीं लें। कभी-कभी यह दर्द किसी गंभीर बीमारी पनपने का सूचक भी होता है। वैसे तो सिरदर्द बहुत ही कामन रूप से होता है, परंतु कभी-कभी यह कुछ आगामी बिमारियों के कारण भी हो सकता है।
इसकी गंभीरता को समझते हुए सिरदर्द होने पर चिकित्सक से सलाह कर उसका उचित उपचार कराएं। क्योंकि कभी-कभी यह माइग्रेन, तनाव एवं ब्रेन में होने वाली बिमारियां जैसे ब्रेन ट्यूमर की वजह से भी हो सकता है और यह घातक हो सकती है।
कभी सिर में चोट लगे तो चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए। जिससे समय पर उसका ठीक प्रकार से इलाज हो सके।
कुछ देर की राहत
लोग इसके लिए पेनकिलर ले लेते हैं और कुछ देर सो लेते हैं तो आराम आ जाता है, किंतु यह अगर लगातार बने रहे तो चिंता का विषय हो सकता है। किसी भी सूरत में इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। इसका सही ढंग से जांच कराना जरूरी है।
सिरदर्द के कुछ आम कारण
• अक्सर धूप में जाने या मौसम बदलने के कारण सिरदर्द हो जाता है।
• बहुत देर खाली पेट रहने से भी सिरदर्द हो जाता है।
• साथ ही वीडियो गेम खेलने या कंप्यूटर पर देर तक काम करने की वजह से आंखों पर जोर पड़ना।
• सिरदर्द होने की एक वजह साइनेसाइटिस भी हो सकता है।
• अगर सिर के पिछले हिस्से में दर्द हो, तो सर्वाइकल की वजह से हो सकता है।
• अगर सिरदर्द के साथ उल्टी भी आये तो यह ब्रेन फीवर या बेन ट्यूमर के कारण भी हो सकता है।
• हल्का सिरदर्द तनाव, थकावट या मौसम के बदलाव की वजह से हो सकता है लेकिन यह युवावस्था में लगातार बना रहता है तो माइग्रेन भी हो सकता है।
बचाव के तरीके
अगर सिरदर्द दवाइयों से ठीक न हो आैर रात में ज्यादा हो व शरीर में कमजोरी लगे, आंखों के सामने धुंधलापन दिखे, तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टरों की मानें तो सिरदर्द में लगातार दवाई खाने से भी तकलीफ बढ़ती है। इसलिए खुद से दवाइयां न खाकर दर्द के कारणों की जांच जरूर कराएं।
सिरदर्द की जांच कुशल एवं अनुभवी विशेषज्ञ से कराएं। सिरदर्द कितना भी पुराना हो दवाइयों से ठीक किया जा सकता है।
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