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गार्डनिंग टिप्स : जानिए घर में स्टीविया पौधा लगाने और देखभाल का सही तरीका

अगर आपको अपनी बगिया में सजावटी के साथ उपयोगी पौधे लगाने का शौक है तो स्टीविया को लगा सकती हैं। यह आपके बगिया की सुंदरता तो बढ़ाएगा ही साथ ही इसके औषधीय गुणों का भी लाभ उठा सकती हैं।

गार्डनिंग टिप्स : जानिए घर में स्टीविया पौधा लगाने और  देखभाल का सही तरीका
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Stevia plant Gardening Tips : स्टीविया (Stevia) एक ऐसा औषधीय पौधा है, जिसे शुगर प्लांट भी कहा जाता है। इस पौधे को गमलों, बगिया या खेतों में आसानी से उगाया जा सकता है। इसलिए आज हम आपको सेहत के गुणों से भरपूर स्टीविया पौधे को घर में लगाने का तरीका बता रहे हैं।

पौधे की विशेषताएं

स्टीविया की पत्तियां खाने में मीठी होती हैं, जिनका इस्तेमाल मधुमेह के रोगी अपनी चाय या कॉफी को मीठा बनाने के लिए करते हैं। यह शक्कर से लगभग 25 से 30 गुना अधिक मीठा कैलोरीरहित औषधीय पौधा है, जो दांतों और मसूड़ों की बीमारियों से भी राहत दिलाता है। इसमें मौजूद 15 खनिज-लवण और विटामिन इसे विशिष्ट बनाते हैं। इसकी पत्तियां और फूलों का इस्तेमाल सीधे किया जा सकता है।

लगाते समय रखें ध्यान

स्टीविया को अपनी बगिया में साल के किसी भी महीने में लगाया जा सकता है। इसके लिए 11 डिग्री सेंटीग्रेड तक का तापमान उपयुक्त होता है। अधिक ठंडी जलवायु में इसकी खेती नहीं की जा सकती। इसके लिए रेतीली, दोमट मिट्टी जिसका पीएच मान 6 से 7 के बीच हो, उपयुक्त होती है। इसे फरवरी और मार्च माह में लगाना चाहिए। इसके पौधे को अगर जमीन में रोपना हो तो इसके लिए 15 सेंटीमीटर ऊंचे और दो फीट चौड़ी मेड़ बनाकर इन्हें कतार में लगाना चाहिए। एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर होनी चाहिए।

खाद और मिट्टी

स्टीविया पौधे की पत्तियों को सीधे तोड़कर इस्तेमाल में लाया जा सकता है। यही वजह है कि इन पर किसी तरह के कीटनाशक या रासायनिक खाद का सीधा इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसे रोपने के समय नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश को मिट्टी में ही गोबर की खाद के साथ मिलाकर मिट्टी तैयार की जाती है।

पानी का ध्यान रखें

स्टीविया के पौधे को अधिक पानी की आवश्यकता होती है और इसे धान की तरह पानी में ही रोपा जाता है। अगर इसे गमले में लगाना है तो इसे रोज पानी देना चाहिए। वैसे तो इस पौधे में कीड़े या रोग नहीं लगते, लेकिन पत्तियों पर बोरान नामक तत्व की कमी होने के कारण धब्बे पड़ जाते हैं। इसमें कीड़ों को रोकने के लिए नीम के तेल को पानी में घोलकर इसका स्प्रे किया जाता है।

पौधे की कटाई

स्टीविया के पौधे रोपने के लगभग 90 दिन के बाद इसमें फूल आ जाते हैं, इन्हें उपयोग के लिए तोड़ सकते हैं। 4 महीने के बाद पौधे की कटाई करते रहना चाहिए। तीन चार साल के बाद इसकी पत्तियों में स्टीवियोसेड की मात्रा घट जाती है। इसके बाद पत्तियों को टहनियों से तोड़कर धूप में सुखा लिया जाता है और सूखी हुई पत्तियों से औषधियां तैयार की जाती हैं। अपनी बगिया में शौकिया तौर पर इस औषधीय पौधे को गमले में लगाकर इसकी पत्तियों का प्रयोग चाय और कॉफी में भी कर सकती हैं।

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