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बच्चों के मन में जगाएं देशभक्ति की भावना

बच्चे देश का भविष्य होते हैं, बड़े होकर देश को नई दिशा देंगे। अगर बचपन से ही उनके मन में देश के प्रति समर्पण, सच्चा प्रेम होगा तो वे भविष्य में बहुत बड़े बदलाव ला सकेंगे। इसके लिए जरूरी है, माता-पिता अपने बच्चों को आजादी के संघर्ष के बारे में विस्तार से बताएं, उनके भीतर देश-प्रेम की भावना जागृत करें।

बच्चों के मन में जगाएं देशभक्ति की भावना
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(फाइल फोटो)

बच्चों की अच्छी परवरिश करना, उनको संस्कारित करना हर माता-पिता का कर्तव्य है। बच्चों के मन में परिवार, समाज के साथ-साथ देश-प्रेम का भाव भी जगाना जरूरी है। इससे वे एक अच्छे नागरिक बनते हैं, देश-समाज के विकास में सहायक होते हैं। जब उनके मन में देशभक्ति की भावना होगी तो 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस का महत्व, आजादी का अर्थ गहरे से समझ पाएंगे। बच्चों में देश के प्रति समर्पण का भाव जगाने के लिए माता-पिता को कुछ प्रयास करने चाहिए।

आजादी का संघर्ष बताएं

बच्चों को यह जरूर बताएं कि हमारे देश ने स्वाधीनता कैसे हासिल की। देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने किस तरह संघर्ष किया, अंग्रजों के कैसे-कैसे जुल्म सहे, अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए, इनके बारे में विस्तार से बताएं। बच्चों को उन महापुरुषों की प्रेरणादायी कहानियां सुनाएं भी सुनाएं, जिनका आजादी की लड़ाई में विशेष योगदान रहा।

रचनात्मक तरीकों का लें सहारा

देश की स्वाधीनता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरों का कोलाज बनाएं, इसे बच्चों के कमरे में लगाएं। जब बच्चा किसी महापुरुष के बारे में पूछे तो उसे पूरी जानकारी दें। आप बच्चों को देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों की पेंटिंग बनाने को भी कहें, इससे वह आजादी की कहानी के बारे में बहुत कुछ जान पाएगा।

बच्चे थोड़े बड़े हैं तो भी उनके मन के भावों को भी रूप देना जरूरी होता है। बच्चे जब शब्दों में खुद के विचार प्रकट करने लगें तो उन्हें देशभक्ति की कविताओं, लेखों और कहानियों को लिखने के लिए प्रेरित करें। ऐसा करने से उनकी रचनात्मकता तो निखरेगी ही, साथ ही मन में देशभक्ति के भाव भी जगेंगे।

देश के प्रतीकों का सम्मान

बच्चों को तिरंगे का महत्व बताएं। इसके तीन रंगों के पीछे की भावना और अशोक चक्र की महत्ता की जानकारी दें। राष्ट्र- गान, राष्ट्र-गीत का अर्थ समझाएं। इससे उनका झुकाव और लगाव देश के प्रति बढ़ेगा।

टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

आजादी से जुड़े नाटक दिखाकर भी हम बच्चों में देशप्रेम की भावना जगा सकते हैं। लेकिन कोरोना काल में बाहर जाना संभव नहीं है, आप यू-ट्यूब पर स्वतंत्रता की यात्रा के विवरणों को सर्च करके बच्चों को दिखा सकती हैं। छोटी-छोटी शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या देशभक्ति के गीत आधारित प्रोग्राम बच्चों को दिखाएं। इससे भी उनके मन में देशप्रेम की भावना जागृत होगी।

कहने का सार यही है कि बच्चे जब आजादी के महत्व को समझेंगे, तभी इसका सम्मान करेंगे। देश के लिए उनका प्रेम बढ़ेगा। देश के लिए वे अपने कर्तव्यों को समझेंगे और इसे नई दिशा की तरफ लेकर जाएंगे।

बताएं आजादी की कीमत

हम बच्चों को यह जरूर बताएं कि किसी भी इंसान के लिए आजादी का क्या महत्व होता है? पराधीन होकर जीने का अर्थ है, जीवन के मोल को खो देना। इसके लिए आपको उनको बताना होगा कि पराधीन भारत में देश के नागरिकों की स्थिति कितनी खराब थी। अंग्रेजों ने किस तरह हमारी शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था, धार्मिक मान्यताओं का दमन किया। लेकिन आजाद भारत में हम अपने मूल्यों को जी सकते हैं, अपने हिसाब से खान-पान और पहनावा अपना सकते हैं, शिक्षा ले सकते हैं, गलत बात का विरोध कर सकते हैं, तो हमें अपनी आजादी को सहेज कर रखना चाहिए, इसकी कीमत को समझना चाहिए।

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