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हैप्पी लाइफ टिप्स : इन तरीकों से जानें कितनी खुशहाल हैं आप

Happy Life Tips : एक खुशहाल जीवन जीना तभी संभव है, जब आप अपने प्रति सच्ची बनें। लेकिन सवाल है कि अपने प्रति सच्चा कैसे बना जाए। इसके लिए कोई बड़े प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है, बस कुछ सामान्य बातों को अमल में लाएं।

हैप्पी लाइफ टिप्स :  इन तरीकों से जानें कितनी खुशहाल हैं आप
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Happy Life Tips : आपने इस बारे में कभी सोचा है कि क्या आप वही हैं, जो आप होना चाहती हैं या दूसरों की नकल करके उनके जैसा जीवन जीने की कोशिश कर रही हैं? कहने का मतलब है कि दूसरे लोग आपको पसंद करें, दूसरों से आप प्यार पाएं, उनकी नजर में अच्छे बनी रहें, इसके लिए कहीं आप एक नकली जीवन तो नहीं जी रही हैं? अगर ऐसा है तो जरा ठहर जाइए, ऐसा करना आपके के लिए ठीक नहीं है। इसके बजाय आप अपने प्रति सच्ची बनिए। लेकिन सच्चा बनने के लिए जरूरी है कि अपने व्यक्तित्व, व्यवहार में कुछ बातों को शामिल करें।

खुद को तलाशें

बचपन में दूसरों से प्यार पाने और दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए जैसा कोई हमें कहता है, हम वैसा ही करने लगते हैं। इसी के साथ हम पर अपेक्षाओं और हिदायतों का बोझ बढ़ जाता है और बड़े होकर भी हम दूसरों के अनुसार ही जीने की कोशिश करते हैं। अच्छा होने का तमगा पाने और दूसरों की निगाह में हमेशा अच्छा दिखने का दबाव हमें नकली बना देता है। दूसरों के अनुसार जीने के इन प्रयासों में हम वो नहीं बन पाते, जो बनना चाहते हैं। हम अपने मन के अनुसार जी नहीं पाते और अपनी खास पहचान को खोने लगते हैं। दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने, उनकी निगाह में अच्छा बनने के लिए हम अपने मन को पीछे छोड़ देते हैं और चेहरे पर झूठ का एक नकाब ओढ़ लेते हैं। हम स्वयं क्या हैं, इसे पूरी तरह भूल जाते हैं। लेकिन अपने प्रति सच्चे होने के लिए सबसे पहले इस बात का अहसास जरूरी है कि हम असल मायनों में क्या हैं यानी हमारा असल व्यवहार और गुण क्या है? इसलिए जब भी महसूस हो कि आप एक नकली जीवन जी रही हैं तो खुद को तलाशिए, अपने असल व्यक्तित्व को बाहर लाने की कोशिश कीजिए।

अपना आकलन करें

जब आप खुद को तलाश लेती हैं तो ओढ़े गए व्यवहार को आसानी से छोड़ पाती हैं। लेकिन खुद की तलाश करना आसान नहीं है, इसके लिए पहले अपना आकलन करना होता है। ऐसा करने के लिए पूरी दुनिया से एक बार अपने आपको अलग करके अपने भीतर झांककर देखिए। फिर खुद से सवाल कीजिए कि आपको कैसा इंसान बनना है, जो दुनिया की नजर में हैं या जैसा आप खुद होना चाहती हैं? आपको सही जवाब जरूर मिलेगा क्योंकि मन की बात हमेशा सच्ची होती है। इस तरह आप अपने सच्चे व्यक्तित्व से रूबरू होंगी।

स्वार्थ को त्यागें

अपने आपको तलाशने और आकलन करने के बाद भी आप अपने प्रति पूरी तरह सच्ची नहीं बन सकतीं, जब तक आप स्वार्थ को न त्याग दें। जब आप स्वार्थी होना छोड़ देती हैं तो परोपकार करने का भाव आपके भीतर आता है। जब आप परोपकार करने लगती हैं, लोगों की भलाई के बारे में सोचती हैं तो मन खुश होता है। आप स्वयं को लेकर अच्छा महसूस करने लगें, यही भाव आपको एक सच्चा इंसान बनता है।

साधारण जीवन का महत्व

खुशहाल और सच्चा जीवन जीने के लिए साधारण जीवन को अपनाना भी एक माध्यम है। असल में साधारण जीवन जीने से आप हर तरह की चकाचौंध से दूर हो जाती हैं, आप पर किसी के सामने हर समय सबसे बेहतर बनने का दबाव नहीं होता है, इसी वजह से आपको कोई दिखावा नहीं करना पड़ता है।

-विवेक कुमार

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