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क्या आपको भी है समझौता करने की आदत, तो जानिए इसके नुकसान

कभी-कभार या छोटी-मोटी बात पर समझौता करना बुरा नहीं। लेकिन जीवन के बड़े निर्णयों पर या हर मामले में अपने मन को मारकर समझौता करने की आदत आपको खुशी से वंचित ही रखेगी। इसलिए कोई भी समझौता करने से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी है।

क्या आपको भी है समझौता करने की आदत, तो जानिए इसके नुकसानCompromise Disadvantages In Hindi

किसी शख्स की अपनी निजी पहचान उसकी सोच से ही होती है। हमारी अपनी सोच और उस सोच पर अडिग रहने की हमारी दृढ़ता ही हमें दूसरों से अलग बनाती है। लेकिन अधिकतर महिलाएं अपनी तमाम दृढ़ मान्यताओं को कई बार सिर्फ इसलिए छोड़ देती हैं कि ऐसा करके वे अपने परिवार वालों या करीबियों को खुश कर देंगी। लेकिन संबंध विशेषज्ञ लेखिका एरिका जोंग लिखती हैं, 'आप दुनिया में किसी को भी गारंटी के साथ खुश नहीं कर सकते, सिवाय खुद के। इसलिए दूसरों को नहीं अपने आपको खुश करें और खुद की खुशी इसी बात पर होती है कि हम जो सोचें, वही कहें और सार्वजनिक रूप से वही करें।' यहां यह समझना भी जरूरी है कि आप खुश तब रहेंगी, जब बात-बात पर समझौता करने की आदत से दूर रहेंगी। लेकिन इसके लिए आपको पहले जानना होगा कि समझौता करने की आदत किस तरह आपको नुकसान पहुंचाती है।

करियर का नुकसान

अगर आपने किसी भी किस्म के तात्कालिक या दूरगामी स्थितियों को ध्यान में रखकर अपने करियर के साथ कंप्रोमाइज किया है तो यह कड़वा सच आपको स्वीकारना होगा कि न तो आपको कभी ढंग की सफलता मिलेगी और न ही सुकून। वास्तव में करियर हमारे आने वाले कल को तय करता है। इसलिए करियर चुनते वक्त किसी और की नहीं सिर्फ अपने मन की आवाज और अपनी क्षमताओं को महत्व दें। घर वालों, दोस्तों या शुभचिंतकों के दबाव में कोई समझौता न करें। केवल पैरेंट्स की इच्छा रखने के लिए उनके बताए सब्जेक्ट न पढ़ें। अगर आप साइंस को एंज्वॉय नहीं करते तो वे सब्जेक्ट पढ़ें, जिन्हें एंज्वॉय करते हों। अगर आपको टीचिंग पसंद है तो सिर्फ इसलिए आईएएस बनने की दौड़ में न शामिल हों कि उससे रुतबा मिलता है।

स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव

अपने स्वास्थ्य से कभी भी समझौता न करें। अगर हम अपने स्वास्थ्य से समझौता करते हैं तो यह न सिर्फ अपने साथ अन्याय होगा, साथ ही यह खुद लिया गया जोखिम होगा। अपने स्वास्थ्य के लिए संजीदा होना ही चाहिए। हमारा स्वास्थ्य सिर्फ हमारा नहीं होता बल्कि हमारे स्वास्थ्य के साथ हमारे परिवार का भी स्वास्थ्य जुड़ा होता है। इसलिए स्वास्थ्य के साथ मनमानी न करें। स्वास्थ्य के साथ किया गया यह समझौता किसी भी समय अपनी कीमत वसूल सकता है। वही खाएं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो। उतना ही खाएं जितनी आपके शरीर की जरूरत हों। किसी की मनुहार या दबाव में कुछ भी न खाएं। भले आपको लगे कि ऐसा करने से आपको घमंडी समझा जाएगा लेकिन अगर अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए घमंडी होने की तोहमत झेलनी पड़े तो कोई बात नहीं।

कहने का सार यही है कि समझौता करके अधूरे मन से किया गया कोई काम आपको कभी मन की खुशी नहीं देगा। इसलिए जहां तक संभव हो वहीं काम करें, जिसमें आपको मन की खुशी मिले।

विश्वास से समझौता न करें

जीवन के किसी मोड़ पर जब जाने के लिए सामने दो रास्ते हों तो उस रास्ते को ही चुनें, जिस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए आपका मन और विश्वास इजाजत दे। कभी भी खुद के मन से, विश्वास से समझौता न करें। अगर आपने ऐसा किया तो ताउम्र आपको इस बात का मलाल रहेगा क्योंकि समझौते की वजह से किया गया आपका फैसला गलत ही साबित होगा।

लेखिका - मीरा अमल टैगोर

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