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अनियमित पीरियड्स के कारण महिलाओं को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

महिलाओं के लिए पीरियड्स की समस्या आम है। लेकिन इसके समय से न होने पर उनके लिए यह समस्या बढ़ जाती है। लगातार बदलती जीवनशैली और ज्यादा तनाव के कारण कई लड़कियों व महिलाओं को यह समस्या होती है।

अनियमित पीरियड्स के कारण महिलाओं को हो सकती है ये गंभीर बीमारी

महिलाओं के लिए पीरियड्स की समस्या आम है। लेकिन इसके समय से न होने पर उनके लिए यह समस्या बढ़ जाती है। लगातार बदलती जीवनशैली और ज्यादा तनाव के कारण कई लड़कियों व महिलाओं को यह समस्या होती है।

लेकिन आपको बता दें कि अनियमित पीरियड्स का कभी-कभी होना तो ठीक हैं, लेकिन लगातार अनियमित पीरियड्स किसी गंभीर बीमारी का इशारा हो सकता है। अनियमित पीरियड्स होने से कई समस्याएं होती हैं।

जैसे चेहर पर बाल उग आना, मुंहासे, पिगमेंटेशन, यहां तक कि प्रेग्नेंसी में भी समस्या होती है। अनियमित पीरियड्स का असर लगातार ओवरी पर पड़ता है, जिसके कारण महिलाओं को पोलिसिस्टिक ओवरी डिसीज (पीसीओडी) की समस्या होती है।

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क्या है पीसीओडी

हर महीने महिलाओं की लेफ्ट और राइट ओवरी में पीरियड के बाद दूसरे दिन से अंडे बनने शुरू होते हैं। साइज के हो जाते हैं। इसके बाद फूटकर ट्यूब्स में चले जाते हैं। ओवरी में अंडे के फूटने के कुछ दिन बाद पीरियड शुरू हो जाती है।

लेकिन पीसीओडी में अंडे तो बनते हैं, पर फूटते नहीं। इससे पीरियड्स की समस्‍या सामने आती है। बिना फूटे अंडे ओवरी में ही रह जाते हैं और एक के बाद उनके सिस्ट बनते जाते हैं। लगातार सिस्ट बनने से कुछ समय बाद ही ओवरी ऐसी नजर आने लगती हैं कि जैसे उसमें कुछ भरा हो।

इसी ओवरी को पोलीसिस्टिक ओवरी कहते हैं। ये सिस्ट ट्यूमर नहीं होते, बल्कि इसमें ओवरी सिस्टिक हो चुकी होती है, जिसमें सिस्ट कभी दिखते हैं तो कभी दिखाई नहीं देते हैं।

बीमारी के कारण और लक्षण

  • ओवरी में जो सिस्ट बनते है उनमे एक तरह का पदार्थ पाया जाता है ये पुरुषों में पाया जाने वाला हारमोन, एंड्रोजन होता है।
  • लगातार सिस्ट बनने से महिलाओं में हारमोन की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी वजह से युवतियों के शरीर पर पुरुषों की तरह बाल उगने लगते हैं।
  • इस तरह महिलाओं को दाढ़ी-मूंछ निकलने लगती हैं।
  • इसके अलावा चेहरे, पेट, छाती और जांघों पर भी बाल निकलने लगते हैं।
  • एंड्रोजन की अधिकता के कारण शरीर की शुगर इस्तेमाल करने की क्षमता भी कम होती जाती है।
  • इसकी वजह से हमे शुगर कि बिमारी भी हो सकती हैं।
  • इससे शरीर फूलता चला जाता हैं और यही मोटापे का कारण बन जाता है।
  • मोटापा अधिक होने के कारण इस्ट्रोजन नामक हारमोन ज्यादा बनने की संभावना बढ़ जाती है।
  • इससे भविष्य में हार्ट अटैक भी हो सकता है। और शरीर में कोलेस्ट्रोल का सतुंलन भी बिगड़ सकता है।
  • इस्ट्रोजन अधिक मात्रा में बनता है, तो ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन भी ज्यादा बनता है, जिस की वजह से भी पीरियड्स में अनियमितता पाई जाती है।
  • साथ ही काफी दिनों तक इस्ट्रोजन ही बनता जाता है, और उसे बैलेंस करने वाला प्रोजेस्ट्रोन बन नहीं पाता।
  • यदि यूटरस में इस्ट्रोजन बहुत दिनों तक काम करता है, तो उसमें यूटराइन कैंसर होने के चांस ज्यादा हो जाते हैं।
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