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वर्ल्ड हेल्थ-डे स्पेशल, हेल्दी लाइफ जीने के राज हुए उजागर

हेल्दी लाइफ का संबंध हेल्दी डाइट से होता है।

वर्ल्ड हेल्थ-डे स्पेशल, हेल्दी लाइफ जीने के राज हुए उजागर
नई दिल्ली. वर्ल्ड हेल्थ डे (7 अप्रैल) स्पेशल पर हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जो आपको उम्र भर सेहतमंद रखेंगे। हेल्दी लाइफ का संबंध हेल्दी डाइट से होता है। लेकिन इसको जानते हुए भी ज्यादातर लोग न्यूट्रीशस डाइट को लेकर कॉन्शस नहीं रहते और अनहेल्दी डाइट प्रेफर करते हैं। नतीजा, हमारे शरीर में न्यूट्रीशस एलिमेंट्स की कमी हो जाती है और हमारी हेल्थ पर बैड इफेक्ट पड़ता है। आपके साथ ऐसा न हो, इसके लिए जानिए न्यूट्रीशस डाइट से जुड़ी जरूरी बातें।हेल्दी रहने के लिए जरूरी है कि रेग्युलर न्यूट्रीशस डाइट लें, लेकिन बहुत से लोग इसके प्रति कॉन्शस नहीं रहते। गलत डाइट लेने के कारण हमें कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे में हेल्दी डाइट के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट का मतलब है, बॉडी के लिए जरूरी लगभग सभी न्यूट्रीशस एलिमेंट्स का डाइट में शामिल होना। ये न्यूट्रीएंट्स दो भागों में बंटे होते हैं, मेजर और माइक्रो। मेजर न्यूट्रीएंट्स के तहत काबरेहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट, मैक्रोमिनरल्स (सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और क्लोराइड) और वाटर आते हैं। जबकि माइक्रो न्यूट्रीएंट्स के तहत सभी विटामिंस और माइक्रोमिनरल्स (कॉपर, क्रोमियम, आयोडीन, आयरन, मैंगनीज, जिंक, मॉलिब्डेनम और सेलेनियम) आते हैं।
फिट और एनज्रेटिक बने रहने के लिए सभी को अपनी रेग्युलर डाइट (एक पूरे दिन की डाइट) में सभी माइक्रो और मेजर न्यूट्रीएंट्स को शामिल करना चाहिए। लेकिन यहां इस बात का भी ख्याल रखना जरूरी है कि हम अपनी डाइट में जिन डाइटरी प्रोडक्ट्स को शामिल कर रहे हैं, उनमें पाए जाने वाले न्यूट्रीशस एलिमेंट्स की मात्रा हमारे जेंडर, वेट और हाइट के अनुसार सही है या नहीं। डाइट में मौजूद माइक्रो और मेजर एलिमेंट्स हमारे पूरे दिन की आवश्यकता को पूरा कर रहे हैं या नहीं। कई बार ऐसा होता है, जब हम जाने-अनजाने किसी एलिमेंट का जरूरत से ज्यादा सेवन करने लगते हैं, तो किसी का बेहद कम। डाइट को लेकर इस तरह की लापरवाही यानी कम या ज्यादा मात्रा में डाइट लेना हमारे लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। ज्यादा मात्रा में न्यूट्रीएंट्स लेने से एक ओर जहां इनका इंबैलेंस हो जाता है, वहीं कम लेने से इसकी डेफिसिएंसी हो जाती है। ये दोनों ही स्थितियां हेल्थ के लिए ठीक नहीं होती हैं। काबरेहाइड्रेट हमें एनर्जी देते हैं। लेकिन जब हमारे शरीर में इनकी कमी हो जाती है तो हमारे ब्रेन का एनर्जी लेवल कम हो जाता है। ऐसा होने पर हमारा ब्रेन प्रॉपर वे में काम नहीं कर पाता है। वहीं प्रोटीन की कमी से वीकनेस हो जाती है। फैट हमारे कॉग्निटिव डेवलपमेंट, ब्रेन डेवलपमेंट, नर्व लाइनिंग, आई साइट के लिए जरूरी होता है। इसकी कमी से इन सभी फंक्शंस पर नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है। विटामिंस और मिनरल्स प्रोटेक्टिव एलिमेंट्स होते हैं। ये फूट्र और वेजिटेबल्स में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये इम्यूनिटी बूस्टर होते हैं। इस वजह से ये कई बीमारियों और इंफेक्शंस से बचाते हैं।
हेल्दी डाइट न लेने से हमारे शरीर में न्यूट्रीशस एलिमेंट्स की कमी हो जाती है। इस वजह से हार्ट प्रॉब्लम्स जैसे, मायोकार्डियल इंफ्रैक्शन, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, अथरेस्क्लेरोसिस हो सकती है। ओबिसिटी, कॉन्सटिपेशन, डायबिटीज, कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, लिवर डिसऑर्डर्स जैसे क्रॉनिक लीवर डिजीज, फैटी लीवर, लीवर सिरोसिस से ग्रस्त हो सकते हैं। हमें किडनी डिसऑर्डर्स जैसे क्रॉनिक किडनी डिजीज, नेफ्रोटिक सिंड्रोम आदि प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इतना ही नहीं, विटामिंस और मिनरल्स डेफिसिएंसीज होने पर हमारी इम्यूनिटी वीक हो जाती है और बार-बार इंफेक्शन का शिकार होने लगते हैं।
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