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Exclusive Interview: डेजी शाह ने खोली अपनी सफलता की चाबी, स्टार कास्ट को लेकर कही ये बड़ी बात

अपने करियर की शुरुआत डेजी शाह ने बतौर बैकग्राउंड डांसर की थी, इसके बाद कोरियोग्राफर बनी। अब वह फिल्म रेस 3 में अपनी भूमिका निभाने जा रही हैँ।

Exclusive Interview: डेजी शाह ने खोली अपनी सफलता की चाबी, स्टार कास्ट को लेकर कही ये बड़ी बात

अपने करियर की शुरुआत डेजी शाह ने बतौर बैकग्राउंड डांसर की थी, इसके बाद कोरियोग्राफर बनी। फिर सलमान खान स्टारर फिल्म ‘जय हो’ से उन्होंने एक्ट्रेस के तौर पर नई पारी शुरू की, इसमें एक सिंपल किस्म की लड़की का रोल किया था। इसके बाद फिल्म ‘हेट स्टोरी 3’ में डेजी का बोल्ड अंदाज दर्शकों को देखने को मिला। अब वह ‘रेस 3’ में नजर आएंगी। बातचीत डेजी शाह से।

आपने ‘रेस 1’ और ‘रेस 2’ के कुछ सॉन्ग्स में बतौर असिस्टेंट काम किया था। आज आप ‘रेस 3’ की हीरोइन हैं, क्या कभी सोचा था कि ऐसा होगा?

बिल्कुल भी नहीं। जब मैं रेस 1 और 2 के गाने को असिस्ट कर रही थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी ‘रेस 3’ में कैमरे के आगे परफॉर्म करूंगी। जब मुझे प्रोड्यूसर रमेश तोरानी जी की ओर से ‘रेस 3’ का ऑफर मिला और मुझे फाइनल किया गया तो लगा कि मैं कोई सपना देख रही हूं।

फिल्म ‘रेस 3’ की कहानी और इसमें आपका किरदार क्या है?

फिल्म की कहानी पूरी तरह से एक परिवार पर बेस्ड है। एक ऐसा परिवार, जहां कोई किसी पर ट्रस्ट नहीं करता, कौन गलत है कौन सही, कौन पॉजिटिव, कौन नेगेटिव कोई नहीं जानता। दिलचस्प बात तो यह है कि आखिरी तक भी इस बात का खुलासा नहीं हो पाता है।

फिल्म में मैं उसी फैमिली की एक मेंबर बनी हूं। मेरे किरदार का नाम संजना है। वह बचपन से लड़कों के बीच रही है, जैसे भाई, पिता और बॉडीगॉर्ड। इस वजह से संजना भी रफ-टफ है। उसकी फैमिली आर्म्स का बिजनेस करती है। उसे पता चलता है कि उसके फैमिली के कई दुश्मन हैं। जिनसे निपटने के लिए वो खुद को फिजिकली फिट रखती है और मार-धाड़ के लिए हमेशा तैयार रहती हैं।

संजना के किरदार में ढलने के लिए आपने खुद को कैसे तैयार किया?

संजना बनने के लिए मुझे अपना ब्रेन वॉश करना पड़ता था। बार-बार खुद को यह बात याद दिलानी पड़ती थी कि मुझसे ऊपर दुनिया में कोई नहीं है। संजना बहुत ही रिच फैमिली से ताल्लुख करती है। वह ब्रैंडेड ड्रेसेस पहनती है, उसका एटीट्यूट बिल्कुल अलग है।

जबकि असल जिंदगी में मैं बहुत सामान्य परिवार से आती हूं, मेरे पापा ड्राइवर थे। ऐसे में रिच फैमिली की लड़की की तरह एटीट्यूट दिखाना, खुद को घमंडी दिखाना मुश्किल था। इसके साथ ही फिल्म में मैंने गन भी चलाई है, कई एक्शन सीन भी किए हैं।

फिल्म में सलमान खान और अनिल कपूर जैसे एक्टर भी हैं, उनके साथ वर्किंग एक्सपीरियंस कैसे रहे?

सलमान खान के साथ मैंने पहले भी काम किया है, इसलिए उनके साथ काम करना ईजी था। लेकिन अनिल कपूर के साथ पहली बार काम किया है। ऐसे में उनके साथ शूटिंग करने को लेकर मैं डरी हुई थी। लेकिन सेट पर आते ही अनिल सर बोले- ‘चलो रिहर्सल करते हैं।’

इस तरह उन्होंने इतनी बार रिहर्सल करवाई कि शूटिंग करना बहुत ईजी हो गया। बाद में मैंने महसूस किया कि रिहर्सल की जरूरत अनिल सर को नहीं, मुझे थी, उन्होंने मुझे सिखाने के लिए रिहर्सल करवाई। जहां तक सलमान की बात है, उन्होंने एक्शन सीन में मेरी बहुत मदद की, मुझे किक करना, पंच मारना सिखाया।

बॉलीवुड की रेस में आप खुद को कहां पाती हैं? आपकी रेस किसके साथ है?

बॉलीवुड की रेस में मैं अभी कहां हूं, यह तो नहीं जानती। हां, मैं इस बात को लेकर श्योर हूं कि मेरी रेस अपने आप से है। मेरा मानना है कि खुद को आगे बढ़ाने की लगातार कोशिश करनी चाहिए। दूसरे क्या कर रहे हैं, यह नहीं देखना चाहिए।

फिल्म ‘जय हो’ में आप आम लड़की बनीं, ‘हेट स्टोरी 3’ में बोल्ड और अब ‘रेस 3’ में एक्शन कर रही हैं। आपका रोल्स सेलेक्शन को लेकर क्या क्राइटेरिया होता है?

मेरी हमेशा यही कोशिश होती है कि हर बार कुछ नया करूं। नई-नई चीजों का एक्सपीरियंस लूं। मैंने पहले गर्ल नेक्स्ट डोर का किरदार किया, फिर बोल्ड लुक लिया और अब एक्शन कर रही हूं। मेरा मानना है कि जब तक मैं हर तरह के रोल करके नहीं देखूंगी।

तब तक मुझे यह नहीं पता चल पाएगा कि मेरे लिए एक्टिंग का कौन-सा जॉनर बेस्ट है। इसलिए मैं हर बार कुछ नया करके उसे एक्सपीरियंस कर रही हूं, तभी तो मैं सबसे कहती हूं कि अभी मेरा एक्सपीरियंस गेन करने का पीरियड चल रहा है।

आप अपने अब तक के सफर को कैसे देखती हैं?

मैंने सलमान खान के साथ फिल्म ‘तेरे नाम’ में बैकग्राउंड में डांस किया था। रितिक रोशन की फिल्म ‘आप मुझे अच्छे लगने लगे’ में गरबा गाने पर परफॉर्म किया। ऐसे कई गाने मैंने किए हैं। आज जब मैं उन गानों को टीवी पर देखती हूं तो खुद को खोजती हूं कि मैं उसमें कहां हूं?

देखकर बहुत खुशी होती है कि उस वक्त मैं क्या थी, आज क्या हूं। मेरे पापा एक ड्राइवर थे, मैं डोंबिवली में रहती थी। मुझे लगता है कि अगर मैं यह मुकाम हासिल कर सकती हूं तो कोई भी यहां तक पहुंच सकता है।

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