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ईसा मसीह का संदेश : जान-बूझकर कोई गलती नहीं करते, आप भी सीख जाएंगे क्षमा करना

ईसा मसीह का क्षमाशील व्यवहार, हम सभी को जीवन में इस गुण का महत्व बताता है। आप भी इस गुण को आत्मसात करके सुकून भरा जीवन जी सकती हैं। कैसे संभव है इस भाव को सीखना, आपके लिए उपयोगी सलाह।

ईसा मसीह का संदेश : जान-बूझकर कोई गलती नहीं करते, आप भी सीख जाएंगे क्षमा करना
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जब ईसा मसीह को उनके विरोधी सलीब पर चढ़ा रहे थे तो असहनीय दर्द के बावजूद ईसा ने कहा था, ‘हे परमपिता, इन्हें क्षमा करना, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं?’ ऐसी क्षमा की भावना जिसके हृदय में हो, वह महात्मा या ईश्वर ही हो सकता है। अगर आज के द्वेष से भरे वातावरण में हर किसी के मन में क्षमा का भाव, गुण शामिल हो जाए तो एक खुशहाल समाज का निर्माण संभव है। यह तभी मुमकिन होगा, जब क्षमा के गुण को अपने व्यवहार में, जीवन में शामिल करने के लिए कुछ छोटे-छोटे प्रयास किए जाएं।

करें नजरअंदाज

किसी को क्षमा करने के लिए आपको चाहिए कि पहले उसकी छोटी-छोटी गल्तियों को नजरअंदाज करें। कई बार आपके अपने या करीबी जान-बूझकर कोई गलती नहीं करते हैं, अनजाने में उनसे ऐसा हो जाता है। आपको चाहिए कि उनकी मंशा को समझें, अगर वह अपनी गलती के लिए शर्मिंदा है और आगे ऐसा न करने की बात कहता है तो आपको भी उन्हें माफ कर देना चाहिए। जो आपसे प्रेम करते हैं या जिन्हें आप प्रेम करते हैं, उन्हें क्षमा करना ही चाहिए। यह प्रेम की राह को सरल बनाता है, इससे मनमुटाव दूर होते हैं।

बहुत सोच-विचार न करें

अकसर हम सभी के साथ ऐसा होता है कि कोई हमें दुख पहुंचाता है तो इस बात को हम लंबे समय तक नहीं भूल पाते हैं। दुख देने वाले इंसान को माफ करना हमारे लिए आसान नहीं होता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि हम दुख देने वाली बात को मन से लगा लेते हैं। वक्त-बेवक्त उस पर सोचते हैं, मंथन करते हैं कि उस शख्स ने आखिर हमारे साथ ऐसा क्यों किया? जबकि अपनी जिंदगी के सुकून के लिए जरूरी है कि हम किसी की गलती या किसी से मिले दुख को लेकर ज्यादा न सोचें, उन्हें क्षमा करें और जल्द से जल्द उस बात को भूल जाएं।

खुद को भी क्षमा करें

दूसरों को ही नहीं हमें अपने आप को भी क्षमा करना चाहिए। हम अकसर अपने द्वारा की गई गल्तियों के लिए अपराधबोध से ग्रस्त रहकर खुद की बहुत आलोचना करते हैं। इससे हमारा आत्मबल कम होता है, इससे प्रोफेशनल, पर्सनल लाइफ पर भी विपरीत असर पड़ता है। इसलिए अपनी गल्तियों के लिए खुद को भी क्षमा करना जरूरी है। लेकिन खुद के द्वारा की गई गल्तियां कभी दोहराएं नहीं, इस बात का संकल्प जरूर लें।

शरीर के लिए भी लाभकारी क्षमा

शोधों में पाया गया है कि लोगों की गल्तियों को माफ कर देने से यानी क्षमा करने से सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सैनडियागो स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के शोधकर्ताओं ने अपने एक अध्ययन में पाया कि क्षमा करने वालों का बीपी कंट्रोल में रहता है, जिससे हार्ट डिजीज और अन्य बीमारियों से प्रोटेक्शन मिलती है। क्षमा करने से उत्तेजना शांत होती है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहता है। साथ ही नींद भी अच्छी आती है।
साइकोलॉजिस्ट, लेखक और फॉरगिवनेस थेरेपी एक्सपर्ट रॉबर्ट डी. एनराइट कहते हैं, ‘दयालुता और लोगों से प्यार की भावना ही क्षमा करने के लिए प्रेरित करती है। भले ही आपके लिए ऐसा करना भावनात्मक रूप से कठिन हो, लेकिन आपको अपनी सेहत की खातिर यह गुण अपना लेना चाहिए।’

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